छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के DD नगर पुलिस स्टेशन इलाके में धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है. यहां शेयर मार्केट और म्यूचुअल फंड में भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों से ₹2.34 करोड़ की ठगी की गई. पुलिस ने इस घोटाले को अंजाम देने वाले पति-पत्नी अमित कुमार और कल्याणी दुबे के खिलाफ FIR दर्ज की है. इन्होंने एक प्राइवेट कंपनी की आड़ में यह घोटाला किया था.
मकान में ताला लगाकर फरार हुए आरोपी
शिकायत के अनुसार, आरोपी दंपती निवेशकों से बड़ी रकम हड़पने के बाद अपने मकान में ताला लगाकर फरार हो गए हैं. इस धोखाधड़ी में आम निवेशकों के साथ-साथ उनके कई रिश्तेदारों और परिचितों के भी करोड़ों रुपये फंस गए हैं. स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक महिला ने तो इस स्कीम में लगभग ₹1.20 करोड़ निवेश करने के लिए अपना घर गिरवी रखकर पर्सनल लोन तक ले लिया था.
पति के निजी खाते में रकम ट्रांसफर करने का आरोप
जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी ने कंपनी के आधिकारिक खातों से पैसे निकालकर अपने पति के निजी खातों में ट्रांसफर किए और निवेशकों के पैसे का इस्तेमाल करके अपने नाम पर फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) भी खुलवाए. आरोपी दंपति ने 7 जुलाई को सभी हिसाब-किताब निपटाने का वादा किया था, लेकिन उसके बाद वे फरार हो गए. इस हाई-प्रोफाइल धोखाधड़ी के मामले में झारखंड और बिहार से कनेक्शन होने की अटकलें तेज हो गई हैं.
बता दें कि रायपुर के DD नगर पुलिस स्टेशन इलाके में सामने आया ₹2.34 करोड़ की धोखाधड़ी का यह हाई-प्रोफाइल मामला न सिर्फ आर्थिक धोखे का एक गंभीर उदाहरण है, बल्कि यह ज्यादा मुनाफे के लालच में आकर प्राइवेट कंपनियों या अनजान लोगों पर आंख बंद करके भरोसा करने के खिलाफ एक कड़ी चेतावनी भी है. ऐसे मामलों में लोग अक्सर अपनी पूरी जमा-पूंजी जिसमें उनकी मेहनत की कमाई, लोन से जुटाया गया पैसा या घर गिरवी रखकर हासिल की गई रकम शामिल होती है, दांव पर लगा देते हैं.
धोखाधड़ी से सावधान रहने की जरुरत
यह घटना हमें सिखाती है कि शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय हमेशा SEBI-रजिस्टर्ड, भरोसेमंद वित्तीय संस्थानों या अधिकृत सलाहकारों को ही चुनना चाहिए. निजी कंपनियों या व्यक्तियों द्वारा जल्दी अमीर बनने की स्कीमों या भारी मुनाफे के वादों के झांसे में आने से बचना बहुत जरूरी है. साथ ही, प्रशासन और पुलिस विभाग को ऐसी धोखाधड़ी करने वाली कंपनियों और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है.