छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी को खत्म करने और युवाओं को उनके घर में ही रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार एक विशाल राज्यस्तरीय रोजगार मेले का आयोजन करने जा रही है. यह रोजगार मेला 7 और 8 अक्टूबर को लगाया जाएगा, जिसमें प्रदेश के 10 हजार से अधिक बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र की नामी कंपनियों में उनकी योग्यता और कौशल के आधार पर रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे. इस मेले में खुद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय युवाओं को ऑफर लेटर सौंपेंगे.
7-8 अक्टूबर को लगेगा रोजगार मेला
यह दो दिवसीय राज्य-स्तरीय मेगा जॉब फेयर 7 और 8 अक्टूबर को रायपुर के बुढ़ापारा स्थित प्रसिद्ध इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया जा रहा है. इसका आयोजन राज्य के कौशल विकास और रोजगार विभाग द्वारा किया जा रहा है. इस मेले में कई नामी प्राइवेट कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे और युवाओं का इंटरव्यू लेकर उनका चयन करेंगे.
CM साय देंगे ऑफर लेटर
इस रोजगार मेले का मुख्य आकर्षण इसका समापन सत्र और ऑफर लेटर वितरण समारोह होगा. मेले के दूसरे दिन 8 अक्टूबर को राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब विशेष रूप से इस कार्यक्रम में शामिल होंगे. वे चुने गए युवाओं को व्यक्तिगत रूप से ऑफर लेटर सौंपेंगे और इस तरह उनके करियर को एक नई दिशा देंगे.
युवाओं के सपनों को नई पहचान
छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल न केवल राज्य में बेरोजगारी दर को कम करेगी, बल्कि हजारों प्रशिक्षित युवाओं के सपनों को नई पहचान और दिशा भी देगी. 7 और 8 अक्टूबर को होने वाला यह आयोजन राज्य के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा.
सिंगापुर दौरे पर सीएम साय
इस बीच, विदेश मंत्रालय ने 'सिंगापुर-इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ (SING) फोरम 2026' के लिए छत्तीसगढ़ को चुना है. इस पहल के तहत, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज से 6 अक्टूबर तक सिंगापुर का दौरा करेंगे और राज्य के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे. इस फोरम में छत्तीसगढ़ वैश्विक मंच पर रोजगार पैदा करने वाले क्षेत्रों जैसे MSME, स्टार्टअप, कौशल विकास, बागवानी, वन्यजीव संरक्षण और हरित विकास में निवेश के अवसरों को प्रदर्शित करेगा. इस दौरे का मुख्य उद्देश्य राज्य में विदेशी निवेश को आकर्षित करना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से छत्तीसगढ़ के आर्थिक और औद्योगिक विकास को गति देना है.