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Delhi News: दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए 17 लोगों को पटियाला हाउस ने जमानत दे दी है. ये मामला संसद मार्ग थाने में दर्ज FIR से जुड़ा हुआ है. जो लोग गिरफ्तार हुए हैं, उनमें छात्र और स्वतंत्र पत्रकार शामिल हैं. इंडियन यूथ कांग्रेस (आईवाईसी) के अनुसार, ये लोग कथित वोट चोरी के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन में उसकी कवरेज कर रहे थे.
पुलिस ने क्या कहा है?
कोर्ट के सामने पुलिस ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की थी. वहीं आरोपियों की तरफ से पेश वकीलों ने पुलिस की इस मांग का पूरा विरोध किया. बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए अपराधों में अधिकतम सजा 7 साल से कम है. इसके साथ ही गिरफ्तारी के आधार में किसी भी आरोपी की व्यक्तिगत भूमिका साफ रूप से नहीं बताई गई है.
बचाव पक्ष ने क्या कहा?
वहीं कोर्ट में बचाव पक्ष के वकीलों ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कुछ आरोपियों को चोटें आई थीं. वकीलों के अनुसार, चोट लगने के बावजूद उन्हें तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई. कोर्ट के सामने ये भी आरोप लगाया गया कि दो आरोपियों ने थाने में हिरासत के दौरान उनके साथ मारपीट किए जाने की शिकायत की है
जमानती बॉन्ड पर जमानत देने का आदेश
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सारे 17 आरोपियों को 15-15 हजार रुपये के जमानती बॉन्ड पर जमानत देने का आदेश दिया. इनमें चार महिला आरोपियों को व्यक्तिगत मुचलके पर तुरंत रिहा करने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं, दूसरे 13 आरोपियों की रिहाई जमानतदार पेश किए जाने के बाद होगी.
कोर्ट ने किसे रिपोर्ट पेश करने को कहा है?
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने पुलिस के बड़े अधिकारियों से भी रिपोर्ट तलब की है. कोर्ट ने DCP, नई दिल्ली से मामले में रिपोर्ट पेश करने को कहा है. दूसरी तरफ थाना संसद मार्ग इलाके में लगे CCTV कैमरों की फुटेज को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया है, जिससे प्रदर्शन और गिरफ्तारी से जुड़ी घटनाओं की जांच में इसका यूज किया जा सके.
चोट लगे लोगों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराया जाए
वहीं जिन लोगों को प्रदर्शन के दौरान चोट लगी है. उन्हें कोर्ट ने आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया है. कोर्ट के निर्देश के बाद अब मामले में पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों की ओर से लगाए गए हिरासत में मारपीट के आरोपों पर भी नजर रहेगी. वहीं 17 आरोपियों को जमानत मिलने के बाद प्रदर्शन से जुड़े मामले में राजनीतिक हलचल तेज हो सकती है. IYC ने गिरफ्तार लोगों को छात्र और स्वतंत्र पत्रकार बताते हुए उनकी गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं.