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सरकारी जमीन पर कब्जे की कोशिश? ठेकेदार पर 3000 वर्गफीट जमीन हड़पने का आरोप, दो नोटिस के बाद भी कार्रवाई नहीं

दंतेवाड़ा में सरकारी जमीन पर कब्जे की कोशिश का मामला सामने आया है. इस मामले में नगरपालिका के ठेकेदार डीके वर्मा का नाम आया है. वहीं ग्रामीणों ने कई गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है.

Written By Manish Kushawah
Published: Oct 18, 2026, 06:13 PM IST | Updated: Oct 18, 2026, 06:21 PM IST
Image Credit: ZEE NEWS
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छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के बचेली इलाके में सरकारी जमीन पर कब्जे की कोशिश का मामला सामने आया है. इसके आरोप नगरपालिका के ठेकेदार डीके वर्मा पर लग रहे हैं. बताया जा रहा है कि ट्रांसपोर्ट नगर में करीब 90 लाख रुपये की लागत से चल रहे सरकारी निर्माण कार्य की आड़ में लगभग 3 हजार वर्गफीट जमीन पर निर्माण कर कब्जा करने की कोशिश की गई.

इतना ही नहीं, श्मशान के पास स्थित एक सरकारी भवन के आसपास भी कथित अवैध निर्माण की शिकायत सामने आई है. मामले में नगरपालिका ने दो बार नोटिस जारी किए, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बावजूद मौके पर कार्रवाई नहीं हुई. आखिर दो-दो नोटिस जारी होने के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या सरकारी जमीन को अतिक्रमण से बचाने की जिम्मेदारी निभाई जा रही है?

जमीन पर कब्जे का आरोप

दरअसल, बचेली नगरपालिका के वार्ड नंबर 8 स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में करीब 90 लाख रुपये की लागत से फेंसिंग और बाउंड्री वॉल निर्माण का काम कराया जा रहा है. इस काम का ठेका डीके वर्मा को दिए जाने की जानकारी सामने आई है.

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि निर्माण सामग्री रखने के लिए स्टोर रूम बनाने के नाम पर शुरू हुआ निर्माण धीरे-धीरे मकान का रूप लेने लगा. इसके बाद लोगों ने आशंका जताई कि सरकारी निर्माण कार्य की आड़ में करीब 3 हजार वर्गफीट जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही है. वहीं, श्मशान के पास बने एक सरकारी भवन के पास भी कथित अवैध निर्माण को लेकर शिकायत की गई है.

फिर कार्रवाई का इंतजार क्यों?

ग्रामीणों की शिकायत के बाद नगरपालिका ने 25 मई और फिर 14 अक्टूबर को मलबा हटाने के लिए नोटिस जारी किया लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि नोटिस जारी होने के बावजूद मौके पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई.

अब ग्रामीण नगरपालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं. उनका कहना है कि यदि निर्माण नियमों के विरुद्ध है, तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई. स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर विरोध और आंदोलन की तैयारी की भी बात कही जा रही है. निर्माण हटाने के लिए दो नोटिस दिए गए हैं। राजस्व विभाग की मदद से कार्रवाई करेंगे.

नगरपालिका का आश्वासन 

वहीं नगरपालिका के सीएमओ ने राजस्व विभाग की मदद से कार्रवाई करने की बात कही है. ऐसे में अब देखना होगा कि प्रशासन अपने आश्वासन पर कब तक अमल करता है. अतिक्रमण के मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं. ग्रामीणों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि सरकारी जमीन पर नियमों के विरुद्ध निर्माण पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए.

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मनीष कुशवाह डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल मीडिया में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, क्राइम, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण (हाइपरलोकल) सरोकारों से जुड़ी खबरों की गहराई से कवरेज करना उनकी एक्सपर्टीज है.नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (NIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा पूरा करने के बाद मनीष ने मीडिया जगत में अपना सफर शुरू किया. ज़ी न्यूज़ से पहले उन्होंने News18 Hindi (Local18), इंडिया न्यूज़ और जनता टीवी जैसे प्रमुख समाचार चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम किया है. इस दौरान उन्होंने न्यूज़ प्लानिंग, कंटेंट आइडिएशन और डेस्क मैनेजमेंट की अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देते हैं, ताकि पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे.मनीष कुशवाह से आप Manish2.Kumar@india.com पर ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और फेसबुक के जरिए भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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