छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के बहुचर्चित लोहा स्क्रैप चोरी मामले में सीबीआई (CBI) की एंट्री हो गई है. सरकार से मंजूरी मिलने के बाद इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है. इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए MLA पुरंदर मिश्रा ने कहा कि, BJP सरकार में जो भी गलत काम करेगा, उसे सजा मिलेगी. कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिसके मन में चोरी की भावना होती है, वही CBI पर रोक लगाता है. कांग्रेस ने 5 साल तक राज्य में CBI को रोके रखा. अब CBI जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
भिलाई स्टील प्लांट स्क्रैप चोरी केस में CBI करेगी जांच
छत्तीसगढ़ सरकार ने इस मामले में आदेश जारी कर दिया है. सरकार ने कहा है कि भिलाई स्टील प्लांट के लोहा-स्क्रैप चोरी मामले की जांच अब CBI करेगी. राज्य सरकार ने CBI को पूरे छत्तीसगढ़ में जांच करने की मंजूरी दे दी है. इसके बाद अपराध क्रमांक 277/2026 की जांच अब CBI करेगी.
बीजेपी विधायक ने कांग्रेस पर साधा निशाना
अधिसूचना जारी होने के बाद, बीजेपी विधायक पुरंदर मिश्रा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि, बीजेपी की सरकार में जो गलत काम करेगा उसको दंड मिलेगा. कांग्रेस ने 5 साल CBI को बैन किया था. जिसके मन में चोरी का भाव होगा वो सीबीआई को बैन करेगा ही. हमारी सरकार ने भिलाई स्टिल प्लांट में सीबीआई की जांच का आदेश दिया है, जो दोषी होगा कार्रवाई होगी.
जानिए पूरा मामला
यह मामला तब सामने आया जब अकलोरडीही में स्थित AK ट्रेडर्स से लगभग 250 टन लोहे का स्क्रैप बरामद किया गया था. पुलिस ने स्क्रैप के साथ कई गाड़ियां और मशीनें भी जब्त कीं थी. इसके बाद पुरानी भिलाई पुलिस स्टेशन में एक मामला (नंबर 277/2026) दर्ज किया गया. पुलिस की जांच में संजय सिंह को इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड पाया गया और उसे गिरफ़्तार कर लिया गया. जांच से पता चला कि चोरी का स्क्रैप BSP से निकाला गया था और उसे फ़्लू डस्ट (flue dust) ढोने वाली गाड़ियों में लादकर ठिकाने लगाया गया था. जांच के दौरान यह भी पता चला कि चोरी का स्क्रैप रसमड़ा में स्थित रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड में उतारा जा रहा था.पुलिस के मुताबिक अब तक इस केस में 21 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं. इनमें से 3 जमानत पर बाहर हैं और 5 को अग्रिम जमानत मिल चुकी है.
विधायक ने की थी जांच की मांग
बता दें कि वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने इस मामले को लेकर राष्ट्रपति, PMO, केंद्रीय गृह मंत्रालय, इस्पात मंत्रालय, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर CBI, ED, EOW और ACB से जांच की मांग की थी. अब राजपत्र में अधिसूचना जारी होने के बाद CBI इस मामले की जांच करेगी.