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फ्लाइट के मनमाने किराए पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार, 16 नवंबर तक नियम बनाए सरकार

Airlines Ticket: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को 16 नवंबर तक एयरलाइंस कंपनियों के किराए के लिए नियम बनाने का आदेश दिया है. कोर्ट की फटकार के बाद एयरलाइंस मनमर्जी का किराया वसूल नहीं सकेंगी.

Written By Bavita Jha
Published: Oct 16, 2026, 03:20 PM IST | Updated: Oct 16, 2026, 05:39 PM IST
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Supreme Court on Air Fare: होली-दिवाली हो या किसी वैकेशन सीजन. एयरलाइन टिकटों का ग्राफ रॉकेट की रफ्तार से भागता है. जो फ्लाइट टिकट आम दिनों में 2500 से 3000 रुपये से बीच मिल जाता है, फेस्टिव सीजन में डिमांड बढ़ने पर वो 10000-12000 रुपये तक पहुंच जाता है. दिवाली-छठ में फ्लाइट टिकटों के फेयर देखकर इन एयरलाइन कंपनियों की मनमानी आप आसानी से समझ लेंगे.  एयरलाइंस मनमानी करती है, क्योंकि किराया तय करने के लिए कोई नियम नहीं है, कोई सरकारी नियामक नहीं है, जो उनके किराए पर नियंत्रण रख सके. अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार को फटकार लगाई है. 

महंगे फ्लाइट टिकट पर सुप्रीम कोर्ट की क्लास 

महंगे फ्लाइट टिकट पर सुप्रीम कोर्ट लगाम लगाने की तैयारी में है. देश की सर्वोच्च अदालत ने इसे लेकर कोर्ट को फटकार लगाते हुए 2 हफ्ते के भीतर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने केंद्र सरकार 16 नवंबर तक अपीन रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है.  

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निजी एयरलाइंस कंपनियों के मनमाने किराए, सरचार्ज पर लगाम लगाने के लिए  अपने नियमों को अंतिम रूप देने के लिए कहा है. सरकार का पक्ष रखते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार ने एयरलाइंस के लिए किराया तय करने का नियम बना लिया है और अगले दो हफ्तों में इसे प्रकाशित कर दिया जाएगा. दरअसल एयरलाइंस के महंगे टिकटों को लेकर एक PIL दाखिल किया गया. जिसमें  आरोप लगाया गया है कि निजी एयरलाइंस मनमाने तरीके से हवाई किराया तय करती है. अपनी मनमर्जी से वो यात्रियों से अलग-अलग चार्ज वसूलती है.

एयरलाइंस कंपनियों पर आरोप

याचिका ने आरोप लगाया गया है कि प्राइवेट एयरलाइन कंपनियों के किराए को नियंत्रित करने के लिए सरकार के पास कोई नियम-कानून नहीं है. कोई नियामक नहीं है, जो एयरलाइंस के किराए पर निगरानी रखे. कंपनियां मनमाने ढंग से जब चाहे यात्रियों से अतिरिक्त चार्ज वसूल लेती है. कभी सरचार्ज के नाम पर, कभी डायनामिक प्राइसिंग , कभी बैगेज चार्ज के नाम पर यात्रियों से किराए पर वसूली की जाती है.  

सरकार को सख्त निर्देश  

सुप्रीम कोर्ट ने निजी एयरलाइन कंपनियों के मनमाने किराए पर सख्ती का निर्देश दिया है. कोर्ट ने अगस्त 2026 में याचिका की सुनवाई के दौरान कहा था कि अगर एयरलाइंस इन नियमों का पालन न करें, तो सरकार उन्हें उड़ान भरने से रोके. कोर्ट की फटकार के बाद अब सरकार ने नियम लगाने की तैयारी कर ली है. सरकार के नियम बनाने के बाद से महंगा हवाई टिकटों से, खासकर फेस्टिव सीजन में हाई फेयर से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
 

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About the Author

बवीता झा बिजनेस पत्रकार हैं, उन्हें डिजिटल और टीवी न्यूज़ मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News Hindi (Digital) में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. व्यापार जगत की जटिलताओं और आर्थिक आंकड़ों को आम पाठकों के लिए सरल भाषा में डिकोड करना उनका मजबूत पक्ष है.  • शेयर बाजार • बिजनेस एक्सप्लेनर • पर्सनल फाइनेंस और टैक्सेशन  • कमोडिटी, गोल्ड-सिल्वर ट्रेड• ग्लोबल ट्रेड • जियो इकोनॉमिकस डेवलपमेंट • कारोबार से जुड़ी सरकारी योजना और पॉलिटी • बिजनेस और मार्केट ट्रेंडZee News से पहले बवीता ने नवभारत टाइम्स (NBT) के बिजनेस सेक्शन और Oneindia जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल संस्थानों में इवनिंग शिफ्ट, होम पेज मैनेजमेंट और ट्रेडिंग न्यूज़ की अहम जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं. इसके अलावा महुआ न्यूज़, जनसंदेश और सहारा जैसे टीवी चैनलों में प्रोग्राम प्रोड्यूसर और रनडाउन मैनेजमेंट का उनके पास 4 वर्षों का ठोस अनुभव है.  दिल्ली से पत्रकारिता में स्नातक और गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाली बवीता, खबरों की सत्यता और वित्तीय मामलों की सटीक रिपोर्टिंग को प्राथमिकता देती हैं.  बवीता झा से आप bavita.jha@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स  पर https://x.com/youthreporter2 के जरिए सीधे जुड़ सकते हैं. सोशल मीडिया पर कनेक्ट होने के लिए फेसबुक पेज https://www.facebook.com/bavita.jha , इंस्टाग्राम instagram.com/bavita.jha पर जुड़ सकते हैं. बवीता झा की खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं.
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