सैलरी की समस्या दूर हुई: अब स्थायी नौकरी की मांग, आज LG ऑफिस तक DUTA का बड़ा मार्च
Delhi News: दिल्ली सरकार से पूरी तरह वित्तपोषित दिल्ली विश्वविद्यालय के 12 कॉलेजों में स्थायी नियुक्तियों का मुद्दा दोबारा से गरमा गया है. DUTA ने नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की है. साथ ही 23 सितंबर यानी कि आज डीयू के गेट नंबर-1 से उपराज्यपाल कार्यालय तक मार्च निकालने का ऐलान किया है.
Delhi News: दिल्ली सरकार से पूरी तरह वित्तपोषित दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के 12 कॉलेजों में लंबे समय से स्थायी नियुक्तियों का मुद्दा एक बार फिर उठाया गया है. DU शिक्षक संघ (DUTA) ने इन कॉलेजों में नियुक्ति प्रक्रिया को जल्द शुरू करने की मांग को लेकर 23 सितंबर यानी कि आज गेट नंबर-1 से दिल्ली के उपराज्यपाल कार्यालय तक मार्च निकालने का ऐलान किया है. DUTA अध्यक्ष प्रो. वीएस नेगी के अनुसार, इन कॉलेजों में सालों से सेवा दे रहे छात्रों के साथ किसी भी तरह का अब अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
कितने कॉलेजों में स्थायी नियुक्ति मांग?
प्रो. वीएस नेगी के अनुसार, दिल्ली सरकार से वित्तपोषित 12 कॉलेजों में स्थायी, एडहॉक और टेम्परेरी शिक्षक बहुत लंबे समय से सेवाएं दे रहे हैं. वहीं दिल्ली यूनिवर्सिटी के दूसरे कॉलेजों में नियुक्ति की प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी है, लेकिन इन 12 कॉलेजों में अभी तक स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होती नहीं दिख रही है. इतना ही नहीं उन्होंने इस मुद्दे को DUTA की ओर से कई बार पत्रों, ज्ञापनों और धरनों के माध्यम से दिल्ली सरकार के सामने उठाया गया है. इसके बावजूद डेढ़ साल से ज्यादा का समय बीत चुका है और अभी तक नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है. ऐसे में संगठन ने इस आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला कर किया है.
क्या है शिक्षकों की परेशानी?
DUTA अध्यक्ष के अनुसार, इन कॉलेजों में पहले शिक्षकों और कर्मचारियों को कई सालों तक सैलरी से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. इसके बाद दिल्ली सरकार ने वित्तीय व्यवस्था को सुचारू करने पर काम किया. साथ बी बजट में इन कॉलेजों के फंडिंग का प्रावधान किया गया.
इसके बाद जाकर सैलरी से जुड़ी परेशानी दूर हुई. उन्होंने आगे कहा कि वेतन का सही समय पर मिलना बहुत जरूरी है, लेकिन शिक्षकों की समस्या केवल सैलरी तक सीमित नहीं है. डीयू के शिक्षकों ने लंबे समय से एडहॉक और टेम्परेरी आधार पर काम कर रहे शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति की मांग उठाई है. प्रो. वीएस नेगी ने कहा कि कई शिक्षक 5 से 15 साल से इसी व्यवस्था के तहत सेवाएं दे रहे हैं. उनके अनुभव को देखते हुए खाली पदों को जल्द मंजूरी देकर स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए.
स्थायी नियुक्ति प्रक्रिया का इंतजार
दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े दिल्ली सरकार द्वारा 100 फीसदी वित्तपोषित 12 कॉलेजों में करीब 500 से 600 एडहॉक और टेम्परेरी शिक्षक लंबे समय से स्थायी नियुक्ति प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं. DUTA अध्यक्ष प्रो. वीएस नेगी के अनुसार, इन शिक्षकों ने भी सालों से कॉलेजों में अपनी जिम्मेदारियां निभाई हैं और उनकी सेवाओं को देखते हुए स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि DU के कई दूसरे कॉलेजों में एडहॉक शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति के लिए एक से ज्यादा चरण पूरे हो चुके हैं. ऐसे में इन 12 कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को लंबे समय तक लंबित रखना उचित नहीं है. उन्होंने खाली और मंजूर पदों को जल्द भरने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की.
इन 12 कॉलेजों से जुड़ा है मामला
इस मामले में आचार्य नरेंद्र देव कॉलेज, भगिनी निवेदिता कॉलेज, अदिति महाविद्यालय, भास्कराचार्य कॉलेज ऑफ एप्लाइड साइंसेज, डॉ. भीमराव आंबेडकर कॉलेज, दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज, इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स साइंसेज, केशव महाविद्यालय, महाराजा अग्रसेन कॉलेज, महर्षि वाल्मीकि कॉलेज ऑफ एजुकेशन, शहीद राजगुरु कॉलेज और शहीद सुखदेव कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज शामिल हैं.