केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा की स्थिति का रिव्यू करने के लिए दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर में सीनियर पुलिस अधिकारियों के साथ एक जरूरी बैठक की. जय सिंह रोड पर पुलिस हेडक्वार्टर में हुई इस बैठक में राजधानी में क्राइम कंट्रोल, महिलाओं की सुरक्षा, साइबर क्राइम से निपटने और त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई.
बैठक के दौरान दिल्ली पुलिस के काम करने के तरीके को और असरदार बनाने और क्राइम होने से पहले उसे रोकने की स्ट्रेटेजी पर खास जोर दिया गया. अधिकारियों को पेट्रोलिंग बढ़ाने और इंटेलिजेंस नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में काम करने की सलाह दी गई.
पुलिस को जनता के साथ कोऑपरेटिव होना चाहिए
गृह मंत्री ने पुलिस अधिकारियों को जनता के साथ फ्रेंडली और कोऑपरेटिव होने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी सिर्फ क्राइम होने के बाद एक्शन लेना ही नहीं है, बल्कि क्राइम को पहले से पहचानना और रोकना भी है. इसके लिए पुलिस की प्रोएक्टिवनेस, बेहतर सर्विलांस और एक मजबूत इंटेलिजेंस नेटवर्क की जरूरत है.
महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा पर जोर
बैठक में महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया. इसके अलावा संगठित अपराध और साइबर क्राइम जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए असरदार स्ट्रेटेजी बनाने पर जोर दिया गया. त्योहारों के मौसम में राजधानी में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी रिव्यू किए गए खास मुद्दों में से एक था.
दिल्ली पुलिस को क्राइम रोकने की स्ट्रेटेजी मजबूत करने के निर्देश
अमित शाह ने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी है और इसकी सुरक्षा पूरे देश के लिए सबसे जरूरी है. उन्होंने दिल्ली पुलिस अधिकारियों के काम की तारीफ की और कहा कि उनके बेहतरीन काम के बावजूद, सुरक्षा को लगातार मजबूत करने की जरूरत है.
उन्होंने भरोसा जताया कि दिल्ली पुलिस कमिटमेंट और जिम्मेदारी के साथ राजधानी को ज्यादा सुरक्षित बनाने की दिशा में काम करेगी. बैठक का मुख्य मकसद पुलिस सिस्टम को और असरदार बनाने और नागरिकों की सुरक्षा पक्का करने के लिए जरूरी कदमों का रिव्यू करना था.
(विजय कुमार की रिपोर्ट)