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पूर्व सलवा जुडूम कर्मियों से जुड़े मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट सख्त, सरकार को थमाया नोटिस, मांगा जवाब

पूर्व सलवा जुडूम कर्मियों से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने सरकार समेत अन्य प्रतिवादियों से चार सप्ताह में जवाब मांगा है. आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है?

Written By Manish Kushawah
Published: Oct 19, 2026, 10:45 PM IST | Updated: Oct 19, 2026, 10:56 PM IST
Image Credit: ZEE NEWS
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बिलासपुर हाई कोर्ट ने पूर्व सलवा जुडूम कर्मियों की सेवा शर्तों और अधिकारों से जुड़े मामले में राज्य शासन सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्र और न्यायमूर्ति संतोष शर्मा की पीठ ने सुरेश कुमार उर्फ सुरेश निषाद की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया.

दरअसल, यह मामला उन कर्मियों की सेवा संबंधी पात्रताओं और अधिकारों से जुड़ा है, जिन्हें सलवा जुडूम अभियान के दौरान विशेष पुलिस अधिकारी के रूप में नियुक्त किए जाने के बाद छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल में शामिल किया गया था. याचिकाकर्ता ने सेवा शर्तों में कथित भेदभाव का मुद्दा उठाते हुए संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के तहत समानता तथा सार्वजनिक रोजगार में समान अवसर के अधिकार का हवाला दिया है.

जानिए क्या है सलवा जुडूम अभियान

सलवा जुडूम साल 2005 के आसपास बस्तर क्षेत्र में शुरू हुआ नक्सल विरोधी अभियान था. इससे जुड़े कुछ युवाओं को विशेष पुलिस अधिकारी (CPO) के रूप में नियुक्त किया गया था. साल 2011 में सुप्रीम कोर्ट ने एसपीओ के सशस्त्र नक्सल विरोधी अभियानों में इस्तेमाल पर रोक लगाई थी. इसके बाद सलवा जुडूम से जुड़े कुछ कर्मियों को छत्तीसगढ़ आर्म्ड पुलिस फोर्स में शामिल किया गया.

जवाब के लिए मांगा समय

सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राज कुमार गुप्ता ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया. याचिकाकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता फतेश कुमार साहू और हाई कोर्ट के अधिवक्ता विद्याभूषण सोनी ने पैरवी की.

4 सप्ताह में मांगा जवाब

वहीं कोर्ट ने प्रतिवादियों को चार सप्ताह में जवाब दाखिल कर उसकी प्रति याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी. फिलहाल हाई कोर्ट ने शासन से जवाब मांगा है और याचिका में उठाए गए मुद्दों पर अंतिम फैसला होना बाकी है.

(रिपोर्टः शैलेंद्र सिंह ठाकुर, बिलासपुर)

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मनीष कुशवाह डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल मीडिया में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, क्राइम, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण (हाइपरलोकल) सरोकारों से जुड़ी खबरों की गहराई से कवरेज करना उनकी एक्सपर्टीज है.नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (NIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा पूरा करने के बाद मनीष ने मीडिया जगत में अपना सफर शुरू किया. ज़ी न्यूज़ से पहले उन्होंने News18 Hindi (Local18), इंडिया न्यूज़ और जनता टीवी जैसे प्रमुख समाचार चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम किया है. इस दौरान उन्होंने न्यूज़ प्लानिंग, कंटेंट आइडिएशन और डेस्क मैनेजमेंट की अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देते हैं, ताकि पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे.मनीष कुशवाह से आप Manish2.Kumar@india.com पर ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और फेसबुक के जरिए भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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