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जामिया में एक्शन! PHD छात्र 5 दिन के लिए सस्पेंड, प्रदर्शन में शामिल होने पर कार्रवाई

Jamia Millia Islamia: दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) यूनिवर्सिटी ने एक PhD छात्र के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे पांच दिनों के लिए सस्पेंड कर दिया है. यूनिवर्सिटी के अनुसार, छात्र ने बिना अनुमति सेंट्रल कैंटीन में छात्रों के एकत्र होने में कथित तौर पर हिस्सा लिया था.

Written By Akanchha Singh
Published: Sep 30, 2026, 02:31 PM IST | Updated: Sep 30, 2026, 02:32 PM IST
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Delhi News: दिल्ली के JMI यूनिवर्सिटी ने एक PhD छात्र के खिलाफ कार्रवाई की है, छात्र को 5 दिन के लिए सस्पेंड किया गया है. यूनिवर्सिटी का आरोप है कि छात्र ने बिना किसी परमिशन सेंट्रल कैंटीन में छात्रों के इकट्ठा होने में हिस्सा लिया. साथ ही अपने भाषण के जरिए दूसरे छात्रों को अनुशासन तोड़ने के लिए उकसाया. वहीं स्सपेंशन के दौरान  छात्र के कैंपस में  एंट्री पर भी लगाया गया है.

कितने दिन के लिए किया सस्पेंड?  
यूनिवर्सिटी के चीफ प्रॉक्टर की ओर से  कारण बताओ नोटिस के अनुसार, छात्र को 28 सितंबर से 2 अक्टूबर तक निलंबित किया गया है. नोटिस में कहा गया है कि 28 सितंबर को शाम करीब 5 बजे सेंट्रल कैंटीन में एक अनधिकृत सभा आयोजित हुई थी. इस दौरान छात्र ने भाषण दिया. साथ ही छात्रों के बीच ऐसी बातें और अफवाहें फैलाने की कोशिश की, जिससे विश्वविद्यालय के नियमों का उल्लंघन हो सकता था.    

छात्र से नोटिस में क्या मांगा गया है?    
यूनिवर्सिटी के अनुसार, इस सभा के कारण नॉर्थ कैंपस के कामकाज में बाधा पहुंची है. साथ ही आसपास के क्लासरूम, लैब और लाइब्रेरी में पढ़ाई और रिसर्च से जुड़ी पढ़ाई भी प्रभावित हुईं हैं. इतना ही नहीं नोटिस में छात्र से नियमों को लेकर जवाब मांगा गया है कि उसके खिलाफ आगे कड़ी कार्रवाई क्यों न की जाए.        

AISA  यूनिट ने क्या कहा?  
इस कार्रवाई को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने विरोध भी किया है. AISA की जामिया यूनिट ने आरोप लगाया कि छात्र को महिला हॉस्टलर्स के समर्थन में आवाज उठाने और हॉस्टल से जुड़े मुद्दों को लेकर हुए प्रदर्शन में भाग लेने के कारण निशाना बनाया गया है.  

क्यों हुआ था प्रोटेस्ट? 
AISA के अनुसार, 28 सितंबर को प्रोटेस्ट हॉस्टल में रहने वाले छात्रों, खासकर महिला छात्रों को हाल में हॉस्टल से निकाले जाने के विरोध में हुआ था. संगठन ने हॉस्टल में कमरों को अलॉट करने, छात्रों के रहने की स्थिति और खाने की गुणवत्ता जैसे मुद्दे भी उठाए हैं.      

AISA यूनिट ने क्या कहा? 
AISA ने  यूनिवर्सिटी की कार्रवाई को छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार के खिलाफ बताया है.  संगठन ने दिल्ली हाई कोर्ट के उन आदेशों का भी हवाला दिया, जिनमें छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े अधिकारों पर बात की गई है.  AISA ने कहा है कि जब तक छात्र का सस्पेंशन वापस नहीं लिया जाता, तब तक उसका विरोध जारी रहेगा. वहीं, विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि छात्रों को गेट नंबर 18 के पास तय जगह पर प्रदर्शन करने की परमिशन है, लेकिन क्लास में बाधा नहीं डाली जा सकती.

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जी-न्यूज में ट्रेनी सब एडिटर. वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर हरियाणा डिजिटल टीम में दिल्ली-एनसीआर-हरियाणा की राजनीति, हाइपर लोकल, क्राइम की खबरों पर नजर. यूटिलीटी की खबरों में दिलचस्पी है. 2023 में संस्थान से जुड़े. माखन लाल चतुर्वेदी भोपाल से पत्रकारिता में डिग्री हासिल की.
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