छत्तीसगढ़ PWD टेंडर प्रक्रिया में बड़ा बदलाव: 1 अक्टूबर से GePNIC पोर्टल पर होंगे सारे काम, ठेकेदारों को करना होगा रजिस्ट्रेशन
छत्तीसगढ़ PWD में 1 अक्टूबर 2026 से ई-टेंडरिंग की नई व्यावस्था लागू होगी. सभी नए टेंडर GePNIC पोर्टल पर होंगे और इसमें हिस्सा लेने के लिए ठेकेदारों को पहले रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा.
छत्तीसगढ़ लोक निर्माण विभाग (PWD) की ई-टेंडरिंग व्यवस्था में बदलाव होने जा रहा है. 1 अक्टूबर 2026 से विभाह के सभी नए टेंडर नए GePNIC (Government e-Procurement System of the National Informatics Centre) पोर्टल के जरिए जारी किए जाएंगे. नई व्यवस्था में टेंडर तैयर करने, उसे ऑनलाइन जारी करने, बिड लेने और तकनीकी व वित्तिय जांच का पूरा काम एक ही डिजिटल पोर्टल पर होगा. इससे टेंडर की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और एक ही प्लेटफॉर्म से संचालित की जाएगी.
नई व्यवस्था लागू होने से पहले लोक निर्माण विभा ने अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों को जरूरी तकनीकी तैयारियां समय पर पूरी करने का निर्देश दिया है. विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि 1 अक्टूबर को नई ई-टेंडरिंग व्यवस्था शुरू होने के बाद टेंडरिंग प्रक्रिया में कोई तकनीकी समस्या न आए. 1 अक्टूबर से जारी होने वाले नए टेंडरों में भाग लेने वाले सभी ठेकेदारों के लिए नए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा. विभाग ठेकेदारों को रजिस्ट्रेशन से जुड़ी गाइडलाइंस दे रहा है और उनसे तय समय-सीमा के भीतर पोर्टल पर प्रक्रिया पूरी करने को कहा है.
PWD ने कॉन्ट्रैक्टर को भेजा पत्र
पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट के इंजीनियर-इन-चीफ वीके भटपहरी ने विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों वीरेश शुक्ला और रूपेश सिंघल को एक पत्र भेजा है. सभी कॉन्ट्रैक्टर को एक पत्र के जरिए नए ई-टेंडरिंग सिस्टम के बारे में जानकारी दी गई है और उनसे कहा गया है कि वे समय-सीमा से पहले नए पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर लें.
सारे काम ऑनलाइन होंगे
नई व्यवस्था के तहत, न केवल टेंडर ऑनलाइन पब्लिश किया जाएगा, बल्कि टेंडर बनाने, पब्लिश करने, बोली (बिड) प्राप्त करने और तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन सहित पूरी टेंडरिंग प्रक्रिया GePNIC प्लेटफॉर्म पर ही की जाएगी. विभाग ने कॉन्ट्रैक्टर्स से कहा है कि वे आखिरी समय में आने वाली तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए नए पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन पहले ही पूरा कर लें.
30 सितंबर तक पेंडिंग टेंडर प्रक्रिया जारी
30 सितंबर 2026 तक पुराने ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर पब्लिश किए गए टेंडर्स के लिए बोली मिलने, मूल्यांकन, मंजूरी और अन्य पेंडिंग ऑनलाइन प्रोसेस 31 मार्च 2027 तक पुराने पोर्टल पर ही पूरे किए जाएंगे. इसके बाद मौजूदा ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर टेंडर से जुड़ी कोई भी गतिविधि नहीं होगी.
नई प्रणाली लागू करने की तैयारी तेज
नई प्रणाली को व्यवस्थित रूप से लागू करने के लिए विभागीय स्तर पर प्रशासनिक तैयारियों में शुरू कर दी गई है. सभी टेंडर आमंत्रित करने वाले अधिकारियों, मूल्यांकन समितियों के सदस्यों और संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे यूजर ID बनाने, रोल मैपिंग और डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) से जुड़ी औपचारिकताओं को तुरंत पूरा करें.