दिन में रेकी, फिर घरों में चोरी: गहने और कैश चुराकर भागे, पुलिस ने ऋषिकेश से किया गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने दो ऐसे चोरों को गिरफ्तार किया है, जो सोने-चांदी के गहने, नकदी चुराकर भाग गए थे. पुलिस ने ऋषिकेश से आरोपी समीर उर्फ सद्दाम को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने ये भी बताया कि चोरी करने के बाद, वो चुरी का माल अपने घरों में छिपाकर रखते थे.
दिल्ली पुलिस ने वजीराबाद से चोरी मामले में दो आरोपियों को अपने कब्जे में लिया है. इन दोनों आरोपियों को उत्तराखंड से पकड़ा गया है. इनके पास से पुलिस ने चोरी के सोने-चांदी के गहने, नकदी और घर तोड़ने के औजार बरामद किए गए . दिल्ली पुलिस के अनुसार, 10 अक्टूबर को वजीराबाद निवासी संजीव भौमिक की शिकायत पर एक FIR दर्ज की गई. शिकायत करने वाले ने बताया कि कुछ अज्ञात लोगों ने उसके घर से सोने-चांदी के गहने और नकदी चुरा ली है. इसके बाद, मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई.
पुलिस ने जांच शुरू की
वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए एक टीम बनाई गई. जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटना वाली जगह और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की बारीकी से जांच की. फुटेज से पता चला कि दो संदिग्ध एक सफेद स्कूटी पर घटना वाली जगह पर पहुंचे थे. इसके बाद, स्थानीय खुफिया स्रोतों को सक्रिय किया गया और टीम ने संदिग्धों की गतिविधियों का पता लगाने के लिए सीसीटीवी के आधार पर व्यापक जांच शुरू की.
पुलिस ने CCTV फुटेज खंगाली?
पुलिस ने सीसीटीवी की गहन जांच की. लगातार कोशिश, निरंतर ट्रैकिंग और सीसीटीवी फुटेज के विस्तृत विश्लेषण के जरिए, टीम संदिग्धों का पता लगाते हुए दिल्ली के भजनपुरा स्थित एक घर तक पहुंच गई. स्थानीय पूछताछ के दौरान संदिग्धों में से एक की पहचान समीर उर्फ सद्दाम के रूप में हुई. आगे की जांच से पता चला कि संदिग्ध 14 अक्टूबर की सुबह दिल्ली से शिवपुरी, ऋषिकेश (उत्तराखंड) के लिए निकल गए थे.
कैसे किया गिरफ्तार?
जांच के दौरान मिले तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने तकनीकी निगरानी की मदद ली और 15 अक्टूबर को शिवपुरी, ऋषिकेश (उत्तराखंड) से आरोपी समीर उर्फ सद्दाम को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के दौरान, आरोपी समीर उर्फ सद्दाम ने कबूल किया कि उसने अपने साथी मुजम्मिल उर्फ मोनू के साथ मिलकर इस अपराध को अंजाम दिया था. उसकी जानकारी और बताए गए जगह के आधार पर, पुलिस टीम ने उसी दिन दिल्ली के भजनपुरा से सह-आरोपी मुजम्मिल उर्फ मोनू को पकड़ लिया और गिरफ्तार कर लिया.
इसके बाद, दोनों आरोपियों की निशानदेही पर उनके घरों से चोरी किए गए सोने-चांदी के गहने और 42,670 रुपए नकद बरामद किए गए. लगातार पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने इस मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली. उन्होंने ये भी बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने हरदेव नगर इलाके के एक घर से भी गहने चुराए थे.
कैसे करते थे चोरी?
आरोपियों ने आगे बताया कि चोरी करने के बाद, वे चुराया गया सामान अपने घरों में छिपाकर रखते थे. उन्होंने ये भी खुलासा किया कि अपनी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए उन्होंने एक स्कूटी चुराई थी. वे इस स्कूटी का इस्तेमाल ऐसे इलाकों में घूमने के लिए करते थे जहां लोगों की आवाजाही कम होती थी, ताकि वे आसानी से ऐसे घरों की पहचान कर सकें जिन्हें निशाना बनाया जा सके. पुलिस की पकड़ से बचने और अपनी पहचान छिपाने के लिए, आरोपियों ने चोरी की गई स्कूटी की असली रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट हटा दी थी और उसकी जगह एक फर्जी नंबर प्लेट लगा दी थी, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके और पकड़े जाने से बचा जा सके. फिलहाल दिल्ली पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है.
Input-IANS