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Delhi SIR के तहत वोटर लिस्ट में नाम नहीं तो कौन-सा फॉर्म भरें? 30 अक्टूबर तक मौका, जानें पूरा प्रोसेस

दिल्ली में SIR के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम जांचने और दावे-आपत्तियां दर्ज कराने की आखिरी तारीख 30 अक्टूबर 2026 है. ऐसे में चुनाव आयोग ने मतदाताओं से समय रहते जरूरी फॉर्म भरने की अपील की है.

Delhi SIR के तहत वोटर लिस्ट में नाम नहीं तो कौन-सा फॉर्म भरें? 30 अक्टूबर तक मौका, जानें पूरा प्रोसेस
Image Credit: AI IMAGE

चुनाव आयोग ने दिल्ली में SIR की प्रक्रिया के दौरान कोई भी योग्य मतदाता वोटर लिस्ट से न छूटे इसके लिए 1 अक्टूबर 2026 को क्वालिफाइंग तारीख माना गया है. चुनाव आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 के तहत यह एसआईआर दिल्ली में शुरू करने का निर्देश दिया था. दिल्ली में SIR 30 जून 2026 को शुरू हुआ. एन्यूमरेशन फेज की आखिरी तारीख 17 अगस्त 2026 थी.

वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए कैसे चेक की जाती है उम्र ?
बता दें कि भारत निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए आपकी उम्र देखी जाती है. पहले, साल में केवल 1 जनवरी ही क्वालिफाइंग तारीख होती थी. मगर अब जनप्रतिनिधित्व अधिनियम में संशोधन के बाद साल में चार क्वालिफाइंग तारीखें होती हैं: 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर. इसका मतलब है कि अगर इन तारीखों तक आपकी उम्र 18 वर्ष पूरी हो जाती है तो आप वोटर लिस्ट में नाम दर्ज करा सकते हैं.

दिल्ली में  4 दिसंबर 2026 को जारी है फाइन वोटर लिस्ट 
पूरा शेड्यूल इस तरह है कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन 31 अगस्त 2026 को हुआ, दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि 31 अगस्त से 30 अक्टूबर तक रखी गई है, नोटिस फेज/दावों-आपत्तियों का निपटारा 31 अगस्त से 30 नवंबर तक किया जाएगा और फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन 4 दिसंबर 2026 को होगा.
एन्यूमरेशन फेज के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने घर-घर जाकर उन मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म बांटे और इकट्ठा किए, जिनके नाम एसआईआर शुरू होने पर वोटर लिस्ट में थे.

दिल्ली में कुल 1,45,10,299 मतदाता वोटर लिस्ट में दर्ज
SIR शुरू होने पर दिल्ली में कुल 1,45,10,299 मतदाता वोटर लिस्ट में दर्ज थे. 30 जून से 17 अगस्त के बीच 100 प्रतिशत फॉर्म बांटे गए. 17 अगस्त तक कुल 97,53,577 मतदाताओं ने अपने फॉर्म जमा किए. 47,56,722 मतदाताओं ने फॉर्म वापस नहीं किए, क्योंकि वे अनुपस्थित, शिफ्टेड, मृत या डुप्लिकेट पाए गए. ऐसे मतदाताओं की लिस्ट सीईओ, दिल्ली की वेबसाइट पर उपलब्ध है.

जमा हुए फॉर्म के आधार पर 31 अगस्त को ड्राफ्ट रोल जारी किया गया. इसे सीईओ, दिल्ली, डीईओ की वेबसाइट, सभी वोटर सेंटर और तय जगहों पर दिखाया गया. ड्राफ्ट रोल में कुल 97,53,577 मतदाता हैं, जिनमें 49,88,993 पुरुष, 47,64,137 महिलाएं और 447 थर्ड जेंडर के मतदाता हैं.

दिल्ली में SIR के तहत दावों-आपत्तियों की 30 अक्टूबर लास्ट डेट
फिलहाल 31 अगस्त से 30 अक्टूबर तक नोटिस और दावों-आपत्तियों का दौर चल रहा है. ड्राफ्ट रोल में शामिल 97,53,577 में से 33,14,032 मतदाताओं को सिस्टम ने नोटिस जारी किया है. इसमें 13,79,789 मामले नो-मैपिंग के हैं यानी वे 2002 में हुए आखिरी SIR से खुद को मैप नहीं कर पाए और 19,34,243 मामले लॉजिकल गड़बड़ी के हैं. इनकी लिस्ट सीईओ, दिल्ली की वेबसाइट पर उपलब्ध है.

अब तक 31,26,576 यानी 94.34 प्रतिशत नोटिसों का निपटारा हो चुका है और उन्हें फाइनल रोल में शामिल करने के लिए रखा गया है. लॉजिकल गड़बड़ी के 100 प्रतिशत नोटिस जारी किए जा चुके हैं. आयोग के 29 सितंबर 2026 के निर्देश के बाद ईआरओ और एईआरओ ने दस्तावेज इकट्ठा किए और 18,96,675 यानी 98.05 प्रतिशत मामले सुलझा लिए गए हैं. बाकी मामलों का निपटारा जल्द होगा. आयोग के निर्देश के अनुसार, नोटिस का निपटारा 30 नवंबर 2026 तक होना है.
ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं को जोड़ने के लिए दिल्ली के सभी 14,947 पोलिंग स्टेशनों पर एक लाख से ज्यादा स्पेशल कैंप लगाए गए. इन कैंपों में कुल मिलाकर 38,849 फॉर्म मिले.

ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद अब तक 3,88,429 फॉर्म मिले हैं. 31 अगस्त से पहले भी 5,24,639 फॉर्म मिले थे. फॉर्म 9, 10, 11, 11ए और 11बी के दावों-आपत्तियों की लिस्ट सीईओ, दिल्ली की वेबसाइट और हर हफ्ते मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ साझा की जा रही है.

शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी  
ईआरओ/एईआरओ बिना उचित सुनवाई का मौका दिए ड्राफ्ट रोल से कोई नाम नहीं हटाएंगे. शिकायत के लिए जिला और विधानसभा स्तर पर हेल्पडेस्क की सुविधा दी गई है और 1950 हेल्पलाइन भी जारी की गई है.

इस पूरी प्रक्रिया में 13 जिला निर्वाचन अधिकारी, 70 ईआरओ, 902 एईआरओ और 14,947 बीएलओ लगे हैं, जिनकी निगरानी सीईओ, दिल्ली और चुनाव आयोग कर रहे हैं. 33,226 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) भी राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त किए गए हैं.

वोटर लिस्ट में नाम नहीं तो जानें कि आखिर कौन सा फॉर्म भरें? 
चुनाव आयोग ने अपील की है कि दावों-आपत्तियों की अवधि में केवल 3 दिन बचे हैं. सभी दिल्लीवासी ड्राफ्ट रोल में अपना नाम जांच लें. अगर नाम नहीं है तो 30 अक्टूबर से पहले फॉर्म-6 (नया वोटर), फॉर्म-7 (नाम जोड़ने/हटाने की आपत्ति) या फॉर्म-8 (पता बदलना, सुधार, ईपीआईसी बदलना) भर दें.

(Input: IANS) 

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About the Author

Renu Akarniya

Renu Akarniya

रेनू अकर्णिया, वर्तमान में Zee News में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा की लेटेस्ट, ट्रेंडिंग कंटेंट, यूटिलिटी जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. रेनू पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. पत्रकारिता में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने 2022 में Zee News से करियर की शुरुआत की.  लोकल चैनल समाचार प्लस में इंटर्न से शुरुआत की और कारवां बढ़ता हुआ जी न्यूज पहुंचा.
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