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न कोई पद, न सियासी पहचान... फिर ये शख्स कैसे बना ‘राष्ट्रपति’? छत्तीसगढ़ से दिल्ली तक चर्चा

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में एक युवक का राष्ट्रपति नाम सामने से हड़कंप मच गया है. यह नाम अब राष्ट्रपति सचिवालय से लेकर गृह मंत्रालय तक चर्चा का विषय बना हुआ है.

न कोई पद, न सियासी पहचान... फिर ये शख्स कैसे बना ‘राष्ट्रपति’? छत्तीसगढ़ से दिल्ली तक चर्चा
Image Credit: ZEE NEWS

छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के घुटरा गांव में रहने वाला एक शख्स इन दिनों अपने अनोखे नाम को लेकर चर्चा में है. इस व्यक्ति का नाम ‘राष्ट्रपति’ है. हैरानी की बात यह है कि स्कूल के दाखिला रजिस्टर से लेकर मार्कशीट और बैंक की पासबुक तक, सभी दस्तावेजों में उसका नाम राष्ट्रपति ही दर्ज है.

अब यह अनोखा मामला देश के सर्वोच्च प्रशासनिक गलियारों तक पहुंच गया है. मनेन्द्रगढ़ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ मिश्रा ने इस संबंध में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था. इसके बाद राष्ट्रपति सचिवालय ने मामले पर संज्ञान लेते हुए भारत सरकार के गृह मंत्रालय और विधि एवं न्याय विभाग को आवश्यक कार्रवाई तथा कानून बनाने के संबंध में पत्र भेजा है.

गांव में क्या कहकर बुलाते हैं लोग?

एकदम साधारण से दिखने वाले इस शख्स का नाम सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे. मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के घुटरा गांव में रहने वाले इस व्यक्ति का नाम राष्ट्रपति है. हालांकि, गांव के लोग उन्हें बोलचाल में राजपति कहकर बुलाते हैं, लेकिन स्कूल के दस्तावेजों में उनका नाम राष्ट्रपति ही दर्ज है.

सभी कागजों पर भी यही नाम दर्ज

पहली नजर में यह किसी लिखने की गलती का मामला लग सकता है, लेकिन घुटरा प्राथमिक स्कूल के प्रधानपाठक अनिल राय का कहना है कि स्कूल की ओर से नाम दर्ज करने में कोई गलती नहीं हुई है. 14 जुलाई 1988 को दाखिला रजिस्टर में राष्ट्रपति नाम ही अंकित किया गया था. इतना ही नहीं, उनकी मार्कशीट और बैंक की पासबुक में भी यही नाम दर्ज है.

ZEE MP-CG टीम ने राष्ट्रपति नाम के व्यक्ति से बात की, तो उन्होंने बताया कि मेरे राष्ट्रपति नाम माता-पिता ने रखा है. मुझे गर्व है, मजदूरी करके अपने और अपने परिवार जीवन यापन करता हूं. मामले को गंभीरता से लेते हुए मनेन्द्रगढ़ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ मिश्रा ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर केंद्र सरकार से आवश्यक पहल करने का अनुरोध किया था.

राष्ट्रपति भवन तक पहुंचा मामला

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सौरभ मिश्रा की पहल के बाद यह मामला अब राष्ट्रपति सचिवालय तक पहुंच चुका है. सचिवालय ने गृह मंत्रालय और विधि एवं न्याय विभाग को पत्र भेजा है. वहीं, प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी होने की जानकारी दी है. सौरभ मिश्रा ने मांग की है कि, संवैधानिक पदों और राष्ट्रीय गरिमा से जुड़े नामों के उपयोग को विनियमित करने के लिए कानून बनाया जाए.

मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले राष्ट्रपति का कहना है कि उनका यह नाम माता-पिता ने रखा था. वहीं, अधिवक्ता राम नरेश पटेल का मानना है कि देश के इस सम्मानित संवैधानिक पद से जुड़े नाम के इस्तेमाल को लेकर कानूनी प्रावधानों पर विचार किया जाना चाहिए. अब देखना होगा कि इस अनोखे मामले में केंद्र सरकार आगे क्या कदम उठाती है.

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About the Author

Manish Kushawah

Manish Kushawah

मनीष कुशवाह डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल मीडिया में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, क्राइम, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण (हाइपरलोकल) सरोकारों से जुड़ी खबरों की गहराई से कवरेज करना उनकी एक्सपर्टीज है.नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (NIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा पूरा करने के बाद मनीष ने मीडिया जगत में अपना सफर शुरू किया. ज़ी न्यूज़ से पहले उन्होंने News18 Hindi (Local18), इंडिया न्यूज़ और जनता टीवी जैसे प्रमुख समाचार चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम किया है. इस दौरान उन्होंने न्यूज़ प्लानिंग, कंटेंट आइडिएशन और डेस्क मैनेजमेंट की अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देते हैं, ताकि पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे.मनीष कुशवाह से आप Manish2.Kumar@india.com पर ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और फेसबुक के जरिए भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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