Bulldozer Action: आधी रात शालीमार बाग में बुलडोजर एक्शन, मस्जिद के ऊपरी हिस्से समेत कई मकान जमींदोज
Bulldozer Action In Shalimar Bagh: दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में देर रात सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत प्रशासन ने तोड़-फोड़ की कार्रवाई की गई. इस दौरान मैक्स हॉस्पिटल रोड पर भारी पुलिस बल तैनात रहा. कार्रवाई के दौरान मदीना मस्जिद के ऊपरी हिस्से, आसपास बने कुछ घरों को हटाया गया.
Delhi News: दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में देर रात प्रशासन ने बड़ी डिमोलिशन की कार्रवाई की. इस दौरान वहां पे भारी पुलिस बल तैनात थी. ये कार्रवाई मैक्स हॉस्पिटल रोड पर सड़क चौड़ी करने को लेकर की गई. बता दें कि मदीना मस्जिद और आस-पास के घरों समेत बाकी अतिक्रमण को हटाया गया. साथ ही मैक्स हॉस्पिटल रोड पर स्थित मदीना मस्जिद के ऊपरी हिस्से और उसके आसपास बने घरों पर बुलडोजर चलाया गया. आरोप है कि ये कार्रवाई आधी रात को की गई, जिसके बाद सियासत भी गरमा गई है. इतना ही नहीं मदीना मस्जिद तोड़े जाने के समय काफी ज्यादा विरोध हुआ.
लोगों ने क्या कहा?
प्रशासन की तरफ से ये कार्रवाई सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के तहत की गई है. मैक्स हॉस्पिटल वाली मेन रोड पर स्थित मदीना मस्जिद के ऊपरी हिस्से और उसके आसपास बने कई मकानों को इस कार्रवाई में डिमोलिश किया गया. वहां के लोगों के अनुसार, इसी रोड को चौड़ा करने के लिए पहले भी कई बार डिमोलिशन ड्राइव चलाई जा चुकी है. लेकिन इस बार की कार्रवाई रात के अंधेरे में और भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच की गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया.
अंधेरे में चलाया गया मस्जिद पर बुलडोजर
मस्जिद पर कार्रवाई की सूचना मिलते ही AIMIM के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शोएब जमई मौके पर पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. शोएब जमई ने इस कार्रवाई को पूरी तरह से असंवैधानिक और गैर-कानूनी करार दिया. उन्होंने कहा कि जिस तरह उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में रात के अंधेरे में मस्जिद पर बुलडोजर चलाया गया था, उसी पैटर्न पर दिल्ली के शालीमार बाग में भी कार्रवाई की गई है. उन्होंने कहा कि दिल्ली को सहारनपुर पार्ट-2 नहीं बनने दिया जाएगा.
शोएब जमई ने क्या कहा?
शोएब जमई ने एक और गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जब डिमोलिशन टीम मस्जिद के अंदर दाखिल हुई, तो मस्जिद के इमाम को अंदर रखी पवित्र किताबें, जरूरी दस्तावेज और दूसरे सामान तक बाहर निकालने की मोहलत नहीं दी गई. इस बात को लेकर स्थानीय लोगों में भी काफी नाराजगी है. फिलहाल प्रशासन ने अपनी कार्रवाई को सड़क चौड़ीकरण के लिए जरूरी बताया है. वहीं इस डिमोलिशन के बाद किसी भी तरह के तनाव या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए पूरे इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात कर दिया गया है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.
लोगों ने क्या कहा?
वहां के लोगों का कहना है कि जब हम बाहर आ गए तब पता चला कि वो मस्जिद का एक हिस्सा गिराने आए थे. हमें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि वो खास तौर पर हमारे लिए आ रहे हैं. हमने वहां पर बस भीड़, पुलिसकर्मी और गाड़ियां देखीं. उन्होंने सवाल भी किया कि प्रशासन रात में इस तरह का काम कैसे कर सकता है.'
(दिल्ली से नीरज शर्मा की रिपोर्ट)