वोटर फॉर्म की हर जानकारी के लिए BLA जवाबदेह नहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने ऐसा क्यों कहा?
याचिका में यह भी मांग की गई थी कि राजनीतिक पार्टियों को 2002 की मतदाता सूची की प्रिंटेड कॉपी और उसकी सॉफ्ट कॉपी उपलब्ध कराई जाए. याचिकाकर्ता का कहना था कि इन पुराने रिकॉर्ड की मदद से बूथ लेवल एजेंट यह पता लगा सकते हैं कि कहीं किसी मतदाता का नाम दो जगह तो नहीं है.
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि SIR (वोटर लिस्ट की सघन जांच) के दौरान राजनीतिक पार्टियों की ओर से नियुक्त बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) को केवल उसी जानकारी के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जिसे वे खुद जांचकर सही साबित कर सकते हैं. कोर्ट ने कहा कि बूथ लेवल एजेंट से यह अपेक्षा नहीं की जाती कि मतदाता के फॉर्म में दर्ज हर जानकारी की वे जिम्मेदारी लें.
जस्टिस अमित बंसल ने अपने आदेश में कहा कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 31 के तहत बूथ लेवल एजेंट को केवल उसी जानकारी के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जिसे वह वास्तव में जांच सकता है. मसलन, बूथ लेवल एजेंट यह जांच सकता है कि फॉर्म में लगी फोटो और मतदाता की पहचान आपस में मेल खाती है या नहीं.
चुनाव आयोग की शर्त को दी थी चुनौती
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने चुनाव आयोग की एक शर्त को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. चुनाव आयोग की ओर से जारी दिशानिर्देशों में कहा गया था कि राजनीतिक पार्टियों के बूथ लेवल एजेंट को एक अंडरटेकिंग देनी होगी कि उन्होंने मतदाताओं के फॉर्म में दी गई जानकारियों की व्यक्तिगत रूप से जांच कर ली है और वे उन जानकारियों को सही मानते हैं.
याचिका में कहा गया था कि बीएलए के लिए फॉर्म में दी गई हर जानकारी की जांच करना संभव नहीं है. मतदाता की जानकारी की आधिकारिक जांच करना बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (AERO) और इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) का कानूनी काम है. चुनाव आयोग केवल अपने दिशानिर्देशों के जरिए यह जिम्मेदारी राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों यानी बूथ लेवल एजेंट पर नहीं डाल सकता
2002 की वोटर लिस्ट की कॉपी देने की भी मांग
हाई कोर्ट में दायर याचिका में यह भी मांग की गई थी कि राजनीतिक पार्टियों को 2002 की मतदाता सूची की प्रिंटेड कॉपी और उसकी सॉफ्ट कॉपी उपलब्ध कराई जाए. याचिकाकर्ता का कहना था कि इन पुराने रिकॉर्ड की मदद से बूथ लेवल एजेंट यह पता लगा सकते हैं कि कहीं किसी मतदाता का नाम दो जगह तो नहीं है, कोई मतदाता दूसरी जगह शिफ्ट तो नहीं हो गया है, किसी व्यक्ति की जानकारी में कोई गड़बड़ी तो नहीं है या वोटर लिस्ट में कोई दूसरी गड़बड़ी तो नहीं है