मूसलाधार बारिश के बाद कोरबा में बिगड़े हालात, 100 से अधिक घरों में घुसा नाले का पानी; लोग परेशान
Korba News: कोरबा में भारी बारिश की वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. मूसलाधार बारिश के कारण 100 से ज्यादा घरों में पानी भर गया है, जिससे लोग अपना सामान बाहर निकालने लगे हैं. लोगों में अफरा-तफरी का माहौल है.
शनिवार को छत्तीसगढ़ के कोरबा शहर में हुई भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ. इस बारिश के कारण शहर का सबसे बड़ा नाला उफान पर आ गया, जिससे सीतामणी बस्ती के वैष्णो दरबार मोहल्ला और केवट मोहल्ला इलाकों के साथ-साथ आस-पास की बस्तियों में भी भारी जलभराव हो गया. बाढ़ का पानी 100 से ज्यादा घरों में घुस गया और ऐतिहासिक व प्राचीन राम गुफा मंदिर परिसर तक पहुंच गया, जिससे स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई.
मूसलाधार बारिश के बाद कोरबा में बिगड़े हालात
पानी का स्तर अचानक बढ़ने से लोगों को तैयारी का कोई समय नहीं मिला, अफरा-तफरी के बीच उन्हें अपने घरों से पानी निकालने और राशन समेत घर का सामान सुरक्षित जगहों पर ले जाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी. इस बीच जलभराव की वजह से स्थानीय लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई. इलाके के पूर्व पार्षद और स्थानीय लोगों के मुताबिक, हर मानसून में नाले के ओवरफ्लो होने से आसपास के इलाकों में जलभराव की समस्या होती है. इसके बावजूद नगर प्रशासन नाले की सफाई या जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने के लिए कोई ठोस कदम उठाने में नाकाम रहा है.
पूर्व पार्षद ने प्रशासन से की मांग
इलाके के पूर्व पार्षद ने मांग की है कि नगर प्रशासन तुरंत पानी की निकासी का इंतजाम करे, प्रभावित परिवारों को राहत दे और नाले की सफाई करे. नगर प्रशासन को यह समझना चाहिए कि बारिश के दौरान सिर्फ पानी हटाने का इंतजाम करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा. नाले की सफाई करने, जल निकासी की क्षमता बढ़ाने और प्रभावित इलाकों में स्थायी जल निकासी व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है. इस बीच, लगातार बारिश से बिगड़ते हालात प्रशासन के लिए एक चुनौती बन गए हैं. अब यह देखना बाकी है कि नगर निगम प्रभावित इलाकों में राहत और पानी की निकासी को लेकर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है.
ओवर बर्डन की मिट्टी बहकर पहुंची सड़क पर
इस बीच, भारी बारिश के कारण कनबेरी सर्वमंगला मंदिर के पीछे जोड़ा ब्रिज के पास बने डंपिंग यार्ड से मिट्टी बहकर सड़क पर आ गई. बड़ी मात्रा में मिट्टी जमा होने से ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ. पानी, कीचड़ और मिट्टी जमा होने की वजह से वाहन चालकों को सड़क पर चलने में काफी परेशानी हुई. साथ ही, जब मिट्टी सड़क पर बहकर आई, तो उस समय वहां से गुजर रही एक यात्री बस और एक कार मलबे में फंस गईं. अगर लगातार बारिश के बीच और मिट्टी सड़क पर आती है, तो ट्रैफिक पूरी तरह से रुक सकता है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है.