अब पौधे करेंगे प्रदूषण से मुकाबला! मिरांडा हाउस में बना भारत का पहला कार्बन गार्डन
Delhi News: दिल्ली में प्रदूषण हर रोज थोड़ा-थोड़ा बढ़ ही रहा है. ऐसे में प्रदूषण और पर्यावरण में हो रहे बदलाव के बीच मिरांडा हाउस कॉलेज ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहल की है. कॉलेज के अंदर एमएच-कार्बन गार्डन शुरू किया गया है.
Delhi News: दिल्ली में अब धीरे-धीरे प्रदूषण बढ़ ही रहा है. ऐसे में पर्यावरण में हो रहे बदलाव को देखते हुए मिरांडा हाउस कॉलेज ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा एक नई पहल शुरू की है. कॉलेज परिसर में एमएच-कार्बन गार्डन का उद्घाटन किया गया है. इस गार्डन का उद्देश्य वातावरण से कार्बन को सोखने की क्षमता को बढ़ाना है. साथ ही छात्रों को जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूक करना है.
किसने किया उद्घाटन?
मिरांडा हाउस में बनाए गए कार्बन गार्डन का उद्घाटन यूनिवर्सिटी के वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रमुख और रिसर्च, इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप काउंसिल के अध्यक्ष प्रो. दीनबंधु साहू ने किया. वहीं प्रो. साहू भारत के पहले कार्बन गार्डन के संस्थापक भी हैं.
इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ जुड़ाव होना भारतीय संस्कृति और परंपराओं का पुराना हिस्सा माना जाता है. अब इस बात की जरूरत है कि इसे आधुनिक विज्ञान और पर्यावरण से जुड़ी नई तकनीकों के साथ आगे बढ़ाया जाए. उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या संस्थानों की जिम्मेदारी नहां है, इसमें युवा लोगों को भी अहम भूमिका निभानी चाहिए. उन्होंने ये भी कहा कि पर्यावरण केवल सरकार या संस्थानों की जिम्मेदारी नहीं है. इसमें युवाओं को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए.
क्यों है फायदेमंद?
प्रो. साहू के अनुसार, दिल्ली के जितने भी बड़ा क्षेत्र हैं, वहां हरित क्षेत्रों की जरूरत लगातार बढ़ रही है. इस तरह के गार्डन वातावरण में कार्बन को कम करने में मदद करते हैं. साथ ही शहरों में हरियाली बढ़ाने की काम करते हैं. इसके साथ ही स्टूडेंस्ट के प्रकृति के पास लाने और उनके मानसिक स्वास्थ्य और समग्र कल्याण में भी इसका पॉजिटिव असर होता है. उन्होंने स्टूडेंट्स से कहा कि वो पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें. इससे युवा पीढ़ी पर्यावरण को लेकर जागरूक होगी. साथ ही आगे चलकर जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने में थोड़ी आसानी होगी.
50 से ज्यादा प्रजातियों के पौधे
मिरांडा हाउस की प्रिंसिपल प्रो. बिजयालक्ष्मी नंदा के अनुसार, कॉलेज पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपनी जिम्मेदारी बहुत अच्छे से निभा रहा है. उन्होंने ये भी उम्मीद जताई कि कार्बन गार्डन को जलवायु परिवर्तन और प्रकृति संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने के लिए प्रेरित करेगा. दिल्ली यूनिवर्सिटी के इस एमएच-कार्बन गार्डन में करीब 50 अलग-अलग प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं. इसमें हाइड्रोफाइट्स, जेरोफाइट्स और मेसोफाइट्स जैसी अलग-अलग प्रजातियां हैं. इसके साथ ही अमरूद और सहजन जैसे स्थानीय पौधे भी इसमें शामिल हैं.
छात्रों के लिए बनेगा लिविंग लैब
ये गार्डन हरियाली को बढ़ाएगा ही. इसका इस्तेमाल छात्रों और शोधार्थियों के लिए लिविंग लैबोरेटरी के तौर पर भी किया जाएगा. यहां पर छात्र कार्बन अवशोषण, जैव विविधता, पारिस्थितिकी तंत्र और पर्यावरण के अनुकूल टिकाऊ तरीकों को व्यावहारिक रूप से समझ पाएंगे. कॉलेज की ये पहल स्टूडेंट्स को स्टडी के साथ पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने में भी मदद करेगा.