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Delhi के आली गांव में 1800 मकान-दुकान खाली कराने के नोटिस पर बवाल, UP सिंचाई विभाग को जाएगी जमीन; AAP-BJP आमने-सामने

दिल्ली के आली गांव में करीब 1,800 अवैध मकान-दुकानों को खाली कराने के नोटिस के बाद स्थानीय लोगों का विरोध जारी है और सोमवार को पुलिस बल की मौजूदगी के बीच स्थिति तनावपूर्ण रही.

Written By Renu Akarniya
Published: Sep 28, 2026, 07:47 PM IST | Updated: Sep 30, 2026, 04:19 PM IST
Image Credit: Demo AI Photo
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Delhi News: दिल्ली के आली गांव में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की जमीन पर बने लगभग 1,800 अवैध मकानों और दुकानों को खाली करने का नोटिस दिया गया है. दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद नोटिस चस्पा किया गया है, जिसमें 26 सितंबर तक जगह खुद खाली करने की समय-सीमा (मोहलत) दी गई थी, सोमवार को पुलिस फोर्स पहुंची. मगर स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया है. अभी फिलहाल कार्रवाई रोकी गई है. आम आमी पार्टी और बीजेपी के लोगो के बीच धरना स्थल पर एक दुसरे के खिलाफ नारेबाजी भी हुई.

आली गांव के लोगों से बातचीत
आली गांव रह रहे लोगों का कहना है की अभी फिलहाल कार्रवाई रुकी है, लेकिन हम अस्वाशन से नहीं मानेंगे लिखित में हमे दिया जाए की आगे कार्रवाई नहीं होगी. गांव के लोगों का कहना है कि वे इस इलाके में पिछले 70 से 100 वर्षों से रह रहे हैं.

AAP नेताओं का समर्थन
आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज, विधायक अमानतुल्लाह खान और विधायक कुलदीप कुमार ओखला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आली गांव पहुंचे और वहां के निवासियों के समर्थन में धरने में शामिल हुए. AAP नेताओं ने इस कार्रवाई को पूरी तरह अमानवीय बताया है. सौरभ भारद्वाज और अन्य नेताओं ने केंद्र व संबंधित प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनावों के समय वोट मांगने वाले अब गरीबों के घर उजाड़ने पर तुले हैं.

फिलहाल कार्रवाई पर रोक, सरकार ने दिया आश्वासन
वहीं ब्रह्म सिंह, दिल्ली नगर निगम के मदनपुर खादर पश्चिम से वर्तमान बीजेपी निगम पार्षद हैं. आली गांव भी इसी क्षेत्र और वार्ड के अंतर्गत आता है. पार्षद ब्रह्म सिंह की तरफ से आश्वासन दिया है कि सरकार इन लोगों के साथ खड़ी हुई है और फिलहाल कार्रवाई को रोक दिया गया है. यहां पर बुलडोजर कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी. इसका समाधान निकाला जाएगा, चाहे उत्तर प्रदेश सरकार से बात करनी पड़े. बीजेपी की सरकार इन लोगों के साथ खड़ी हुई है.

लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े ग्रामीण
फिलहाल, अली गांव में प्रस्तावित कार्रवाई रोक दी गई है और स्थानीय निवासियों को समाधान का भरोसा दिया गया है. हालांकि, गांव वाले लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े हुए हैं. प्रशासन और संबंधित सरकारों के बीच बातचीत के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.

(दिल्ली से देवेश कुमार की रिपोर्ट)

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About the Author

रेनू अकर्णिया, वर्तमान में Zee News में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा की लेटेस्ट, ट्रेंडिंग कंटेंट, यूटिलिटी जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. रेनू पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. पत्रकारिता में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने 2022 में Zee News से करियर की शुरुआत की.  लोकल चैनल समाचार प्लस में इंटर्न से शुरुआत की और कारवां बढ़ता हुआ जी न्यूज पहुंचा.
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