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जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ की बहाली और चुनाव कराने की मांग को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है. बुधवार यानी कि 21 अक्टूबर को आंदोलन का दसवां दिन है. छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं. इस बीच कांग्रेस से राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से मुलाकात करने कैंपस पहुंचे. उन्होंने छात्रों की मांगों को सुना और उनके आंदोलन को समर्थन देने की बात कही.
इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि वह जामिया मिलिया इस्लामिया कैंपस पहुंचे और भूख हड़ताल कर रहे छात्रों से मुलाकात की. उनके मुताबिक छात्रों की मांग यूनिवर्सिटी में छात्र संघ बहाल करने की है, जो जायज है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों की मांगों के साथ है और पार्टी की ओर से हर संभव मदद की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी छात्रों की आवाज बनकर सदन में उनकी मांग उठाएंगे, क्योंकि राहुल गांधी युवाओं के साथ हैं. प्रतापगढ़ी ने कहा कि लाठी के जोर पर राजनीति को दबाया नहीं जा सकता और छात्रों की मांग पूरी होनी चाहिए.
10 दिन से जारी है छात्रों का प्रदर्शन
जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव करीब 20 साल से बंद हैं. इन्हें दोबारा शुरू कराने और चुनाव कराने की मांग को लेकर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल भी शुरू की है. प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि प्रशासन की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है.
छात्रों के अनुसार, पिछले 10 दिनों से चार छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं. इनमें से कुछ की तबीयत पिछले तीन से चार दिनों से खराब चल रही है. छात्रों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से उन्हें मेडिकल सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई और वे अपने स्तर पर ही इलाज की व्यवस्था कर रहे हैं. हालांकि, छात्रों के मुताबिक, एक छात्र की तबीयत ज्यादा बिगड़ने के बाद मंगलवार को यूनिवर्सिटी की ओर से मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई गई.
हाई लेवल कमेटी और छात्रों के बीच बातचीत बेनतीजा
विरोध प्रदर्शन के बीच जामिया प्रशासन ने गतिरोध दूर करने के लिए सात सदस्यीय हाई लेवल कमेटी का गठन किया है. छात्रों और कमेटी के बीच कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई सहमति नहीं बन पाई है. प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि कमेटी उनकी मांगों को स्वीकार करने के बजाय अपनी बात मनवाने की कोशिश कर रही है. वहीं, छात्र संघ की बहाली और चुनाव कराने की मांग पर आंदोलन जारी है.
इससे पहले 17 अक्टूबर को भूख हड़ताल पर बैठे कुछ छात्रों को पुलिस और प्रशासन द्वारा कथित तौर पर प्रदर्शन स्थल से जबरन हटाए जाने की खबरें सामने आई थीं. इसके बाद कैंपस में तनाव बढ़ गया था.
जामिया गेट नंबर 7 के बाहर पुलिस और पैरामिलिट्री तैनात
कैंपस में लगातार जारी प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है. जामिया के गेट नंबर 7 के बाहर दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात हैं. जानकारी के मुताबिक, यहां 200 से ज्यादा पुलिसकर्मियों और पैरामिलिट्री जवानों की तैनाती की गई है.
मंगलवार रात सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कैफ भी छात्रों के समर्थन में जामिया पहुंचे थे. उन्हें रात में हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई, हालांकि बुधवार सुबह उन्हें छोड़ दिया गया. आंदोलन को अब विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक नेताओं का भी समर्थन मिल रहा है. कांग्रेस और एआईएमआईएम से जुड़े नेताओं समेत कई संगठनों के प्रतिनिधि छात्रों के समर्थन में कैंपस पहुंच रहे हैं.
फिलहाल छात्र संघ की बहाली और चुनाव कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी है. छात्र अपनी मांगों पर अड़े हैं, जबकि प्रशासन और छात्रों के बीच बातचीत से अब तक कोई अंतिम समाधान नहीं निकल पाया है.
(हरि किशोर साह और अशोक कुमार की रिपोर्ट)