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CGPSC घोटाला: भूपेश बघेल के OSD के खाते में लाखों का लेन-देन, ED ने किया खुलासा; डिप्टी सीएम ने कही बड़ी बात

CGPSC Scam: सीजीपीएससी पेपर लीक मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के तत्कालीन OSD चेतन बोरघरिया पर ED का शिकंजा कस गया है. ED के अनुसार, 170 ट्रांजैक्शन के जरिए चेतन के बैंक खाते में ₹66.64 लाख नकद जमा किए गए थे.

CGPSC घोटाला: भूपेश बघेल के OSD के खाते में लाखों का लेन-देन, ED ने किया खुलासा; डिप्टी सीएम ने कही बड़ी बात
Image Credit: CGPSC पेपर लीक मामला

छत्तीसगढ़ के चर्चित CGPSC पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बीच वित्तीय लेन-देन से जुड़ी नई जानकारी सामने आई है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के तत्कालीन OSD चेतन बोरघारिया को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था और बाद में ED ने उनसे पूछताछ की.  ED के अनुसार, चेतन बोरघरिया के बैंक खाते में 170 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 66.64 लाख रुपए कैश जमा हुए थे.  इसके अलावा जांच में चेतन बोरघारिया और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच पैसों के लेन-देन की भी बात सामने आई है.

6 दिन की रिमांड पर 
ईडी के मुताबिक, चेतन बोरघरिया अभी बलरामपुर-रामानुजगंज में एडिशनल कलेक्टर के पद पर हैं. सीजीपीएससी घोटाले में ईडी ने उन्हें शुक्रवार को गिरफ्तार किया था. कोर्ट में पेश करने के बाद उन्हें 6 दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया गया है. चेतन बोरघरिया पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ओएसडी के रूप में काम कर चुके हैं, इसलिए इस मामले में सियासत तेज हो गई है. ईडी ने कोर्ट को बताया कि जांच में आरोपी कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर और चेतन बोरघरिया के बीच वॉट्सऐप चैट मिली है. इसी आधार पर ईडी ने रिमांड मांगी थी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया.

170 ट्रांजेक्शन और ₹66.64 लाख की जमा राशि
ED की जांच में खुलासा हुआ है कि चेतन बोरघारिया के बैंक खातों में 170 ट्रांजैक्शन के जरिए 66.64 लाख रुपये नकद जमा किए गए थे. इसके अलावा इस मामले के एक और आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर के साथ उनके कई संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के पक्के सबूत भी मिले हैं.

डिप्टी सीएम ने कही बड़ी बात
इस खुलासे के बाद छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव का तीखा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि "भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने चुनाव के दौरान मोदी की गारंटी के तहत युवाओं से वादा किया था कि उनके भविष्य से खिलवाड़ करने वाले PSC घोटाले के जिम्मेदार लोगों को छोड़ा नहीं जाएगा. ED और CBI जैसी केंद्रीय एजेंसियां ​​इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर रही हैं. जांच के दौरान दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है और यह प्रक्रिया जारी रहेगी. ED को मिले सबूत इस घोटाले की गंभीरता को उजागर करते हैं."

जानिए क्या है CGPSC घोटाला
यह मामला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्तियों से जुड़ा है. आरोप है कि परीक्षा और इंटरव्यू में धांधली कर रसूखदार परिवारों के लोगों को डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी जैसे बड़े पदों पर नौकरी दी गई. इस वजह से कई योग्य उम्मीदवारों को मौका नहीं मिला. मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने जांच सीबीआई को सौंपी थी. सीबीआई ने छापेमारी कर कई दस्तावेज बरामद किए हैं. इस केस में सीबीआई पहले ही तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, उप परीक्षा नियंत्रक, चार चयनित अभ्यर्थियों और एक निजी व्यक्ति को गिरफ्तार कर चुकी है. ईडी भी इस मामले की जांच कर रही है.
 

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About the Author

Ranjana Kahar

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रंजना कहार एक डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया और डेस्क ऑपरेशंस के क्षेत्र में 4 सालों से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक हलचलों, क्राइम और स्थानीय मुद्दों (हाइपरलोकल खबरों) की सटीक, निष्पक्ष व तथ्य-आधारित कवरेज में उनकी एक्सपर्टीज है.छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (बिलासपुर) से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद रंजना ने अपने करियर की शुरुआत ETV भारत से की थी. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने APN न्यूज़ के साथ भी काम किया है. कंटेंट एडिटिंग, न्यूज़ प्रोडक्शन और डेस्क मैनेजमेंट पर मजबूत पकड़ होने के कारण वे रीडर्स तक खबरें तेजी, गुणवत्ता और प्रामाणिकता के साथ पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं.रंजना कहार से आप ranjana.kahar@india.com पर ईमेल के माध्यम से सीधे संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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