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Delhi में प्रदर्शन किसका, नुकसान इनका... जानें जाम से कारोबार तक जनता ने क्या-क्या झेला

10 अक्टूबर को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के चलते मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदी, इंटरनेट बंद, ट्रेनें रद्द और बाजार प्रभावित होने से यात्रियों, छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और कारोबारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा.

Written By Renu Akarniya
Published: Oct 10, 2026, 09:07 PM IST | Updated: Oct 10, 2026, 09:22 PM IST
Image Credit: AI GENERATED IMAGE
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Delhi News: 10 अक्टूबर को हुए दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा इंतजामों का असर राजधानी के लोगों के रोजाना के काम पर पड़ा. जंतर-मंतर पर पुलिस की तैनाती, मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदी, मोबाइल इंटरनेट सर्विस बंद और ट्रेनों का कैंसिल होना, मार्केट का बंद होना. इन कारणों की वजह से आने-जाने वालों, व्यापारियों, स्टूडेंट और कामकाजी लोगों के लिए कई मुश्किलें खड़ी कर दीं.

45 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद
विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद कर दिए गए. ये पाबंदियां 9 अक्टूबर रात 9 बजे से 10 अक्टूबर शाम 6 बजे तक लागू रहने की घोषणा की गई थी. जिसे शनिवार को बढ़ाकर 10 बजे तक कर दिया गया. जिन स्टेशनों पर असर पड़ा उनमें राजीव चौक, नई दिल्ली, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और पटेल चौक जैसे बड़े स्टेशन शामिल है. हालांकि, ज्यादातर प्रभावित स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा मौजूद रही, जबकि नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर यह सुविधा मौजूद नहीं थी.

दिल्ली और NCR में लोगों के लिए मेट्रो को लाइफलाइन कहा जाता है. इसलिए मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बंद होने से यात्रियों दूसरे विकल्प ढूढ़ने पड़े. यह स्थिति ऑफिस में काम करने वालों, छात्रओं और दूसरे जरूरी कामों से यात्रा करने वालों को झेलनी पड़ी.

नई दिल्ली के कुछ हिस्सों में इंटरनेट बंद, ऑनलाइन पेमेंट करने वालों के लिए बढ़ी मुश्किलें
प्रदर्शनों से पहले सुरक्षा के तौर पर सेंट्रल दिल्ली के कुछ हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट सर्विस 24 घंटे के लिए रोक दी गई. यह रोक 9 अक्टूबर रात 10 बजे से 10 अक्टूबर रात 10 बजे तक लागू की गई.

जो लोग मोबाइल इंटरनेट पर निर्भर हैं, उनके लिए इसका असर सिर्फ सोशल मीडिया या न्यूज देखने तक ही सीमित नहीं है. इसके प्रभाव से UPI पेमेंट, मोबाइल बैंकिंग, ऑनलाइन टिकटिंग और कैब बुकिंग जैसी इंटरनेट-बेस्ड सर्विस पर भी रोक लगी. यह उन लोगों के लिए खासतौर पर मुश्किल भरा रहा, जो कैश रखने के बजाय डिजिटल पेमेंट पर निर्भर हैं.

ऑनलाइन क्लास और एग्जाम में बदलाव से छात्रों की पढ़ाई पर असर
10 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन और ट्रैफिक पाबंदियों के कारण दिल्ली के कई स्कूल और कॉलेजों ने अपने शेड्यूल में बदलाव किया. कुछ संस्थानों ने ऑनलाइन क्लास करने का फैसला किया, जबकि कुछ ने एग्जाम टाल दिए. इसके साथ ही जिन इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सर्विस सस्पेंड की गई, वहां इंटरनेट पर निर्भर छात्रों को क्लास लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

ट्रेनें रद्द होने से पैसेंजर के सफर और खर्च पर असर
विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए 10 अक्टूबर को नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर आने वाली कई ट्रेनें कैंसिल की गई. रेलवे के इस इंतजाम से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले पैसेंजर्स को अपने प्लान बदलने पड़े. ट्रेन कैंसिल होने पर पैसेंजर को दूसरी ट्रेन, बस या ट्रांसपोर्ट के दूसरे साधनों का इस्तेमाल करना पड़ा. इससे लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ा और अपनी मंजिल तक पहुंचने में देरी हुई.  

प्रदर्शन का बिजनेस, नौकरी और रोज कमाने वालों पर क्या असर पड़ा?
इंटरनेट सर्विस में रुकावट, मेट्रो और रोडवेज पर पाबंदियों के अलावा बिजनेस पर भी बड़ा असर देखने को मिला. जिन मार्केट और ऑफिस में लोगों की आवाजाही पर असर पड़ा, वहां कस्टमर्स, कर्मचारी और डिलीवरी सर्विस को मुश्किलों का सामना करना पड़ा. कई मुख्य मार्केट जैसे दिल्ली का दिल कही जाने वाली कनॉट प्लेस बंद होने से व्यापारियों का भारी नुकसान का सामना करना पड़ा. CP के आसपास भी मुख्य बाजार बंद रहे.

विरोध करने का अधिकार, लोगों की सुविधा; दोनों ही जरूरी 
लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन अपनी मांगें जाहिर करने का एक तरीका है. साथ ही, प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह कानून-व्यवस्था बनाए रखे और यह पक्का करे कि लोगों की आवाजाही, जरूरी सर्विस और रोजना के काम जितना हो सके आसान रहें. मेट्रो स्टेशन बंद करने, इंटरनेट बंद करने और ट्रेन कैंसिल करने जैसे फैसलों के असर का अंदाजा ट्रांसपेरेंट डेटा के आधार पर लगाया जाना चाहिए.

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About the Author

रेनू अकर्णिया, वर्तमान में Zee News में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा की लेटेस्ट, ट्रेंडिंग कंटेंट, यूटिलिटी जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. रेनू पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. पत्रकारिता में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने 2022 में Zee News से करियर की शुरुआत की.  लोकल चैनल समाचार प्लस में इंटर्न से शुरुआत की और कारवां बढ़ता हुआ जी न्यूज पहुंचा.
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