App

झीरम घाटी कांड: 25 फरवरी 2013 की बैठक में क्या हुआ था? 185 पन्नों की जजमेंट कॉपी ने खोले राज

झीरम घाटी कांड के फैसले की कॉपी सामने आ गई है. इस 185 पन्ने की जजमेंट कॉपी से कई अहम खुलासे हुए हैं. इसमें 25 फरवरी 2013 की बैठक से लेकर हमले तक की पूरी कहानी सामने आई है.

झीरम घाटी कांड: 25 फरवरी 2013 की बैठक में क्या हुआ था? 185 पन्नों की जजमेंट कॉपी ने खोले राज
Image Credit: ZEE MEDIA

झीरम घाटी कांड में करीब 13 साल बाद फैसला आ चुका है. जगदलपुर की विशेष NIA अदालत ने 2013 के नक्सली हमले के 10 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है. NIA कोर्ट जज अजय सिंह राजपूत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया. वहीं इस जजमेंट की कॉपी भी सामने आई है. 185 पन्नों की जजमेंट कॉपी में 25 फरवरी 2013 के हमले से पहले रची गई साजिश और नक्सलियों की तैयारियों को लेकर कई अहम खुलासे हुए हैं.

जजमेंट कॉपी के मुताबिक, TCOC के तहत माओवादियों की ग्राम पीडिया में हुई बैठक में झीरम हमले की साजिश रची गई थी. 25 फरवरी 2013 को साउथ रीजनल यूनिफाइड कमांड की बैठक में झीरम घाटी में बड़ी घटना को अंजाम देने का फैसला लिया गया था. बारसे देवा और सुरेंद्र को ऑपरेशन की जिम्मेदारी दी गई थी. एंबुश की जगह तय करने से लेकर राशन और अन्य सामान जुटाने तक की जिम्मेदारियां अलग-अलग नक्सली कमांडरों को सौंपी गई थीं. हमले से पहले चकपाल के जंगल में पूर्व अभ्यास भी किया गया था.

चार्जशीट में क्या-क्या मिला?
जांच एजेंसी NIA ने इस मामले में 25/09/2014 को 9 आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट दाखिल की थी, जबकि 29/09/2015 को 32 आरोपियों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की गई थी. चार्जशीट में जिन आरोपियों के नाम हैं, उनमें से 27 अब भी फरार हैं. जजमेंट में 10 दोषियों की भूमिका का भी जिक्र है.

काफिल पर किसने की थी फायरिंग
वहीं अभियुक्त चैतू लेकाम के बयान के आधार पर उसने और प्रमिला ने काफिले पर फायरिंग की थी. चैतू ने अपनी इंसास राइफल से 10 राउंड फायर करने की बात कही थी. झीरम घाटी में हमले के बाद नक्सलियों ने 22 हथियार लूटे थे, जिनमें AK-47, इंसास, एमएम पिस्टल और SLR शामिल थे. नंदकुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल और कवासी लखमा को बंधक बनाए जाने का भी जजमेंट में जिक्र है.

ये भी पढ़ेंः न्याय की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई... झीरम घाटी कांड में 10 लोगों को फांसी के बाद उदय मुदलियार के बेटे ने क्यों कही ऐसी बात

ये भी पढ़ेंः झीरम घाटी हत्याकांड: 2 महिला, 8 पुरुष...10 दोषियों को फांसी की सजा; किसका क्या गुनाह?

फरार आरोपियों का क्या होगा?
NIA की जांच में 101 गवाहों के बयान और 207 साक्ष्य दस्तावेज कोर्ट के सामने पेश किए गए. मामले में NIA ने 39 आरोपियों के खिलाफ दो चार्जशीट दाखिल की थीं. NIA द्वारा गिरफ्तार 10 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई गई है, जबकि फरार आरोपियों के खिलाफ फैसला आना बाकी है.
(रिपोर्टः अनूप अवस्थी, जगदलपुर, ZEE मीडिया)

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

Manish Kushawah

Manish Kushawah

मनीष कुशवाह डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल मीडिया में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, क्राइम, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण (हाइपरलोकल) सरोकारों से जुड़ी खबरों की गहराई से कवरेज करना उनकी एक्सपर्टीज है.नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (NIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा पूरा करने के बाद मनीष ने मीडिया जगत में अपना सफर शुरू किया. ज़ी न्यूज़ से पहले उन्होंने News18 Hindi (Local18), इंडिया न्यूज़ और जनता टीवी जैसे प्रमुख समाचार चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम किया है. इस दौरान उन्होंने न्यूज़ प्लानिंग, कंटेंट आइडिएशन और डेस्क मैनेजमेंट की अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देते हैं, ताकि पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे.मनीष कुशवाह से आप Manish2.Kumar@india.com पर ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और फेसबुक के जरिए भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
Read More