CJP प्रदर्शन के बाद दिल्ली के बॉर्डर खुले, ट्रैफिक हुआ नॉर्मल, अब क्या है हाल
Delhi News: दिल्ली में रविवार को कई बॉर्डर पर यातायात सामान्य रहा. इन बॉर्डरों को शनिवार को प्रोटेस्ट को देखते हुए दिल्ली में प्रवेश करने से रोकने के लिए कई जगहों पर रास्ते बंद किए गए थे और डिवाइडर लगाए गए थे. वहीं रविवार को आम लोगों की सुविधा को देखते हुए डिवाइडर को हटा दिया गया.
Delhi News: दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) बीते कल यानी कि शनिवार को प्रदर्शन करने वाली थी, लेकिन CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को फ्लाइट में से ही डिटेन कर लिया गया था. इसके बाद उन्हें आज यानी कि रविवार को दिल्ली कैंट की मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया. वहां से तीनों को कोर्ट ने जमानत दे दी है.
बता दें कि CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट करने का ऐलान किया था. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने प्रोटेस्ट की परमिशन नहीं दी थी. पुलिस ने आवेदन देर से मिलने और पहले के प्रदर्शनों में नियमों के कथित उल्लंघन की बात कही थी. इसके बाद प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी.
दिल्ली के बॉर्डर अब क्या है हाल?
संडे यानी कि आज दिल्ली के कई बॉर्डर पर यातायात नॉर्मल दिखाई दिए. शनिवार को प्रदर्शनकारी दिल्ली में एंट्री न ले सकें, इसके लिए कई जगहों के रास्ते बंद किए गए थे और डिवाइडर लगाए गए थे. रविवार को आम लोगों को राहत देने के लिए इन डिवाइडर को हटा दिया गया है. नोएडा से दिल्ली आने-जाने वाले कई रास्ते भी खुले नजर आ रहे हैं.
बदरपुर बॉर्डर और कालिंदी कुंज बॉर्डर पर भी गाड़ियों की आवाजाही नॉर्मल रही. वहीं दिल्ली के रजोकरी बॉर्डर पर जयपुर और गुरुग्राम की तरफ से आने वाली गाड़ियों को दिल्ली में एंट्री दी जा रही है. हालांकि, सुरक्षा के मद्देनजर बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, SSB और ITBP के जवान तैनात रहे.
कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था जारी
दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डर पर प्रोटेस्ट को देखते हुए पुलिस और पैरामिलिट्री बलों की तैनाती की गई थी. रविवार को भी कई जगह सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई. पुलिस की कोशिश केवल इतनी है कि कानून-व्यवस्था बनी रहे और आम लोगों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो.
दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू होने का हवाला देते हुए प्रोटेस्ट की परमिशन नहीं दी थी. वहीं, प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद रखने का अनुरोध किया गया था, जिसे DMRC ने मंजूरी दी थी. इतना ही नहीं सुरक्षा व्यवस्था का असर रेलवे सेवाओं पर भी देखने को मिला. जानकारी के अनुसार, 5,000 से ज्यादा यात्री ट्रेन नहीं पकड़ सके और कुछ ट्रेनें रद्द हुईं.