दिल्ली में यहां दिखेगा अनोखा रावण: बॉडी बिल्डर जैसा शरीर, युवाओं को नशे से दूर रहने की सीख
गोर गार्डन में बच्चों ने करीब एक महीने की मेहनत और स्थानीय लोगों के सहयोग से बॉडी बिल्डर जैसा रावण तैयार किया है, जिस पर 4 से 5 लाख रुपये खर्च होने की बात कही गई है. इसका मकसद नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाना है.
राजधानी दिल्ली के टैगोर गार्डन फोर स्टोरी इलाके में बच्चों द्वारा तैयार किया गया अनूठा ‘बॉडी बिल्डर रावण’ इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. इस रावण को खास अंदाज में तैयार कर बच्चों ने समाज को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और नशे से दूर रहने का संदेश देने की पहल की है. पिछले 16 वर्षों से इलाके के बच्चे इस परंपरा को निभाते आ रहे हैं. खास बात यह है कि रावण के निर्माण में बच्चों के साथ-साथ स्थानीय निवासी भी आर्थिक सहयोग करते हैं.
इस बार बच्चों ने करीब एक महीने की मेहनत से रावण का ऐसा स्वरूप तैयार किया है, जिसकी शारीरिक बनावट जिम में कसरत कर बॉडी बनाने वाले बॉडी बिल्डर जैसी दिखाई देती है. रावण की इस अनूठी आकृति के जरिए युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया गया है.
नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश
रावण के इस विशेष स्वरूप के पीछे मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है. आयोजकों की पहल है कि पंजाब और दिल्ली समेत देश के विभिन्न हिस्सों में नशे की गिरफ्त में आ रहे युवाओं तक यह संदेश पहुंचे कि नशा उनके भविष्य और जीवन को नुकसान पहुंचा सकता है. इसके बजाय युवाओं को अपनी सेहत पर ध्यान देना चाहिए और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ना चाहिए.
बच्चों का मानना है कि स्वस्थ युवा ही देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. इसी सोच के साथ बॉडी बिल्डर रावण को केवल दशहरे के उत्सव तक सीमित न रखते हुए सामाजिक जागरूकता का माध्यम बनाया गया है. इसके जरिए नशामुक्त भारत और स्वस्थ समाज का संदेश देने की कोशिश की जा रही है.
स्थानीय लोगों के सहयोग से तैयार होता है रावण
टैगोर गार्डन फोर स्टोरी इलाके में रावण निर्माण की यह परंपरा पिछले 16 वर्षों से जारी है. हर साल बच्चे मिलकर रावण तैयार करने में जुटते हैं और इसके लिए इलाके के लोगों से आर्थिक सहयोग एकत्रित किया जाता है. इस पूरी प्रक्रिया में बच्चों की मेहनत, सामूहिक भागीदारी और स्थानीय निवासियों का योगदान अहम रहता है.
इस रावण को तैयार करने में लगभग चार से पांच लाख रुपये तक का खर्च आने की बात कही गई है. एक महीने तक चलने वाली तैयारी के बाद रावण को दशहरे के अवसर पर लोगों के सामने प्रस्तुत किया जाता है.
दशहरे पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी रहेगी धूम
दशहरे के दिन इलाके में बड़े मंच का निर्माण किया जाता है, जहां विभिन्न झांकियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है. इन प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और परंपराओं को दर्शाया जाता है. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के शामिल होने के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति भी रहती है.
टैगोर गार्डन के बच्चों की यह पहल दिखाती है कि त्योहारों के पारंपरिक स्वरूप को सामाजिक सरोकारों से जोड़कर लोगों तक सकारात्मक संदेश पहुंचाया जा सकता है. बॉडी बिल्डर रावण के माध्यम से बच्चों ने न केवल अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया है, बल्कि युवाओं को स्वस्थ रहने और नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का प्रयास भी किया है.
(दिल्ली से राजेश शर्मा की रिपोर्ट)