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Delhi News: दिल्ली मास्टर प्लान 2047 (MPD-2047) के तहत शहर में लैंड यूज की जानकारी अब डिजिटल मैप के जरिए ऑनलाइन देखी जा सकती है. दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) ने GIS (जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम) पर आधारित लैंड यूज प्लान बनाया है. इसके जरिए, लोग DDA की वेबसाइट पर अपने इलाके और प्रॉपर्टी के लिए लैंड यूज की जानकारी देख सकते हैं.
अब ऑफिस जाने की जरूरत नहीं
नए सिस्टम से लोगों को किसी खास इलाके में लैंड यूज की जानकारी लेने के लिए अब संबंधित ऑफिस जाने की जरूरत नहीं होगी. ऑनलाइन डिजिटल मैप पर अलग-अलग लैंड यूज कैटेगरी अलग-अलग रंगों में दिखाई जाती हैं.
इसमें रेजिडेंशियल, कमर्शियल, इंडस्ट्रियल, रिक्रिएशनल, ट्रांसपोर्ट, यूटिलिटी, सरकारी, पब्लिक और सेमी-पब्लिक सुविधाओं के साथ-साथ खेती और वॉटर बॉडीज से जुड़ी जानकारी शामिल है.
अलग-अलग रंगों से पहचान होगी आसान
GIS मैप में कलर कोडिंग के जरिए अलग-अलग लैंड यूज कैटेगरी की पहचान की जा सकती है. उदाहरण के लिए, पीला रंग रेजिडेंशियल इलाकों को दिखाता है, हरा रंग जंगलों और ग्रीन बेल्ट को दिखाता है, नीला रंग सरकारी और इंस्टीट्यूशनल इलाकों को दिखाता है, बैंगनी रंग इंडस्ट्रियल इलाकों को दिखाता है और लाल रंग कमर्शियल इस्तेमाल को दिखाता है. इससे यूजर्स को किसी एरिया के लैंड यूज कैटेगरी को आसानी से समझने में मदद मिलेगी.
प्लॉट-लेवल की जानकारी
DDA अधिकारियों के मुताबिक, यह एक इंटरैक्टिव डिजिटल मैप है जिससे खास जगहों को सर्च किया जा सकता है. यूजर्स किसी प्रॉपर्टी या एरिया की लोकेशन देखने के लिए मैप पर प्लॉट लेवल तक जूम इन कर सकते हैं. इससे प्लॉट के आसपास की जमीन के इस्तेमाल को समझने में भी मदद मिलेगी.
लैंड पूलिंग और TOD जोन की जानकारी
एक सिंपल 2D मैप के मुकाबले, GIS-बेस्ड मैप ज्यादा डिटेल्ड और लोकेशन-बेस्ड जानकारी देंगे. इसमें लैंड पूलिंग एरिया और ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) जोन जैसी अलग-अलग थीमैटिक लेयर शामिल हैं. इसके अलावा, दिल्ली के अलग-अलग प्लानिंग जोन और उनकी बाउंड्री भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिखेंगी.
दूरी और प्लॉट की लंबाई-चौड़ाई भी मापी जाएगी
यह डिजिटल प्लेटफॉर्म यूजर्स को मैप से जुड़े और भी फीचर देगा. वे सड़क या प्लॉट की दूरी, लंबाई और चौड़ाई जैसी जानकारी माप सकेंगे. इसके अलावा वे जरूरत के हिसाब से मैप पर मार्किंग और स्केच बना सकते हैं और उन्हें रेफरेंस के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं.
डेटा समय के साथ किया जाएगा अपडेट
DDA के अनुसार, GIS प्लेटफॉर्म को समय-समय पर नया डेटा शामिल करने के लिए डिजाइन किया गया है. इससे लैंड यूज और प्लानिंग की जानकारी को अप-टू-डेट रखने में मदद मिलेगी.
प्लानर्स और एजेंसियों को भी फायदा होगा
एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लैंड यूज प्लान और अलग-अलग थीमैटिक लेयर्स की उपलब्धता से न केवल आम लोगों को बल्कि प्लानर्स, आर्किटेक्ट्स, सरकारी डिपार्टमेंट्स, इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंसियों और दूसरे संबंधित संगठनों को भी फायदा होगा.
DDA अधिकारियों के अनुसार, इससे शुरुआती प्लानिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और शहरी विकास के असेसमेंट के लिए जानकारी तक आसान एक्सेस मिलेगा.
बढ़ी हुई ट्रांसपेरेंसी
GIS-बेस्ड लैंड यूज मैप्स से आम लोगों को लैंड और शहरी प्लानिंग की जानकारी तक आसान एक्सेस मिलेगी. इससे प्लानिंग प्रोसेस में ट्रांसपेरेंसी बढ़ने और बिजनेस आसान होने की उम्मीद है. यह सिस्टम अलग-अलग डिपार्टमेंट्स और एजेंसियों से लोकेशन-बेस्ड डेटा को भी एक ही प्लेटफॉर्म पर लाएगा. DDA के अनुसार, यह पहल AMRUT मिशन और PM गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान जैसी राष्ट्रीय पहलों के अनुरूप भी है.