)
राजधानी दिल्ली में बदमाशों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब बच्चे भी सुरक्षित नहीं हैं. दीपावली की खुशियों के बीच उत्तर दिल्ली के झरोदा पार्ट-1 की सुरेंद्र कॉलोनी में खूनी वारदात को अंजाम दिया गया. मोबाइल छीनने का विरोध करने पर 10वीं कक्षा के 16 वर्षीय छात्र देवांश की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई. नए कपड़े पहनकर दीपावली के लिए पटाखे खरीदने निकला देवांश घर वापस नहीं लौटा.
दीपावली की तैयारी बाजारों में रौनक घरों में खुशियों का माहौल, लेकिन उत्तर दिल्ली की सुरेंद्र कॉलोनी में अचानक खुशियां चीख-पुकार में बदल गईं. उत्तर दिल्ली के वजीराबाद थाना इलाके के झरोदा पार्ट-1 की सुरेंद्र कॉलोनी में जहां बदमाशों ने एक 16 साल के मासूम की जिंदगी छीन ली. मृतक की पहचान देवांश के रूप में हुई है, जो 10वीं कक्षा में पढ़ता था.
परिवार के अनुसार, देवांश ने दीपावली के लिए नए कपड़े खरीदे थे. इसके बाद वह पटाखे खरीदने के लिए दोस्तों के साथ सुरेंद्र कॉलोनी पहुंचा था. इसी दौरान कुछ बदमाशों ने देवांश का मोबाइल फोन छीनने की कोशिश की. देवांश ने जब इसका विरोध किया तो बदमाशों ने उस पर चाकू से हमला कर दिया. बताया जा रहा है कि हमलावरों ने एक के बाद एक चाकू के कई वार किए. अचानक हुए इस हमले से देवांश लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा.
सबसे दर्दनाक बात ये रही कि खून से लथपथ देवांश को उसके दोस्त ही अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. अस्पताल में डॉक्टरों ने देवांश को मृत घोषित कर दिया. जिस घर में दीपावली की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब मातम पसरा है. जिस बच्चे के लिए नए कपड़े और पटाखे खरीदे गए थे, उसकी मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है.
वारदात की सूचना मिलते ही वजीराबाद थाना पुलिस जांच में जुट गई है. पुलिस हमलावरों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के प्रयास कर रही है. आखिर राजधानी की सड़कों पर बदमाशों के हौसले इतने बुलंद कैसे हैं? क्या अब मोबाइल लूट का विरोध करना भी जानलेवा साबित होने लगा है? एक मासूम छात्र की हत्या ने दिल्ली की कानून-व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
(दिल्ली से नसीम अहमद की रिपोर्ट)