Delhi Building Collapsed: सीमापुरी हादसे में मौत का आंकड़ा पहुंचा 5, दूसरे दिन भी रेस्क्यू जारी; इमारत गिरने की वजह आई सामने
पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी में पांच मंजिला इमारत गिरने से मृतकों की संख्या 5 हो गई है, जबकि 8 लोग घायल हैं. NDRF समेत कई एजेंसियां हादसे के दूसरे दिन भी मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रही हैं.
Delhi Seemapuri Building Collapsed: पूर्वी दिल्ली में सीमापुरी बिल्डिंग गिरने की घटना में मरने वालों की संख्या गुरुवार को बढ़कर पांच हो गई, जब बचाव दल ने मलबे से दो और शव बरामद किए. मरने वालों की पहचान नुसरत उर्फ गुरिया और हाजरा बीबी के तौर पर हुई है. इससे पहले तीन और लोगों की मौत हो चुकी थी, जिनमें एक 12 साल की लड़की, 21 साल की गुलाफ्सा, जो करीब चार महीने की प्रेग्नेंट थी और करीब डेढ़ साल का एक बच्चा शामिल है. दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विसेज, NDRF, DDMA, MCD और DUSIB की टीमें मौके पर बचाव और मलबा हटाने का काम जारी रखे हुए हैं.
सीमापुरी हादसे में 5 की मौत, 8 घायल
डीसीपी शाहदरा राजेंद्र प्रसाद मीणा के मुताबिक, हादसे के बाद अब तक कुल 12 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है. इनमें आठ घायलों को इलाज के लिए ताहिरपुर स्थित राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भेजा गया है. घायलों में मोमीन मिर्जा (56), अब्दान (3), अब्दुल रहमान (28), देवरुद्दीन (28), सलमा (50), छोटे (34), सकीना (35) और समद (30) शामिल हैं. वहीं मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है.
भूकंप बाद बिल्डिंग में आई दरारें
सीमापुरी में ईदगाह मछली मंडी के पास बनी पांच मंजिला बिल्डिंग बुधवार दोपहर को गिर गिरी थी. अधिकारियों का कहना है कि मंगलवार शाम को उत्तराखंड में आए भूकंप के झटकों के बाद बिल्डिंग में दरारें आ गई थीं. हालांकि, गिरने का सही कारण अभी पता नहीं चल पाया है.
स्थानीय लोगों का दावा है कि मंगलवार रात आए भूकंप के बाद 5 मंजिला इमारत में दरारें दिखाई देने लगी थीं. पड़ोसियों के मुताबिक, इसके बाद मकान मालिक इमारत खाली कराने की कोशिश कर रहा था. हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है. संबंधित विभागों की जांच और तकनीकी आकलन के बाद ही यह साफ होगा कि इमारत किन परिस्थितियों में ढही.
क्षतिग्रस्त मकान के बराबर वाले घर को MCD ने दिया था नोटिस
मृतक के परिजनों ने बताया कि जो पांच मंजिला मकान गिरा उसके बराबर में एक मकान था, जिसे एमसीडी द्वारा नोटिस दिया गया था. उसमें ही रिपेयरिंग का काम चल रहा था.
करीब 20 से 25 साल पुरानी यह इमारत न्यू सीमापुरी के ई-ब्लॉक में ई-401 नंबर के करीब 25 वर्ग गज के प्लॉट पर बनी थी. एमसीडी के मुताबिक, यह झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्र में आता है और जमीन डीयूएसआईबी की है. स्थानीय लोगों के अनुसार शुरुआत में इमारत केवल दो मंजिला थी. बाद में इसमें अतिरिक्त निर्माण किया गया और पिछले करीब डेढ़ साल में तीन मंजिलें और बनाए जाने की बात सामने आई है. ग्राउंड फ्लोर पर दुकानें थीं, जबकि ऊपरी मंजिलों में अलग-अलग परिवार रहते थे.
हादसे के बाद मलबा हटाने में कई विभागों की टीमें एक साथ जुटीं. दिल्ली पुलिस, दमकल, एमसीडी, डीडीएमए और एनडीआरएफ की संयुक्त टीमों ने मलबे को हिस्सों में हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश की. स्थानीय लोग भी बचाव अभियान में मदद करते रहे.
आसपास की इमारतों पर भी असर
इमारत गिरने से उसके दोनों तरफ की दो इमारतों को भी आंशिक नुकसान पहुंचा. पास स्थित ईदगाह की चारदीवारी का कुछ हिस्सा भी ढह गया. बचाव अभियान के दौरान आसपास के हिस्से को खाली कराया गया और लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई गई. दमकल और एंबुलेंस के वाहनों के लिए रास्ता खुला रखने को पुलिस ने यातायात भी नियंत्रित किया.
स्थानीय जानकारी के मुताबिक, इस इलाके में कई परिवार कचरा और प्लास्टिक बीनने का काम करते हैं. इमारत में रहने वाले लोगों में ऐसे परिवार भी शामिल थे. हालांकि, हादसे के समय इमारत में कुल कितने लोग मौजूद थे और कितने परिवार वहां रह रहे थे, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.
जांच से साफ होगी वजह
डीसीपी शाहदरा राजेंद्र प्रसाद मीणा के मुताबिक, इमारत के निर्माण, अतिरिक्त मंजिलों और उसकी मौजूदा स्थिति से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है. भूकंप के बाद दरार आने और मकान मालिक की ओर से इमारत खाली कराने की कोशिश किए जाने के स्थानीय लोगों के दावे की भी जांच की जाएगी. अधिकारियों के मुताबिक, तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वजह को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी.