छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के 77 अलग-अलग मामलों में पकड़े गए नशीले पदार्थों को नष्ट कर दिया है. ये सारा सामान पर्यावरण और सुरक्षा के नियमों का ध्यान रखते हुए जलाया गया है. यह पूरी कार्रवाई जिला ड्रग डिस्पोजल कमेटी की देखरेख में हुई. सेंट्रल, नॉर्थ और वेस्ट जोन के कई थानों में जब्त किए गए नशे के सामान को एक साथ नष्ट किया गया.
पुलिस ने जलाया ₹2.15 करोड़ का गांजा
इस ऑपरेशन के दौरान इंटरनेशनल और लोकल मार्केट में करोड़ों रुपये कीमत के नशीले पदार्थों को एक भट्टी में जलाकर नष्ट कर दिया गया. नष्ट किए गए सामान में मुख्य रूप से 438.764 ग्राम गांजा शामिल था, जिसकी कीमत ₹2.15 करोड़ से ज्यादा थी. इसके अलावा 7.795 किलोग्राम डोडा, 1.015 किलो हशीश और 900 ग्राम अफीम भी नष्ट की गई. गैर-कानूनी बिक्री और इस्तेमाल के लिए रखी गई कुल 25,773 नशीली गोलियां और 875 कैप्सूल भी भट्टी में जलाकर राख कर दिए गए. पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई ने शहर में गैर-कानूनी ड्रग्स के कारोबार में शामिल असामाजिक तत्वों को एक कड़ा और साफ संदेश दिया है.
ड्रग डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में कार्रवाई
पुलिस ने NDPS (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) एक्ट से जुड़े मामलों में जब्त किए गए सामान को नष्ट करने के तय नियमों के अनुसार यह कार्रवाई की. जब्त किए गए नशीले पदार्थों को नष्ट करने की प्रक्रिया जिला-स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी की देखरेख में पूरी की गई. रायपुर पुलिस की इस पहल का मकसद जब्त किए गए अवैध सामान को सुरक्षित रूप से नष्ट करना और अवैध ड्रग्स के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई को और तेज करना है. अलग-अलग मामलों में जब्त किए गए सामान को नष्ट करने से जुड़ी कानूनी औपचारिकताएं भी ठीक से पूरी की गईं.
जब्त और नष्ट की गई चीजें
सेंट्रल जोन के 37 मामलों में 143.895 किलो गांजा, 2,349 गोलियां, सिरप की 9 बोतलें और 228 कैप्सूल नष्ट किए गए. नॉर्थ जोन के 19 मामलों में 86.950 किलो गांजा, 1.015 किलो चरस, 19,794 गोलियां, खांसी की दवा (कफ सिरप) की 294 यूनिट, 900 ग्राम अफीम और 647 कैप्सूल नष्ट किए गए. वेस्ट जोन के 21 मामलों में 207.919 किलो गांजा, 7.795 किलो डोडा और 3,630 गोलियां नष्ट की गईं. तीनों जोन में कुल 77 मामलों में जब्त की गई चीज़ों को नष्ट किया गया. पुलिस के अनुसार, ड्रग तस्करी और गैर-कानूनी बिक्री के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ जब्त किए गए नशीले पदार्थों को कानूनी तरीके से नष्ट करने का काम भी लगातार किया जा रहा है.