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Delhi News: अलग-अलग राज्यों से राजधानी में पढ़ने आने वाले छात्रों की मदद के लिए दिल्ली सरकार एक बड़ा कदम उठा रही है. सरकार ने राजधानी में 10,000 छात्रों की क्षमता वाले हॉस्टल बनाने का फैसला किया है. खास बात यह है कि ये हॉस्टल दिल्ली की किसी एक यूनिवर्सिटी तक लिमिटेड नहीं होंगे. राजधानी की किसी भी यूनिवर्सिटी या कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र इन सुविधाओं का फायदा उठा सकेंगे. दिल्ली सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में सत्य निकेतन में एक PG बिल्डिंग गिरने से सात लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र रहते थे. हादसे के बाद, प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है.
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने X पर एक वीडियो जारी कर कहा कि सिर्फ कॉलेज और यूनिवर्सिटी में सुविधाएं बढ़ाना राजधानी को एक बड़ा एजुकेशनल हब बनाने के लिए काफी नहीं है. छात्रों के लिए सुरक्षित और सस्ते रहने की जगह देना भी जरूरी है.
Initially, 10,000 students will be provided fully equipped hostel facilities by our government, and work towards this is already underway.
Every student who comes to Delhi carries a dream in their eyes, years of hard work behind them and the hopes of a family back home. Our… pic.twitter.com/pI7BNOIaqN— Rekha Gupta (@gupta_rekha) September 15, 2026
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई के लिए दिल्ली आते हैं. कई बार ऐसा होता है कि छात्रों का एडमिशन कॉलेज या यूनिवर्सिटी में हो तो जाता है, लेकिन उन्हें हॉस्टल में रहने की जगह नहीं मिल पाती. इस समस्या को देखते हुए 10,000 छात्रों के लिए सरकारी हॉस्टल बनाने का फैसला किया है.
लड़का और लड़की दोनों को मिलेगी सुविधाएं
मुख्यमंत्री के मुताबिक, ये हॉस्टल लड़के और लड़कियों दोनों के लिए बनाए जाएंगे. दिल्ली की किसी भी यूनिवर्सिटी या कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र इन सुविधाओं का फायदा उठा सकेंगे. हॉस्टल बनाने के लिए सरकार ने संबंधित विभाग के साथ बैठक शुरू कर दी हैं. संभावित जगहों की पहचान की जा रही है और हॉस्टल पॉलिसी बनाने का काम भी शुरू हो गया है.
छात्रों की जरूरतों के हिसाब से दी जाएगी सुविधाएं
सरकार का फोकस सिर्फ हॉस्टल बनाने पर ही नहीं है, बल्कि छात्रों को बेहतर और सुरक्षित माहौल देना भी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हॉस्टल में जरूरी सुविधाएं दी जाएंगी.
सरकार का मकसद ऐसे रहने की जगह देना है, जहां दूसरे राज्यों से आने वाले छात्रों और उनके माता-पिता को सुरक्षा का भरोसा मिल सके. छात्रों को रहने, खाने और सुरक्षा जैसी बुनियादी चिंताओं से छुटकारा मिलेगा, ताकि वे अपनी पढ़ाई और करियर पर बेहतर तरीके से फोकस कर सकें.