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711 करोड़ रुपये का घर:कौन हैं दिनेश ठक्कर? जिन्होंने जुहू में खरीद डाली पूरी की पूरी 7 मंजिला इमारत!

Dinesh Thakkar Investment in Juhu: एंजेल वन के चेयरमैन दिनेश ठक्कर ने मुंबई के जुहू 711 करोड़ रुपये में एक पूरा लग्जरी टावर खरीदकर देश की सबसे बड़ी हाउसिंग डील की है. 63,000 वर्ग फीट में फैली इस प्रॉपर्टी की कीमत करीब 1.13 लाख रुपये प्रति वर्ग फीट है.

Written By Kriyanshu Saraswat
Published: Sep 22, 2026, 02:00 PM IST | Updated: Sep 22, 2026, 02:10 PM IST
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Largest Luxury Home Deal: ब्रोकिंग इंडस्ट्री के दिग्गज और एंजेल वन (Angel One) के फाउंडर, चेयरमैन और एमउी दिनेश ठक्कर ने देश की सबसे बड़ी रेजिडेंशियल डील की है. उन्होंने मुंबई के पॉश एरिया जुहू में एम्बेसी टेरैजा (Embassy Terazza) प्रोजेक्ट के तहत 711 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से एक पूरा G+7 रेजिडेंशियल टावर खरीद लिया है. रेरा (RERA) कॉरपेट एरिया के हिसाब से 63,000 वर्ग फीट में फैली इस प्रॉपर्टी की कीमत करीब 1.13 लाख रुपये प्रति वर्ग फीट है. यह जुहू में अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है. सालों की कड़ी मेहनत और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के सफर के बाद दिनेश ठक्कर का यह आलीशान आशियाना चर्चा का कारण बना हुआ है.

दिनेश ठक्कर ने पूरा लग्जरी रेजिडेंशियल टावर खरीदकर नया कीर्तिमान गढ़ दिया है. यह डील 711 करोड़ रुपये से ज्यादा की है, जो देश में अब तक की सबसे बड़ी सिंगल हाउसिंग डील में से एक मानी जा रही है. जुहू तारा रोड स्थित एंबेसी टेरैजा (Embassy Terazza) प्रोजेक्ट का यह टावर आम अपार्टमेंट नहीं है, यह पूरा G+7 टावर है. एंबेसी डेवलपमेंट्स ने इसे देश की सबसे बड़ी सिंगल रेजिडेंशियल यूनिट ट्रांजेक्शन करार दिया है. इस डील के बारे में सुनकर आपके मन में भी सवाल उठ रहा होगा कि आखिर दिनेश ठक्कर हैं कौन? आइए जानते हैं उनके बारे में विस्तार से-

कौन हैं दिनेश ठक्कर?

दिनेश ठक्कर वह शख्स हैं, जिन्होंने भारतीय ब्रोकिंग इंडस्ट्री को ट्रेडिशनल तरीकों से निकालकर डिजिटल युग में लाकर खड़ा कर दिया. उन्होंने 1996 में Angel One की नींव रखी थी. शुरुआत में यह एक ट्रेडिशनल स्टॉक ब्रोकरेज फर्म थी, जिसे बाद में उन्होंने एक डिजिटल फर्स्ट फाइनेंशियल सर्विस कंपनी में बदल दिया. साल 2019 से इस कंपनी के डिजिटल सफर की शुरुआत हुई और आज यह टियर-2 और टियर-3 सिटी के ग्राहकों के बीच गहरी पैठ बना चुकी है. दिनेश ठक्कर का शुरू से लेकर अब क का सफर आसान नहीं रहा है. उन्होंने पहले भी बताया था, कैसे उन्होंने बिजनेस में शॉर्टकट के बजाय लॉन्ग टर्म सोच को अपनाया.

