Delhi में टीचर्स के ट्रांसफर में बड़ा बदलाव, यूनिक ID और पॉइंट सिस्टम से बनेगा डिजिटल सर्विस रिकॉर्ड
Delhi Teachers Transfer Policy: दिल्ली सरकार सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के ट्रांसफर को पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए नई पॉलिसी तैयार कर रही है, जिसमें पॉइंट सिस्टम, यूनिक ID और ऑनलाइन सर्विस रिकॉर्ड के आधार पर तबादलों की प्राथमिकता तय की जाएगी.
Delhi News: दिल्ली के सरकारी स्कूलों में टीचर ट्रांसफर प्रोसेस को और ज्यादा ट्रांसपेरेंट और डिजिटल बनाने की तैयारी चल रही है. सरकार एक नई टीचर ट्रांसफर पॉलिसी बना रही है, जिसमें टीचर ट्रांसफर के लिए पॉइंट सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा. हर टीचर को एक यूनिक ID देने का भी प्लान है, ताकि उनका डिजिटल सर्विस रिकॉर्ड बनाया जा सके.
पॉइंट सिस्टम से तय होगी ट्रांसफर प्रायोरिटी
प्रस्तावित पॉलिसी में, टीचर्स को उनके अलग-अलग हालात और कैटेगरी के आधार पर पॉइंट दिए जाएंगे. फिर खाली पोस्ट के लिए ट्रांसफर प्रायोरिटी कुल पॉइंट के आधार पर तय की जाएगी.
अभी आधिकारिक लेवल पर यह तय किया जा रहा है कि किन हालात में कितने पॉइंट दिए जाएंगे. इस सिस्टम में फैमिली हालात, डिसेबिलिटी, फीमेल टीचर और सिंगल पेरेंट्स जैसी कैटेगरी भी शामिल होने की संभावना है.
हर टीचर की एक यूनिक ID होगी
नए सिस्टम के तहत, टीचर्स को एक यूनिक ID देने का प्लान है. इससे टीचर का पूरा सर्विस रिकॉर्ड एक डिजिटल डेटाबेस में रिकॉर्ड हो सकेगा. इसमें उनकी मौजूदा स्कूल पोस्टिंग का समय, पिछली पोस्टिंग और सर्विस से जुड़ी दूसरी जरूरी जानकारी शामिल होगी.
टीचर पोर्टल पर लॉग इन करके अपनी जानकारी देख सकेंगे. ट्रांसफर प्रोसेस शुरू होने के बाद, इस पोर्टल के जरिए ऑनलाइन अप्लाई करने की सुविधा भी मिल सकती है. लंबे समय से एक ही स्कूल में पोस्टेड टीचर्स को एक्स्ट्रा वेटेज देने के प्रपोज़ल पर भी विचार किया जा रहा है.
हरियाणा मॉडल से भी लिए इनपुट लिए जा रहे
नई पॉलिसी बनाने के लिए, सरकार ने हरियाणा के कंप्यूटराइज्ड ट्रांसफर सिस्टम की स्टडी की. वहां, टीचर्स को डिजिटल सर्विस रिकॉर्ड और मेरिट के आधार पर खाली पोस्ट दी जाती हैं.
हरियाणा मॉडल में कुल 80 पॉइंट्स वाला सिस्टम इस्तेमाल होता है, जिसमें उम्र के लिए 60 पॉइंट्स और स्पेशल कैटेगरी के लिए 20 पॉइंट्स होते हैं. स्पेशल कैटेगरी में महिला एम्प्लॉई, कुछ कैटेगरी में सिंगल महिलाएं, विधवा या विधुर, और कपल केस शामिल हैं.
रिकॉर्ड वेरिफिकेशन के बाद ट्रांसफर लिस्ट होगी जारी
प्रस्तावित सिस्टम के तहत, ट्रांसफर से पहले टीचर्स की पर्सनल और सर्विस जानकारी ऑनलाइन वेरिफिकेशन की जा सकेगी. डिपार्टमेंट रिकॉर्ड के आधार पर मार्क्स दे सकता है, और टीचर्स को उनकी जानकारी और मिले मार्क्स के बारे में बताया जा सकेगा.
अगर किसी टीचर को अपने रिकॉर्ड या पॉइंट सिस्टम पर कोई ऑब्जेक्शन है तो उन्हें इसे दर्ज कराने का मौका मिल सकता है. ऑब्जेक्शन सॉल्व होने के बाद फाइनल ट्रांसफर लिस्ट जारी करने का प्लान है.
स्कूलों की जरूरतों के हिसाब से तैयार होगा डेटा
ट्रांसफर प्रोसेस से पहले, हर स्कूल की जरूरतों का असेसमेंट किया जाएगा. स्टूडेंट्स की संख्या, मंजूर पोस्ट और सब्जेक्ट के हिसाब से टीचर की जरूरतों का डेटा इकट्ठा किया जाएगा. इससे यह तय करने में मदद मिलेगी कि हर स्कूल में कितने टीचर की जरूरत है और कौन सी पोस्ट भरी जानी चाहिए या ट्रांसफर की जानी चाहिए. सरकार नई पॉलिसी के जरिए ट्रांसफर प्रोसेस को ज्यादा ट्रांसपेरेंट, टेक्नोलॉजी-बेस्ड और डेटा-सेंट्रिक बनाने का लक्ष्य बना रही है.
17 सितंबर तक ऐलान होने की संभावना
सूत्रों के मुताबिक, नई ट्रांसफर पॉलिसी का ऐलान 17 सितंबर से शुरू होने वाले सर्विस फोर्टनाइट के दौरान होने की संभावना है. हालांकि, पॉलिसी के आखिरी प्रोविजन और पॉइंट सिस्टम में अलग-अलग कैटेगरी को दिए जाने वाले पॉइंट को अभी भी फाइनल किया जा रहा है.