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झीरम घाटी कांड: छत्तीसगढ़ कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी से की मुलाकात, पीड़ित परिवार भी रहे साथ, 60 मिनट तक चला मंथन

झीरम घाटी मामले पर आए फैसले को लेकर एक बार फिर से हलचल देखने को मिल रही है. छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेताओं ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की है. इस दौरान झीरम घाटी मामले के पीड़ित और पीड़ित परिवारों ने राहुल गांधी से मुलाकात भी की है.

Written ByManish Kushawah
Published: Sep 26, 2026, 05:48 PM IST|Updated: Sep 26, 2026, 06:07 PM IST
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झीरम घाटी कांड: छत्तीसगढ़ कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी से की मुलाकात, पीड़ित परिवार भी रहे साथ, 60 मिनट तक चला मंथन
Image Credit: Zee Media

About the Author

Manish Kushawah

Manish Kushawah

मनीष कुशवाह डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल मीडिया में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, क्राइम, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण (हाइपरलोकल) सरोकारों से जुड़ी खबरों की गहराई से कवरेज करना उनकी एक्सपर्टीज है.नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (NIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा पूरा करने के बाद मनीष ने मीडिया जगत में अपना सफर शुरू किया. ज़ी न्यूज़ से पहले उन्होंने News18 Hindi (Local18), इंडिया न्यूज़ और जनता टीवी जैसे प्रमुख समाचार चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम किया है. इस दौरान उन्होंने न्यूज़ प्लानिंग, कंटेंट आइडिएशन और डेस्क मैनेजमेंट की अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देते हैं, ताकि पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे.मनीष कुशवाह से आप Manish2.Kumar@india.com पर ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और फेसबुक के जरिए भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेताओं ने लोकसभा विपक्ष नेता राहुल गांधी से दिल्ली में मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने झीरम घाटी पर आए फैसले को लेकर 1 घंटे विस्तार से चर्चा की. बैठक के बाद कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कहा कि झीरम घाटी कांड के पीड़ितों ने राहुल गांधी से मुलाकात की है. वहीं उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने आगे का मार्गदर्शन भी दिया है. इस बैठक में कांग्रेस के कई सीनियर नेता भी मौजूद रहे.

भूपेश बघेल ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि झीरम घाटी कांड के पीड़ितों और पीड़ित परिवारों के साथ राहुल गांधी ने बैठकर विस्तार से चर्चा की. इस दौरान उन्होंने पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया. इसके अलावा, उससे जुड़े सभी पहलुओं के बारे में जानकारी दी. भूपेश बघेल ने कहा कि इस फैसले में न्याय नहीं हुआ है, इसलिए आगे किस तरह की लड़ाई लड़नी है, इसे लेकर राहुल गांधी से मार्गदर्शन लिया गया है. अब उसी मार्गदर्शन के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी.

झीरम के ‘न्याय’ की बात
जननायक राहुल जी के साथ!!

आज 10 जनपथ, नई दिल्ली में हमारे नेता श्री राहुल गांधी जी के साथ हम सबने झीरम घटना में हुए अन्याय, भाजपा और जाँच एजेंसियों के षड्यंत्र और इस लड़ाई को आगे ले जाने पर मंत्रणा की.

इस अवसर पर श्री राहुल जी ने सभी वरिष्ठ नेताओं की… pic.twitter.com/kPgHNZHXji

— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) September 26, 2026

टी. एस. सिंहदेव ने क्या कहा?
वहीं कांग्रेस नेता टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि बैठक काफी सार्थक रही. उन्होंने बताया कि बैठक में राहुल गांधी के सामने मामले से जुड़े सभी तथ्य रखे. सजा को लेकर सिंहदेव ने कहा कि इस मामले में सिर्फ 10 लोगों को सजा मिली है. उन्होंने आगे कहा कि जिन लोगों को सजा हुई है, वे गांव स्तर के लोग हैं, जो खाना पहुंचाने, गड्ढे खोदने जैसे काम करते थे. टी. एस. सिंहदेव ने बताया कि जिन बड़े नामों का जिक्र सामने आया, उन्हें फरार बताकर उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई. उन्होंने यह भी बताया कि बैठक में कानूनी राय और सहयोग भी मांगा गया, जिस पर राहुल गांधी ने कानूनी मदद के लिए संबंधित लोगों से मिलने का मार्ग बताया.

क्या बोले सुखदेव भगत
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि, 2013 मई में झीरम घाटी में हमारे 28 लोग मारे गए थे, उसके बाद जो फैसला आया है. उससे पीड़ित परिवार के लोग संतुष्ट नहीं हैं. क्योंकि जिन बड़े चेहरों के नाम सामने आए थे, उनका NIA ने जिक्र नहीं किया. आज सभी लोग बैठक में मौजूद थे. उस घटना के चश्मदीद गवाह भी मौजूद थे. हम लोगों ने सभी चीजों को बिंदुवार बताया. हमारा शीर्ष नेतृत्व न्यायिक प्रक्रिया को लेकर दिशा-निर्देश देंगे और फिर हम उस पर अमल करेंगे.

कब आया था फैसला?
दरअसल, जगदलपुर की विशेष NIA अदालत ने 2013 में हुए झीरम घाटी कांड मामले में 5 सितंबर को 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था. इसके बाद 16 सितंबर को सभी 10 आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई थी. यह एक देश का सबसे बड़ा हमला माना जाता है, इसमें कांग्रेस के कई सीनियर नेताओं समेत कुल 28 लोगों की मौत हुई थी. जबकि 38 लोग घायल हुए थे. 13 साल तक जगदलपुर की विशेष NIA अदालत में चले एक केस में अभियोजन पक्ष की तरफ से कुल 101 गवाह पेश किए गए थे. कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर फैसला सुनाया था.

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Chhattisgarh News