मरने से पहले WhatsApp पर क्या लिखा था? धमतरी में युवक की मौत के मामले में पत्नी समेत 5 को 5-5 साल की सजा
धमतरी जिले में धर्मांतरण का दबाव बनाने और प्रताड़ित करने के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने पांच दोषियों को पांच-पांच साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. आइए जानते हैं, कि पूरा मामला क्या है?
छत्तीसगढ़ धमतरी जिले में मतांतरण के लिए दबाने बनाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित किए के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने मृतक युवक की पत्नी समेत ससुराल पक्ष के पांच लोगों को दोषी करार देते हुए 5-5 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. मिली जानकारी के मुताबिक, दोषियों में पत्नी के अलावा, सास, ससुर, बड़ी साली और साली भी शामिल हैं. सभी पर 500-500 रुपए का जुर्माना भी लगाया है. वहीं अपर सत्र न्यायाधीश अर्चना भास्कर की अदालत ने पेश किए गए सबूतों के आधार पर ही फैसला सुनाया है.
दरअसल, यह मामला दिसंबर 2024 का बताया जा रहा है. मिली जानकारी के मुताबिक, शादी के करीब 3 से 4 साल महीने के बाद युवक मतांतरण को लेकर दबाव शुरू हुआ था. आरोप यह था कि युवक के इनकार करने पर उसे लगातार मानसिक रूप से परेशान और प्रताड़ित किया जाता है. इन हालातों से परेशान होकर युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी.
स्टेटस पर क्या लिखा
इस मतांतरण मामले में युवक की मौत से पहले WhatsApp पर लगाए गए स्टेटस पर संदेश जांच की अहम कड़ी बना. जिससे दोषियों तक पहुंचने में काफी आसानी हो गई. बता दें कि युवक ने आत्महत्या से पहले अपने WhatsApp स्टेटस पर एक संदेश भी लिखा था. वहीं अपनी बहन और बहनोई को भी मैसेज भेजकर ससुराल पक्ष पर मतातंरण के लिए बनाने और परेशान करने का आरोप लगाया था.
जांच कैसे शुरू की
घटना के बाद पुलिस ने युवक का मोबाइल जब्त कर मामले की जांच शुरू की. मोबाइल में मिले संदेशों समेत अन्य साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया. इसके बाद पूरा मामला अदालत तक पहुंचा. मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के सामने पेश किए गए सबूतों और तथ्यों के आधार पर पत्नी समेत ससुराल पक्ष के पांच लोगों को दोषी पाया गया. इसके बाद अपर सत्र न्यायाधीश अर्चना भास्कर ने पांचों दोषियों को 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास और 500-500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई.
क्यों की आत्महत्या?
लोक अभियोजक गीतेश प्रजापति ने बताया कि, यह धमतरी जिले के पोटियाडीह गांव का मामला है. इसमें मृतक लिनेश कुमार है. मृतक की पत्नी, सास-ससुर, उसकी सालियां धर्मांतरण के लिए प्रताड़ित करते थे. प्रताड़ना से तंग आकर उन्होंने आत्महत्या करने का फैसला कर लिया था. इसी मामले में उनको 5-5 साल की सजा और 5-5 सौ रुपये जुर्माना लगाया गया है. इस मामले को दो साल से ज्यादा का समय हो गया है. उन्होंने कहा कि इसमें धर्मांतरण हुआ नहीं था, प्रयास किया गया था. जिससे प्रताड़ित होकर मृतक ने आत्महत्या कर ली.