छत्तीसगढ़ के जांजगीर-नैला में दुर्गोत्सव की भव्यता इन दिनों आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. करीब 150 फीट ऊंचा और 200 फीट चौड़ा विशाल पंडाल, मां दुर्गा की 35 फीट ऊंची प्रतिमा और आधुनिक लेजर लाइट तकनीक से प्रस्तुत किए जा रहे 3D शो इस आयोजन को खास पहचान दे रहे हैं.
अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर की तर्ज पर तैयार किए गए पंडाल में धार्मिक आस्था और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है. शाम होते ही रोशनी से जगमगाता पंडाल श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है. मां दुर्गा के दर्शन के साथ धार्मिक प्रसंगों पर आधारित लेजर शो लोगों के लिए विशेष आकर्षण बने हुए हैं.
दरअसल, जांजगीर-नैला का दुर्गोत्सव अपनी भव्यता, आकर्षक सजावट और धार्मिक आयोजनों के लिए जाना जाता है. इस बार आयोजन की विशाल संरचना लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. करीब 150 फीट ऊंचे और 200 फीट चौड़े पंडाल को अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर की तर्ज पर तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है.
पंडाल की भव्य बनावट श्रद्धालुओं का ध्यान खींच रही है. पंडाल के भीतर मां दुर्गा की करीब 35 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है. माता के दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं. आकर्षक साज-सज्जा और रोशनी के बीच माता की विशाल प्रतिमा आयोजन की भव्यता को और बढ़ा रही है.
नैला दुर्गोत्सव की एक बड़ी खासियत आधुनिक लेजर लाइट तकनीक से दिखाए जाने वाले 3D शो हैं. धार्मिक प्रसंगों को रोशनी और दृश्य प्रभावों के माध्यम से प्रस्तुत करने का यह तरीका लोगों के लिए खास अनुभव बन रहा है. भगवान शिव और भगवान श्रीराम से जुड़े दृश्यों की प्रस्तुतियां भी इस आयोजन के आकर्षण में शामिल बताई गई हैं.
शाम के समय पंडाल की जगमगाती रोशनी और 3D शो का नजारा उत्सव की रौनक बढ़ाता है. यहां श्रद्धालुओं को मां दुर्गा के दर्शन के साथ तकनीक के जरिए धार्मिक कथाओं को देखने का अवसर मिलता है. यही वजह है कि यह आयोजन पारंपरिक दुर्गा पूजा के साथ आधुनिक प्रस्तुति का उदाहरण भी बन रहा है.
आस्था और परंपरा का संगम नैला का दुर्गोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति, परंपरा और सामूहिक सहभागिता का भी प्रतीक है. मां दुर्गा की आराधना, पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों के बीच पूरा माहौल भक्तिमय नजर आता है. श्रद्धालुओं के लिए यह उत्सव आस्था से जुड़ने और परिवार के साथ धार्मिक वातावरण का अनुभव करने का अवसर है.
करीब 150 फीट ऊंचा भव्य पंडाल, 35 फीट ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा और लेजर लाइट के जरिए 3D शो नैला के दुर्गोत्सव को खास बनाते हैं. धार्मिक आस्था, भव्य निर्माण और आधुनिक तकनीक का यह संगम इसे जांजगीर-चांपा जिले के प्रमुख आकर्षणों में शामिल करता है.
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आयोजन समिति के सदस्य राजीव पालीवाल ने बताया कि माता रानी के दरबार को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए करीब तीन महीने तक तैयारियां की जाती हैं. पूरी श्रद्धा व संकल्प के साथ सेवा की जाती है. उन्होंने बताया कि कल करीब 3 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे और आज भीड़ और बढ़ने की संभावना है. सप्तमी और अष्टमी पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है.
(रिपोर्टः जितेंद्र कंवर, जांजगीर)