वैष्णो देवी जाने वालों के लिए बड़ा अपडेट, 1 नवंबर से बदल जाएगा किराया, वन-वे सफर के लिए देने होंगे ₹2,700
माता वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ा अपडेट है. 1 नवंबर से कटरा से सांझीछत तक हेलीकॉप्टर सर्विस लेने के लिए ज्यादा किराया देना होगा.
Helicopter fare to increase from November 1 : माता वैष्णो देवी मंदिर जाने के लिए कटरा से सांझीछत तक हेलीकॉप्टर सर्विस लेने की योजना बना रहे श्रद्धालुओं को 1 नवंबर से ज्यादा किराया देना होगा. हेलीकॉप्टर का किराया संशोधित कर दिया गया है, जिससे भक्तों के लिए ये यात्रा पहले के मुकाबले महंगी हो जाएगी. ये नई किराया व्यवस्था 1 नवंबर से लागू होगी. नई किराया व्यवस्था के तहत कटरा से सांझीछत तक वन-वे टिकट की कीमत ₹2,700 होगी, जबकि राउंड-ट्रिप टिकट के लिए ₹5,400 देने होंगे.
फिलहाल वन-वे किराया ₹2,320 है, जबकि राउंड-ट्रिप का किराया ₹4,640 है. यानी वन-वे यात्रा के किराए में ₹380 और वापसी की यात्रा के किराए में ₹760 की बढ़ोतरी की गई है.
1 नवंबर से लागू होगा नया किराया
संशोधित किराया 1 नवंबर से लागू होगा. हेलीकॉप्टर सेवा उन श्रद्धालुओं के बीच काफी लोकप्रिय है, जो यात्रा का समय कम करना चाहते हैं या मंदिर तक की कठिन चढ़ाई से बचना चाहते हैं. हर साल जम्मू-कश्मीर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर में लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. जहां कई तीर्थयात्री कटरा से भवन तक पैदल यात्रा करना पसंद करते हैं. वहीं, कुछ श्रद्धालु अपनी यात्रा पूरी करने के लिए हेलीकॉप्टर, बैटरी कार, घोड़े या पालकी का विकल्प चुनते हैं.
कटरा से सांझीछत के बीच चलती है हेलीकॉप्टर सेवा
हेलीकॉप्टर सेवा कटरा और सांझीछत के बीच संचालित होती है. सांझीछत से श्रद्धालुओं को भवन तक पहुंचने के लिए थोड़ी दूरी पैदल तय करनी पड़ती है. यह सेवा खास तौर पर वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों वाले लोगों के लिए उपयोगी मानी जाती है. किराए में ये बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने पर लगातार जोर दे रहा है.
हाल ही में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रद्धाइन बोर्ड की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सेवाओं को बेहतर बनाने के प्रयासों की सराहना की. श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के स्थापना दिवस और माता वैष्णो देवी गुरुकुल के वार्षिक दिवस समारोह के दौरान उन्होंने कहा कि ये उपलब्धियां समर्पण, अनुशासन और सेवा भावना को दर्शाती हैं.