SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

कमीशन के लालच में साइबर ठगों को सौंपे बैंक खाते, जांजगीर-चांपा में 8 आरोपी गिरफ्तार

जांजगीर-चांपा में कमीशन के लालच में साइबर ठगों को बैंक खाते और मोबाइल नंबर देने के आरोप में आठ लोग गिरफ्तार हुए हैं. पुलिस ने बताया कि इन खातों से कई राज्यों में ठगी की रकम का करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ.

Written By Manish Kushawah
Published: Oct 10, 2026, 08:59 PM IST | Updated: Oct 10, 2026, 09:00 PM IST
Image Credit: ZEE NEWS
Join

थोड़े से कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते साइबर ठगों को देना आठ लोगों को भारी पड़ गया. जांजगीर-चांपा में साइबर थाना पुलिस ने ऐसे आठ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर अपने बैंक खाते और मोबाइल नंबर साइबर ठगों को देने का आरोप है. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, इन खातों के जरिए देश के अलग-अलग राज्यों में लोगों से ठगी की रकम का लेनदेन किया जा रहा था. जांच में कुछ खातों में करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन की जानकारी सामने आई है. आरोपियों को खाते उपलब्ध कराने के बदले 10 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक कमीशन मिलता था.

पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी अलग-अलग बैंकों में अपने नाम से खाते खुलवाते थे. इसके बाद अपने नाम पर मोबाइल सिम लेकर बैंक खाते और एटीएम से जुड़ी जानकारी साइबर ठगों को दे देते थे. ठग इन खातों में लोगों से ठगी गई रकम जमा कराते और फिर उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर कर देते थे. इसके बदले खाताधारकों को कमीशन मिलता था.

10 राज्यों से जुड़ा मामला
पुलिस मुख्यालय रायपुर के निर्देश पर साइबर पोर्टल पर मिली शिकायतों की जांच की गई. इसी दौरान आरोपियों के बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन का पता चला. पुलिस का कहना है कि इन खातों से जुड़ी शिकायतें कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात, तेलंगाना, असम, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों से मिली थीं. जांच में कुछ खातों के खिलाफ 14 से 15 बार तक शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है. पुलिस का कहना है कि इन खातों में लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक का लेनदेन हुआ. एक ही दिन में करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन की जानकारी भी मिली है.

आठों आरोपियों को जेल भेजा गया
इस मामले में पुलिस ने कलेशराम देवांगन उर्फ छोटू, श्यामलाल देवांगन उर्फ राजू, लक्ष्मीनारायण पटेल, वेमेश आदित्य, ज्योति बाई यादव, सुरेश कुमार गढ़ेवाल, अनिल राठौर और इश्तेखार अहमद को गिरफ्तार किया है. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलैंडन यार्क ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों के कमीशन के लालच में बैंक खाते और मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने की बात सामने आई है. संबंधित खातों में लाखों रुपये की रकम होल्ड कराई गई है. रकम वापस दिलाने के लिए संबंधित राज्यों को भी सूचना भेजी गई है. सभी आठ आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.

आपका बैंक खाता भी बन सकता है ठगी का जरिया
ऐसे बैंक खातों को आम तौर पर ‘म्यूल अकाउंट’ कहा जाता है. साइबर ठग इनका इस्तेमाल ठगी की रकम मंगाने और आगे दूसरे खातों में भेजने के लिए करते हैं. कई बार लोग थोड़े से कमीशन के लालच में अपना खाता, एटीएम कार्ड या बैंकिंग से जुड़ी जानकारी दूसरों को दे देते हैं. बाद में जब उस खाते से ठगी का पैसा मिलने का पता चलता है, तो खाताधारक भी पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं. जांजगीर-चांपा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक या अपने नाम पर जारी मोबाइल सिम किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें. अनजान लोगों को बैंकिंग से जुड़ी जानकारी देना भारी पड़ सकता है.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

मनीष कुशवाह डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल मीडिया में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, क्राइम, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण (हाइपरलोकल) सरोकारों से जुड़ी खबरों की गहराई से कवरेज करना उनकी एक्सपर्टीज है.नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (NIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा पूरा करने के बाद मनीष ने मीडिया जगत में अपना सफर शुरू किया. ज़ी न्यूज़ से पहले उन्होंने News18 Hindi (Local18), इंडिया न्यूज़ और जनता टीवी जैसे प्रमुख समाचार चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम किया है. इस दौरान उन्होंने न्यूज़ प्लानिंग, कंटेंट आइडिएशन और डेस्क मैनेजमेंट की अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देते हैं, ताकि पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे.मनीष कुशवाह से आप Manish2.Kumar@india.com पर ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और फेसबुक के जरिए भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES