Delhi में लगी प्याज की Sale! अब राशन की दुकान पर भी मिलेंगे, जानें नए दाम
Delhi Onion: दिल्ली में लगातार बढ़ते प्याज के दाम के बीच सरकार ने लोगों को राहत दी है. सरकार ने राशन की दुकानों के माध्यम से लोगों को प्याज 35 रुपये किलो के भाव से उपलब्ध कराने का फैसला लिया है.
Delhi Onion Price: दिल्ली सरकार ने महंगाई से कुछ हद तक लोगों को राहत देने की तैयारी कर ली है. केंद्र सरकार ने दिल्ली को 1,000 मीट्रिक टन प्याज देने का फैसला किया है. इसे दिल्ली में राशन की दुकानों के माध्यम से उपभोक्ताओं को 35 रुपये प्रति किलो बेचा जाएगा.
दिल्ली सरकार का कहना है कि प्याज जैसी रोजाना की जरूरी खाने की चीजों की कीमत आम आदमी की पहुंच से बाहर नहीं होने दी जाएगी. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि सरकार राजधानी में प्याज की कमी को दूर करेगी और बाजार में इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाएगी.
13 जिलों में मोबाइल वैन भी उपलब्ध
सस्ते प्याज की बिक्री सिर्फ राशन की दुकानों तक ही सीमित नहीं होगी. दिल्ली के 13 जिलों में से हर एक में एक मोबाइल वैन भी तैनात की जाएगी. ये वैन अलग-अलग इलाकों में जाएंगी और जनता को 35 रुपये प्रति किलो की कीमत पर प्याज उपलब्ध कराएंगी. सरकार का मानना है कि मोबाइल वैन उन इलाकों में सस्ता प्याज पहुंचाने में मदद करेंगी, जहां लोगों के लिए उचित मूल्य की दुकानों तक पहुंचना मुश्किल है. इससे शहर के अलग-अलग हिस्सों में प्याज की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार लगातार प्याज की कीमतों और बाजार में इसकी उपलब्धता पर नजर रख रही है. सरकार की कोशिश है कि लोगों को सही दाम पर जरूरी खाने की चीजें मिलें और प्याज की कोई बनावटी कमी न हो.
सरकार के मुताबिक, केंद्र सरकार का 1,000 मीट्रिक टन प्याज देने का फैसला दिल्ली में सप्लाई को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है. सरकार का फोकस कंज्यूमर्स को राहत देने और प्याज की काफी उपलब्धता बनाए रखने पर है.
27 अगस्त से कम कीमत पर प्याज बेचना शुरू
इससे पहले, केंद्र सरकार ने भी प्याज की बढ़ती कीमतों को कंट्रोल करने के लिए 27 अगस्त से दिल्ली में 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज बेचना शुरू किया था. यह बिक्री केंद्र सरकार के बफर स्टॉक से की जा रही है और प्याज बाजार भाव से लगभग 44 प्रतिशत कम कीमत पर उपलब्ध कराया जा रहा है.
कंज्यूमर अफेयर्स सेक्रेटरी निधि खरे के मुताबिक, प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए जमाखोरी, ब्लैक मार्केटिंग और मुनाफाखोरी जैसे फैक्टर जिम्मेदार हैं. उन्होंने कहा कि त्योहारों के मौसम में बढ़ी हुई डिमांड को पूरा करने के लिए देश में प्याज की काफी सप्लाई है.
सरकार ने फिलहाल प्याज के एक्सपोर्ट पर बैन लगाने की संभावना से भी इनकार कर दिया है. उसका कहना है कि देश में प्याज की अवेलेबिलिटी को लेकर कोई बड़ी प्रॉब्लम नहीं है और मार्केट में सप्लाई बनाए रखने के लिए बफर स्टॉक का इस्तेमाल किया जा रहा है.