दिल्ली में इस समय दुर्गा पूजा की धूम है. लोगों में दुर्गा पूजा को लेकर अलग ही उत्साह देखने को मिलता है. वहीं दूसरी तरफ इसके चलते कुछ दिनों तक मेन सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ने की आशंका है. वहीं सीआर पार्क और ग्रेटर कैलाश-2 में होने वाले आयोजन में बहुत सारे लोगों के पहुंचते हैं. ऐसे में ट्रैफिक पुलिस ने इन क्षेत्रों के आसपास 8 मेन सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई है. 20 अक्टूबर तक हर रोज शाम 4 बजे से मध्यरात्रि 12 बजे तक प्रतिबंध लागू होंगे. इस दौरान सीआर पार्क और ग्रेटर कैलाश-2 में लोगों के निजी गाड़ियों का एंट्री की परमिशन नहीं मिलेगी.
इन रास्तों पर हो सकता है परेशानी
ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि आउटर रिंग रोड पर वसंत विहार से मोदी मिल फ्लाईओवर तक, लाला लाजपत राय मार्ग पर सीआर पार्क के निकट, अगस्त क्रांति मार्ग पर रिंग रोड से आउटर रिंग रोड के बीच और महरौली-बदरपुर रोड पर खानपुर से जामिया हमदर्द तक जाम की आशंका है.
वहीं दूसरी तरफ गुरु रविदास मार्ग, लाल बहादुर शास्त्री मार्ग और जोसिप ब्रोज टीटो मार्ग के कुछ हिस्सों में गाड़ी चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. सीआर पार्क और ग्रेटर कैलाश-2 की आंतरिक सड़कों पर भी यातायात का दबाव रहने की संभावना है.
सड़कों की चौड़ाई सीमित
दुर्गा पूजा का पंडाल आवासीय कॉलोनियों के अंदर है. यहां पर सड़कों की चौड़ाई सीमित है. साथ ही विजिटर्स की गाड़ियों के लिए तक जगह नहीं है. ऐसे में निजी वाहनों से पहुंचने वाले लोगों को पार्किंग की परेशानी के साथ जाम का सामना करना पड़ सकता है. ट्रैफिक पुलिस ने प्रभावित इलाकों में अनधिकृत पार्किंग नहीं करने की चेतावनी दी है. जो भी लोग ट्रैफिक को बाधित करते हैं या गलत तरीके से खड़े होते हैं उन्हें हटाया जा सकता है.
मेट्रो का करें इस्तेमाल?
वहीं ट्रैफिक पुलिस ने सीआर पार्क जाने के लिए दिल्ली मेट्रो का इस्तेमाल करने की सलाह दी है. जो भी लोग इन जगहों में घूमने जाने का प्लान कर रहे हैं, वो ग्रेटर कैलाश और नेहरू एन्क्लेव मेट्रो स्टेशन पर उतरकर आगे पैदल पंडालों तक जा सकते हैं. पुलिस ने साफ तौर पर कहा है कि प्रभावित रास्तों का अनावश्यक इस्तेमाल नहीं करें. साथ ही कहीं भी जाने के लिए समय लेकर घर से निकलें. ड्यूटी पर तैनात यातायात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है.
दुर्गा पूजा के समय पंडालों में लोगों की भीड़ जाने की संभावना रहती है. ऐसे में इन इलाकों से होकर गुजरने वाले वाहन चालकों को भी यात्रा से पहले मार्ग की स्थिति की जानकारी लेने और जरूरत के अनुसार ऑप्शनल रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है.