साल 2001 में उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि डॉट-कॉम बबल के समय उन्होंने इंटरनेट ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर भारी निवेश किया और अपनी करीब 80 प्रतिशत कैपिटल गंवा दी. अपनी इस असफलता को छिपाने के बजाय उन्होंने एंजेल वन में 'फेलियर क्लब' की शुरुआत की, जहां कर्मचारी उन प्रोजेक्ट पर चर्चा कर सकें जो असफल रहे. इसे शुरू करने के पीछे उन कारणों को समझना था, जिनकी वजह से नुकसान हुआ.

किराये के घर में रहना पसंद करते थे ठक्कर

करियर के शुरुआती में दिनेश ठक्कर प्रॉपर्टी खरीदने के बजाय किराये के मकान में रहना पसंद करते थे. लगभग 38 से 40 साल की उम्र तक उन्होंने घर किराये पर ही लिया. उनका मानना था कि करियर की शुरुआत में उन्हें अपनी कमाई को रियल एस्टेट में लगाने की बजाय बिजनेस में लगानी चाहिए. क्योंकि, उनका बिजनेस कहीं बेहतर रिटर्न दे रहा था. जब उनकी फैमिली और करियर पूरी तरह से सेटल हो गए तब उन्होंने खुद का घर खरीदने का फैसला किया. अब 711 करोड़ की यह मेगा डील उनकी लाइफ का सबसे बड़ा निवेश बन गया.

क्या है टॉवर की खासियत?

यह डील अपनी कीमत के कारण ही नहीं, बल्कि इसमें उन्होंने सिंगल फ्लैट नहीं बल्कि पूरा G+7 टावर खरीदा है. यह प्रॉपर्टी एंबेसी टेरैजा का हिस्सा है, जो दो एकड़ से ज्यादा एरिया में फैला हुआ 5 टावर का बड़ा प्रोजेक्ट है. इस प्रोजेक्ट में कुल 50 अपार्टमेंट और करीब 3,000 करोड़ से ज्यादा का ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) शामिल है. टावर को एंबेसी डेवलपमेंट्स द्वारा डेवलप किया जा रहा है. दिनेश ठक्कर ने अपने नए आशियाने का नाम 'एंजेलस' रखा है.

फिटनेस, सुपरकार्स और लग्जरी का शौक

कारोबार के अलावा दिनेश ठक्कर फिटनेस और लग्जरी कारों के शौकीन हैं. कमर पर चोट के बावजूद उन्होंने गंभीर वेट ट्रेनिंग और फिटनेस को अपने डेली रूटीन का हिस्सा बना रखा है. उनका बेटा सर्टिफाइड फिटनेस कोच हैं. इसके अलावा उनके पास कारों का शानदार बेड़ा है, जिसमें मिनी कूपर, एएमजी जीटी एस, लेम्बोर्गिनी हुराकन परफॉर्मंते, एएमजी जी-वैगन, फेरारी 488 पिस्ता और पोर्श जीटी3 आरएस जैसी सुपरकार्स शामिल हैं.

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About the Author

क्रियांशु सारस्वत वरिष्ठ बिजनेस जर्नलिस्ट (Business Journalist) हैं, उन्हें डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 साल का अनुभव है. मौजूदा समय में वह Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में बतौर 'असिस्टेंट न्यूज एडिटर' कार्यरत हैं. क्रियांशु को बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, टैक्सेशन, कमोडिटी और सरकारी योजनाओं आदि से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में महारथ हासिल है. Zee News से पहले क्रियांशु ने टाइम्स इंटरनेट, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और अमर उजाला की वेबसाइट में अहम संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं. इस दौरान क्रियांशु ने ऑटो, टेक्नोलॉजी और लाइफस्‍टाइल लीड की जिम्मेदारी संभाली है. अभी क्रियांशु बिजनेस लीड हैं. यूपी से ताल्‍लुक रखने वाले क्र‍ियांशु पत्रकार‍िता में पोस्ट ग्रेजुएट हैं.
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