छत्तीसगढ़ का 'खेरा' बना पहला सोलर गांव, 141 घरों की छतों पर लगे पैनल, जानिए कैसे बदली गांव की जिंदगी?
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में ऐसा पहला गांव है, जो पूरी तरह से सोलर पैनल से पट गया है. आइए आपको इस गांव की खासियत के बारे में बताते हैं.
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले का खेरा गांव देश में अपनी खास पहचान बना चुका है. यह प्रदेश का ऐसा पहला गांव है, जहां पर हर तरह सोलर पैनल लगे हैं. यहां पर बिजली के लिए पारंपरिक स्रोतों पर निर्भरता कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. इस गांव के 141 घरों की छतों पर 2-2 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल लगाए गए हैं. इनसे कुल 282 किलोवाट बिजली का उत्पादन होगा.
इस गांव में सबसे खास बात यह है कि खेरा गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 93 घर बनाए गए हैं. इन सभी घरों पर सोलर पैनल लगे हुए हैं, जिससे पूरा गांव रोशन हो रहा है. इसके लिए ग्रामीणों को अपनी जेब से कोई खर्च नहीं करना पड़ रहा है.
हर घर की छत पर सोलर पैनल
खेरा गांव में सौर ऊर्जा को घर-घर तक पहुंचाने की पहल की गई. गांव के सभी 141 घरों की छतों पर सोलर पैन लगाए गए हैं. इस गांव के सभी घरों में 2 किलोवाट क्षमता का सिस्टम लगाया गया है. इस तरह गांव में कुल 282 किलोवाट बिजली उत्पादन की क्षमता तैयार हुई है. इससे ग्रामीणों को स्वच्छ ऊर्जा का विकल्प मिला है. साथ ही, बिजली की जरूरतों को पूरा करने में सौर ऊर्जा की भूमिका बढ़ी है.
छत्तीसगढ़ में बढ़ा सौर ऊर्जा का दायरा
खेरा गांव की यह पहल छत्तीसगढ़ में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की बड़ी योजना का हिस्सा है. प्रदेश सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक हरित ऊर्जा क्षमता को मौजूद करीब 3000 मेगावाट से बढ़ाकर 15000 मेगावाट करना है. इसके अलावा, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत राज्य में लगभग 1.26 लाख सौर संयत्र लगाए जा चुके हैं.
वहीं राज्य 1.66 लाख सोलर सिंचाई पंपों के जरिए करीब 1.94 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई भी हो रही है. ऐसे में खेरा गांव की पहल सिर्फ सौर ऊर्जा बड़े बिजली संयंत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों और आम परिवारों तक भी पहुंच रही है.
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सीएम साय ने रखी ऊर्जा विजन की रूपरेखा
बता दें कि 2 नवंबर 2026 को दिल्ली में वैश्विक मंच भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एवं एक्सपो-2026 आयोजित किया गया. इस चार दिवसीय समिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में किया है. इसके बाद मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों की उच्चस्तरीय राउंड टेबल बैठक में सीएम विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के ऊर्जा विजन की रूपरेखा रखी. साथ ही सीएम ने निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को राज्य में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया.