दिल्ली हाईकोर्ट को सात नए जज मिले हैं. मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय ने सोमवार को सातों न्यायिक अधिकारियों को पद की शपथ दिलाई. इनके शपथ लेने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट में जजों की कुल संख्या बढ़कर 50 हो गई है. शपथ लेने वालों में निवेदिता अनिल शर्मा, निशा सहाय सक्सेना, संजय शर्मा-I, भारत पराशर, डॉ. अदिति चौधरी, दिनेश भट्ट और अरुण भारद्वाज शामिल हैं.
इन सात नियुक्तियों में दो न्यायिक अधिकारियों को स्थायी जज बनाया गया है, जबकि पांच को अतिरिक्त जज नियुक्त किया गया है. निवेदिता अनिल शर्मा और निशा सहाय सक्सेना को स्थायी जज के तौर पर नियुक्त किया गया है. वहीं संजय शर्मा-I, भारत पराशर, डॉ. अदिति चौधरी, दिनेश भट्ट और अरुण भारद्वाज को अतिरिक्त जज बनाया गया है.
असल में केंद्र सरकार ने शनिवार को दिल्ली हाईकोर्ट के लिए सात न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की थी. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 10 सितंबर को दिल्ली हाईकोर्ट के जज के तौर पर आठ नामों की सिफारिश की थी. हालांकि, केंद्र सरकार ने इनमें से सात नामों को ही मंजूरी दी. केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर नियुक्तियों से जुड़ी अधिसूचना साझा की थी.
सिफारिश किए गए आठ नामों में गुरविंदर पाल सिंह का नाम भी
कॉलेजियम की सिफारिश किए गए आठ नामों में गुरविंदर पाल सिंह का नाम भी शामिल था, लेकिन केंद्र सरकार की अधिसूचना में उनकी नियुक्ति को मंजूरी नहीं दी गई. नए जजों में अरुण भारद्वाज शपथ लेने से पहले दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के पद पर कार्यरत थे. वहीं भारत पराशर सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल के पद पर थे. निशा सहाय सक्सेना रोहिणी नॉर्थ-वेस्ट जिले की प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश थीं.
निवेदिता अनिल शर्मा और डॉ. अदिति चौधरी पहले ही सेवानिवृत्त हो चुकी थीं
संजय शर्मा-I कड़कड़डूमा नॉर्थ-ईस्ट जिले के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के तौर पर कार्यरत थे, जबकि दिनेश भट्ट राउज एवेन्यू कोर्ट में प्रधान जिला न्यायाधीश-सह-विशेष न्यायाधीश (PC Act) (CBI) के पद पर थे. निवेदिता अनिल शर्मा और डॉ. अदिति चौधरी पहले ही सेवानिवृत्त हो चुकी थीं. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दिल्ली हाईकोर्ट कॉलेजियम ने इन दोनों के साथ गुरविंदर पाल सिंह के नाम की भी हाईकोर्ट में पदोन्नति के लिए सिफारिश की थी.