छत्तीसगढ़ के चर्चित कोयला लेवी घोटाले ने एक बार फिर सियासी हलचल बढ़ा दी है. इस मामले में जांच एजेंसी ने रायपुर कोर्ट में छठी चार्जशीट जाखिल की है. ACB-EOW की ओर से पेश की गई चार्जशीट में कांग्रेस के कई नेताओं समते कुल 12 लोगों को आरोपी बनाया गया है. चार्जशीट सामने आने के बाद प्रदेश की सियासत से लेकर अलग-अलग क्षेत्रों में चर्चा तेज हो गई है. इस चार्जशीट में मशहूर कवि कुमार विश्वास के नाम का भी जिक्र हुआ है, जिसके बाद यह मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया है.
चार्जशीट की समरी में विधायक देवेंद्र यादव और सूर्यकांत तिवारी के बीच हुई वाट्सएप बातचीत का जिक्र करते हुए जांच एजेंसी ने कहा है कि इन चैट्स में राम नवमी के मौके पर खैरागढ़ में आयोजित कुमार विश्वास के कार्यक्रम के लिए 25 लाख की व्यवस्था करने की बात कही गई है. सोमवार को EOW ने रायपुर की एक स्पेशल कोर्ट में 9,000 से ज्यादा पन्नों की सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की. इसमें 12 आरोपियों से जुड़ी जांच की जानकारी, दस्तावेज, डायरी की एंट्री, बातचीत और दूसरे सबूत शामिल हैं. कुमार विश्वास के कार्यक्रम से जुड़ी बातचीत भी इस जांच सामग्री का हिस्सा है.
डायरी में 35 लाख के पेमेंट का जिक्र
EWO की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, घोटाले से मिली रकम का इस्तेमाल सांस्कृतिक कार्यक्रमों और चुनाव से जुड़े खर्चों के लिए किया गया था. चुनाव के लिए कैश एक सिंडिकेट के जरिए हासिल किया गया था. इसके बाद 7 अप्रैल को दुर्ग ग्रुप को कैश मिलने के बारे में एक मैसेज भेजा गया और 9 अप्रैल को डायरी में 35 लाख के पेमेंट की जानकारी दर्ज की गई. ठीक उसी दिन जब पैसा खैरागढ़ पहुंचा था.
डिजिटल चैट बनी अहम कड़ी
डिजिटल सबूतों पर आधारित जांच रिपोर्ट से पता चलता है कि 28 मार्च और 10 अप्रैल 2022 के बीच 14 दिनों में 11 किश्तों में निर्वाचन क्षेत्र में कुल 3 करोड़ पहुंचाए गए थे. इस रकम का एक बड़ा हिस्सा चुनाव प्रचार, स्थानीय व्यवस्थाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर खर्च किया गया था. जांच अधिकारियों ने घोटाले के अलग-अलग पहलुओं को जोड़ने के लिए इन डिजिटल चैट्स को कोर्ट के सामने अहम सबूत के तौर पर पेश किया है. छठी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल होने के साथ ही कानूनी दांव-पेच और राजनीतिक खींचतान तेज होने की संभावना बढ़ गई है.