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जंतर-मंतर नहीं रहा अब प्रोटेस्ट साइट, गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला.. तीन नए धरना स्थल तय किए गए

दिल्ली में धरना-प्रदर्शन और विरोध कार्यक्रम आयोजित करने के लिए तीन नए स्थान तय किए गए हैं. इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का सीबीडी मैदान शामिल हैं.

Written By Gaurav Pandey
Published: Oct 12, 2026, 01:35 PM IST | Updated: Oct 12, 2026, 03:03 PM IST
Image Credit: Jantar Mantar Road
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राजधानी दिल्ली में प्रदर्शनों के उठापटक के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया है. अब राजधानी में धरना-प्रदर्शन और विरोध कार्यक्रम आयोजित करने के लिए तीन नए स्थान तय किए गए हैं. इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का सीबीडी मैदान शामिल हैं. इस फैसले के बाद प्रदर्शनकारियों को अपनी सभाओं और विरोध कार्यक्रमों के लिए इन तीन निर्धारित स्थलों का इस्तेमाल करना होगा.

समिति का गठन किया गया था
असल में भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने नागरिकों के विरोध प्रदर्शन और धरना देने के अधिकार को ध्यान में रखते हुए मौजूदा स्थल के विकल्प के रूप में उपयुक्त जगहों की पहचान करने के लिए एक समिति का गठन किया था. समिति को ऐसे स्थानों की पहचान करने की जिम्मेदारी दी गई थी, जहां विरोध प्रदर्शन और धरना आयोजित किए जा सकें.

 रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का सीबीडी मैदान

समिति की सिफारिशों के आधार पर जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल के रूप में निर्धारित करने वाली अधिसूचना रद्द कर दी गई है. इसके स्थान पर अब तीन नए स्थलों को धरना-प्रदर्शन के लिए निर्धारित किया गया है. इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का सीबीडी मैदान शामिल हैं. इस फैसले के बाद दिल्ली में विरोध प्रदर्शन और धरना आयोजित करने के लिए इन तीनों स्थानों को नए निर्धारित स्थलों के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा.

SOP अलग से जारी की जाएगी

दिल्ली पुलिस की ओर से इन तीनों स्थलों पर विरोध प्रदर्शन और धरना आयोजित करने के लिए विस्तृत और संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) अलग से जारी की जाएगी. यह आदेश 28 अप्रैल 2022 को जारी स्थायी आदेश संख्या L&O/48/22 में आंशिक संशोधन के तहत जारी किया गया है. नई SOP में प्रदर्शन आयोजित करने से जुड़े दिशा-निर्देशों का विवरण दिया जाएगा.

आखिर क्या है कारण

मालूम हो कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने की वजह आधिकारिक तौर पर नहीं बताई गई है. लेकिन माना जा रहा है कि संसद से इसकी करीब 1.5 किलोमीटर की दूरी इसकी बड़ी वजह है. जून-जुलाई में भी कॉकरोच पार्टी के धरने के दौरान प्रदर्शनकारी संसद के नजदीक पहुंच गए थे. उन्हें रोकने के लिए संसद के दरवाजे बंद करने पड़े थे. अब कॉकरोच पार्टी फिर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की मंजूरी मांग रही है.

रामलीला मैदान की बात करें तो यह संसद से करीब 3-4 किलोमीटर दूर है. जबकि बुराड़ी और सीबीडी मैदान शहर के दूसरे हिस्सों में स्थित हैं. ऐसे में प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक जगह तय करना एक चुनौती है. 9 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने भी जंतर-मंतर के विकल्प के तौर पर किसी बड़ी जगह की तलाश करने की बात कही थी. फिलहाल अब नए आदेश में जंतर मंतर शामिल नहीं है.

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About the Author

Gaurav is a multimedia journalist writing across a wide range of subjects, including politics, sports, cinema, explainers, opinion and Delhi Haryana civic issues. With analysis, he regularly covers social issues and public policy through in-depth. With around nine years of experience, he has worked with India Today, Hindustan Times, and Network18, producing stories with a strong focus on facts and ground reality. He studied journalism at IIMC Delhi.
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