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Delhi News: सोशल मीडिया पर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से राहत मिली है. कोर्ट ने मारपीट के आरोप में गिरफ्तार स्वतंत्र भारद्वाज को तीन हफ्ते की अंतरिम बेल दे दी है. उन्हें जंतर-मंतर पर एक प्रोटेस्ट के दौरान एक स्टूडेंट एक्टिविस्ट के पिता पर कथित तौर पर हमला करने और दूसरे आरोपों में गिरफ्तार किया गया था.
पटियाला हाउस कोर्ट से राहत
स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए, पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें तीन हफ्ते के लिए अंतरिम बेल देने का फैसला किया. इससे पहले सोमवार को कोर्ट ने उनकी बेल याचिका पर अपना ऑर्डर 15 सितंबर तक के लिए सुरक्षित रख लिया था.
यह मामला जंतर-मंतर प्रोटेस्ट से जुड़ा है. आरोप है कि स्वतंत्र भारद्वाज ने प्रोटेस्ट के दौरान एक स्टूडेंट एक्टिविस्ट निशु आजाद के पिता पर हमला किया था. पुलिस ने इस मामले में उन्हें गिरफ्तार किया था.
7 सितंबर को जेल भेजा गया
स्वतंत्र भारद्वाज को 7 सितंबर को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. सुनवाई के दौरान, उनके वकील ने गिरफ्तारी पर सवाल उठाया और दावा किया कि उनके क्लाइंट के खिलाफ कार्रवाई राजनीतिक घटनाक्रम के बाद की गई थी.
बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि मामले में शिकायतकर्ता ने जून में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर स्वतंत्र भारद्वाज पर हमला किया था.
4 सितंबर को बुलंदशहर में हिरासत में लिया गया
स्वतंत्र भारद्वाज, जो खुद को "कट्टर हिंदू" बताते हैं, उसको CJP एक्टिविस्ट निशु आजाद की शिकायत के आधार पर 4 सितंबर को बुलंदशहर में हिरासत में लिया गया था. निशु आजाद ने आरोप लगाया था कि स्वतंत्र भारद्वाज ने उनके पिता संजय आजाद पर हमला किया था.
निशु आजाद ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर पुलिस पर कार्रवाई में देरी करने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि शिकायत के बावजूद, पुलिस ने FIR दर्ज करने में कोई तेज़ी नहीं दिखाई. उन्होंने कांग्रेस MP राहुल गांधी से भी मदद की अपील की.
वायरल इंटरव्यू के बाद विवाद बढ़ा
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो इंटरव्यू सोशल मीडिया पर सामने आया. आरोप है कि इस इंटरव्यू में उन्होंने संजय आज़ाद पर हमला करने की बात मानी.
शिकायतकर्ता के अनुसार, भारद्वाज ने कथित तौर पर यह भी दावा किया कि वह अपने राजनीतिक कनेक्शन के कारण गिरफ्तारी से बच सके. इस बयान के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी.
किस धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था?
पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज केस में SC/ST (अत्याचार निवारण) एक्ट और आपराधिक धमकी से जुड़ी धाराएं शामिल की हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, FIR में IPC की धाराएं 351(3), 78, और 79 के साथ-साथ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट की धारा 67 भी शामिल है. अब, स्वतंत्र भारद्वाज को पटियाला हाउस कोर्ट से तीन हफ्ते की अंतरिम जमानत मिलने के बाद इस मामले में कुछ समय के लिए राहत मिली है.