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PPF-सुकन्या समृद्धि के निवेशकों के लिए कल का दिन बेहद खास, क्या अब ज्यादा ब्याज मिलेगा? सरकार लेगी फैसला

PPF Interest Rate: महंगाई और बॉन्ड यील्ड में तेजी के बीच 30 सितंबर 2026 को फाइनेंस मिनिस्ट्री की तरफ से स्मॉल सेविंग स्कीम की ब्याज दर को लेकर तिमाही समीक्षा की जानी है. इस समीक्षा के बाद अब क्या पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि और SCSS पर ब्याज दरें बढ़ेंगी. आइए जानते हैं-

PPF-सुकन्या समृद्धि के निवेशकों के लिए कल का दिन बेहद खास, क्या अब ज्यादा ब्याज मिलेगा? सरकार लेगी फैसला

Small Saving Schemes Interest Rate: अगर आप भी पोस्ट ऑफिस या बैंक की स्मॉल सेविंग स्कीम जैसे पीपीएफ (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) या सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) में निवेश करते हैं तो यह खबर आपके काम की है. जी हां, इनमें से किसी भी योजना में निवेश करने वालों के लिए 30 सितंबर 2026 का दिन बेहद खास होने वाला है. फाइनेंस मिनिस्ट्री 30 सितंबर को 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक की तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग स्कीम की ब्याज दर की समीक्षा करने जा रहा है. देश में बढ़ती महंगाई और सरकारी बॉन्ड यील्ड में आए उछाल के बाद निवेशकों के मन में यह सवाल है कि क्या इस बार सरकार ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर बड़ा तोहफा देने जा रही है.

दरअसल, फाइनेंस मिनिस्ट्री की तरफ से हर तिमाही की शुरुआत से पहले स्मॉल सेविंग स्कीम की ब्याज दर को लेकर समीक्षा की जाती है. कल यानी 30 सितंबर 2026 को होने वाली यह समीक्षा अक्टूबर से दिसंबर 2026 की तिमाही के लिए की जाएगी. यदि सरकार की तरफ से इस बार ब्याज दर में इजाफा किया जाता है तो दिसंबर 2024 के बाद यह पहला मौका होगा जब छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दर बदलेगी. दिसंबर 2024 में सरकार ने सुकन्या समृद्धि और तीन साल की टर्म डिपॉजिट स्कीम की ब्याज दर में इजाफा किया था. उसके बाद से 9 तिमाही से किसी भी योजना की ब्याज दर में बदलाव नहीं किया गया है.

बढ़ती महंगाई का असर होगा?

अक्सर जब देश में महंगाई बढ़ती है तो सरकार और आरबीआई (RBI) निवेशकों को महंगाई की मार से बचाने के लिए स्मॉल सेविंग्स पर आकर्षक रिटर्न बनाए रखने की कोशिश करते हैं. यदि हालिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) पर नजर डालें तो अप्रैल 2026 में महंगाई दर 3.48% थी, यह अगस्त के महीने में बढ़कर 4.82% पर पहुंच गई. यह महंगाई दर आरबीआई की 6% की अपर लिमिट से नीचे है. लेकिन 4.82% की दर से बाजार में महंगाई का दबाव महसूस किया जा रहा है. आने वाले महीनों में महंगाई दर के बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है. इससे सरकार स्मॉल सेविंग्स पर ब्याज दर बढ़ा सकती है.

गवर्नमेंट बॉन्ड यील्ड में तेजी

ब्याज दर तय करने के लिए साल 2014 में श्यामला गोपीनाथ कमेटी की तरफ से मार्केट लिंक्ड फॉर्मूला दिया गया था. इस फॉर्मूले के तहत स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दर को पिछले तीन महीने की सरकारी सिक्योरिटीज यानी बॉन्ड यील्ड के एवरेज परफारमेंस से जोड़ा जाता है. उसमें 0.25% से 1% तक का फायदा जोड़ा जाता है ताकि यह निवेशकों के लिए फायदेमंद रहे. हालिया महीनों में 10 साल वाले सरकारी बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 7% से ऊपर चली गई है. बॉन्ड यील्ड बढ़ने पर स्मॉल सेविंग्स स्कीम की ब्याज दर बढ़ाने का दबाव रहता है.

PPF और सुकन्या समृद्धि पर क्या होगा फैसला?

मौजूदा समय में पीपीएफ (PPF) पर निवेशकों को सरकार की तरफ से 7.1% का सालाना ब्याज दिया जा रहा है. यदि जून 2026 से सितंबर 2026 के बीच 10 साल की G-Sec यील्ड का 3 महीने का एवरेज देखें तो यह करीब 6.87% रहा है. श्यामला गोपीनाथ फॉर्मूले के अनुसार 0.25% (25 बेसिस पॉइंट्स) जोड़ दिया जाए तो यह दर 7.12% हो जाती है. यानी फॉर्मूले से PPF पर मिलने वाला 7.1% का ब्याज बॉन्ड यील्ड के मुकाबले कुछ कम पड़ रहा है. इससे सरकार के पास पीपीएफ (PPF) पर ब्याज दर बढ़ाने का मौका है. हालांकि, सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) और सुकन्या समृद्धि पर पहले से ही 8.2% का ब्याज मिल रहा है.

क्या सरकार पर रेट बढ़ाने का दबाव है?

यहां सबसे जरूरी बात यह है कि श्यामला गोपीनाथ कमेटी का फॉर्मूला महज एक सिफारिश है. फाइनेंस मिनिस्ट्री इस फॉर्मूले को मानने के लिए कानूनी रूप से बाध्य नहीं है. इससे पहले भी कई मौकों पर बॉन्ड यील्ड घटने के बावजूद सरकार ने निवेशकों के हित में ब्याज दर में किसी तरह की कटौती नहीं की थी. इसके अलावा मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में स्मॉल सेविंग स्कीम में कलेक्शन साल दर साल के आधार पर करीब 41% बढ़ा है. यानी फंड जुटाने के मामले में सरकार पर किसी तरह का दबाव नहीं है. देखना यह है कि क्या सरकार की तरफ से 30 सितंबर को की जाने वाली समीक्षा में पुरानी दर को ही बरकरार रखा जाता है या इसमें किसी तरह का बदलाव होता है?

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About the Author

Kriyanshu Saraswat

Kriyanshu Saraswat

क्रियांशु सारस्वत वरिष्ठ बिजनेस जर्नलिस्ट (Business Journalist) हैं, उन्हें डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 साल का अनुभव है. मौजूदा समय में वह Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में बतौर 'असिस्टेंट न्यूज एडिटर' कार्यरत हैं. क्रियांशु को बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, टैक्सेशन, कमोडिटी और सरकारी योजनाओं आदि से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में महारथ हासिल है. Zee News से पहले क्रियांशु ने टाइम्स इंटरनेट, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और अमर उजाला की वेबसाइट में अहम संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं. इस दौरान क्रियांशु ने ऑटो, टेक्नोलॉजी और लाइफस्‍टाइल लीड की जिम्मेदारी संभाली है. अभी क्रियांशु बिजनेस लीड हैं. यूपी से ताल्‍लुक रखने वाले क्र‍ियांशु पत्रकार‍िता में पोस्ट ग्रेजुएट हैं.
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