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दिल्ली में यूपी की वो जमीन, जहां बसे हैं 1800 मकान-दुकान, नोटिस के बाद खाली कराने की तैयारी

Delhi Encroachment News: दिल्ली के अली गांव में करीब 1800 मकान और दुकानों पर कार्रवाई की तैयारी है. ये लोग उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की 8.48 एकड़ जमीन पर सालों से रह रहे हैं. कोर्ट के नियुक्त बैलिफ ने कब्जाधारियों को नोटिस जारी कर 26 सितंबर तक सामान हटाकर जगह खाली करने को कहा है.

Written By Akanchha Singh
Published: Sep 26, 2026, 11:26 AM IST | Updated: Sep 26, 2026, 11:41 AM IST
Image Credit: Image Credit_ AI Pic
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Delhi News: दिल्ली के अली गांव में लगभग 1800 मकानों और दुकानों पर कार्रवाई की उलटी गिनती शुरू हो गई है. उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की 8.48 एकड़ जमीन पर ये लोग सालों से बसे हैं. कोर्ट की तरफ से नियुक्त बैलिफ ने कब्जाधारियों को नोटिस दिया. इस नोटिस में 26 सितंबर तक सामान हटाकर जगह खाली करने को कहा गया है. नोटिस में ये भी लिखा है कि अगर जगह खाली नहीं किया गया, तो 26 सितंबर यानी कि आज से ही पुलिस बल की मौजूदगी में मकान और दुकान खाली कराने की कार्रवाई की जाएगी.    

कितने मकानों और दुकानों पर लगाया नोटिस
अली चौक से शिव मंदिर तक रोड के दोनों तरफ लगभग 1500 मकान और दुकान होंगे. इसके अलावा पीर मोहल्ले में लगभग 300 मकानों पर भी नोटिस चिपकाया गया है. कार्रवाई करने के बाद इस जमीन को यूपी के सिंचाई विभाग के कब्जे में दी जाएगी. विभाग की तरफ से एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बीके सिंह को इस मामले का नोडल अधिकारी बनाया है.  

ये विवाद कब का है
दिल्ली में यमुना से लगी सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग की कई जमीनें यूपी सिंचाई विभाग को हस्तांतरित की गई थीं. बाद में इन जमीनों पर धीरे-धीरे कब्जे हो गए और मामला अदालत पहुंचा. 2002 में फैसला सिंचाई विभाग के पक्ष में आया. इसके बाद 2004 में कुछ हिस्सों से कब्जा हटाया गया, लेकिन आबादी वाले इलाकों में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी. इसके बाद कुछ कब्जाधारियों ने कोर्ट का रुख किया. कोर्ट में उन्होंने आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और बिजली-पानी के बिल जैसे दस्तावेजों का हवाला दिया. उनका दावा था कि जमीन पुरानी ग्राम सीमा और लाल डोरा क्षेत्र का हिस्सा है. पिछले साल हाईकोर्ट ने भी सिंचाई विभाग के पक्ष में फैसला सुनाया.

कब्जा हटाने की प्रोसेस
जामिया-ओखला इलाके में सिंचाई विभाग की जमीन पर बसे लोगों के नाम वोटर लिस्ट में दर्ज होने के बाद मामला फिर से चर्चा में आ गया. इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने कार्रवाई के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया. कोर्ट के नामित बैलिफ के साथ समन्वय कर कब्जे हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. 26 सितंबर की समय-सीमा के बाद 27 सितंबर को पुलिस बल के साथ बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी है. यूपी सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता संदीप कुमार के अनुसार, आली गांव में विभाग की 292 एकड़ जमीन उसके कब्जे में है, जबकि बाकी जमीन पर अवैध कब्जे हैं. न्यायालय के आदेश के तहत इन कब्जों को हटाया जाएगा.

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जी-न्यूज में ट्रेनी सब एडिटर. वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर हरियाणा डिजिटल टीम में दिल्ली-एनसीआर-हरियाणा की राजनीति, हाइपर लोकल, क्राइम की खबरों पर नजर. यूटिलीटी की खबरों में दिलचस्पी है. 2023 में संस्थान से जुड़े. माखन लाल चतुर्वेदी भोपाल से पत्रकारिता में डिग्री हासिल की.
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