SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

टीबी को हराने में छत्तीसगढ़ आगे, 5 इलाके टीबी मुक्त, जानिए कैसे बनाई पहचान?

छत्तीसगढ़ के पांच विकासखंडों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है. इनमें खड़गवां, सोनहत, बलौदाबाजार, बतौली और घरघोड़ा शामिल हैं. टीबी मरीजों की पहचान, जांच, इलाज और जागरूकता अभियान के जरिए इन क्षेत्रों ने यह उपलब्धि हासिल की.

Written By Manish Kushawah
Published: Oct 08, 2026, 11:24 PM IST | Updated: Oct 08, 2026, 11:27 PM IST
Image Credit: ZEE NEWS
Join

टीबी मुक्त भारत की दिशा में छत्तीसगढ़ ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. प्रदेश के पांच विकासखंडों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है. इनमें एमसीबी जिले का खड़गवां, कोरिया जिले का सोनहत, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले का बलौदाबाजार, जशपुर जिले का बतौली और रायगढ़ जिले का घरघोड़ा विकासखंड शामिल हैं.

नई दिल्ली से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने लाइव प्रसारण के जरिए टीबी मुक्त भारत अभियान के कार्यक्रम की शुरुआत की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टीबी मुक्त भारत के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए देशभर में चलाए जा रहे अभियान के तहत टीबी उन्मूलन की दिशा में बेहतर काम करने वाले विकासखंडों और पंचायतों को सम्मानित किया गया.

एमसीबी जिले के खड़गवां विकासखंड में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री एवं स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल, कलेक्टर संतन् देवी जांगड़े समेत जिला प्रशासन के अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे. कार्यक्रम के दौरान टीबी उन्मूलन के लिए किए गए प्रयासों और उपलब्धियों की जानकारी दी गई.

जनजागरूकता अभियान चलाया
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि टीबी उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार मरीजों की पहचान, जांच और उपचार के साथ जनजागरूकता अभियान चलाया गया. गांव-गांव तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के साथ टीबी मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने और उपचार की नियमित निगरानी पर जोर दिया गया. पंचायत स्तर पर भी जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित की गई.

डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल
उन्होने आगे कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान में डिजिटल तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. इसी कड़ी में कार्यक्रम में संगिनी ऐप को भी जोड़ा गया. इसके माध्यम से टीबी से संबंधित जानकारी, जागरूकता और जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी. संबंधित विकासखंडों से जनपद स्तर के अधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, सरपंच और बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल हुए.

पंचायतों को भी सम्मान
कार्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को भी सम्मानित किया गया. लगातार तीन वर्षों तक टीबी मुक्त रहने वाली पंचायतों को गोल्ड, दो वर्षों तक टीबी मुक्त रहने वाली पंचायतों को सिल्वर, जबकि पहली बार टीबी मुक्त घोषित होने वाली पंचायतों को ब्रॉन्ज श्रेणी में सम्मानित किया गया. सम्मान समारोह के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों को महात्मा गांधी की प्रतिमा, शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

मनीष कुशवाह डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल मीडिया में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, क्राइम, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण (हाइपरलोकल) सरोकारों से जुड़ी खबरों की गहराई से कवरेज करना उनकी एक्सपर्टीज है.नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (NIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा पूरा करने के बाद मनीष ने मीडिया जगत में अपना सफर शुरू किया. ज़ी न्यूज़ से पहले उन्होंने News18 Hindi (Local18), इंडिया न्यूज़ और जनता टीवी जैसे प्रमुख समाचार चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम किया है. इस दौरान उन्होंने न्यूज़ प्लानिंग, कंटेंट आइडिएशन और डेस्क मैनेजमेंट की अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देते हैं, ताकि पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे.मनीष कुशवाह से आप Manish2.Kumar@india.com पर ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और फेसबुक के जरिए भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES