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4 साल बाद बढ़ा रेपो रेट, RBI के ऐलान से महंगा हुआ लोन, फिर कैसे संभला बाजार ?

Share Market : रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर दी गई, 4 साल बाद रिजर्व बैंक ने ब्याज दर बढ़ाने का फैसला किया, लेकिन इसके बावजूद शेयर बाजार में खरीदारी दिखी

Written By Bavita Jha
Published: Oct 07, 2026, 10:43 AM IST | Updated: Oct 07, 2026, 11:15 AM IST
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Share Market: 7 अक्टूबर, बुधवार को शेयर बाजार फिर गिरा. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में बड़ी गिरावट देखने को मिली. सेसेंक्स और निफ्टी गिरावट के साथ खुले. विदेशों से मिल रहे संकेतों की वजह से भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली, लेकिन जैसे ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 4 साल बाद रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी का ऐलान किया, बाजार संभलता दिखा.  

आरबीआई के फैसले से संभला शेयर बाजार  

शेयर बाजार में बुधवार को बड़ी गिरावट के साथ खुला. सेंसेक्स 400 से ज्यादा अंकों की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था, लेकिन आरबीआई के ऐलान के बाद बाजार में शानदार रिकवरी दिखी. सेंसेक्स की गिरावट -199.60 अंक पर पहुंच गया. सेंसेक्स 72,868.21 अकं पर ट्रेड कर रहा है.  

RBI के फैसले से क्यों संभला शेयर बाजार  

RBI की रेपो रेट दर में बढ़ोतरी के ऐलान से ज्यादा आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा के आगे के बयान पर मिले संकेतों से बाजार का सेंटीमेंट पॉजिटिव बना. बाजार ब्याज दरों में बढ़ोतरी को पहले ही डिस्काउंट कर चुका था. आरबीआई गवर्नर की ओर से GDP ग्रोथ के अनुमान से बाजार के लिए बूस्टर डोज का काम किया. बैंक निफ्टी दिन के निचले स्तर से पूरी रिकवरी करता दिखा.  

बाजार को मिला सपोर्ट  

आरबीआई ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर महंगाई पर नियंत्रण के लिए कदम उठाया. आरबीआई के 25 बेसिस अंक की इस बढ़ोतरी को एक्सपर्ट नपा-तुला कदम मान रहे हैं. जिस तरह से कच्चे तेल की कीमत हाई पर बनी हुई है.आरबीआई की ओर से ये कदम उठाना जरूरी था.  खुदरा महंगाई आरबीआई के 4 फीसदी लक्ष्य से ऊपर है, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड हाई पर है, ऐसे में अर्थव्यवस्था और नकदी फ्लो को नियंत्रित करना जरूरी है.

भारत की GDP ग्रोथ पर आरबीआई को भरोसा 

आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी वृद्धि का अनुमान 6.7 फीसदी तय किया था, जिसे अब बढ़ाकर 7.1 फीसदी कर दिया है. महंगाई की चिंता के बावजूद आरबीआई ने भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार पर भरोसा बढ़ाया है, जिसने बाजार का सेंटीमेंट पॉजिटिव करने में मदद की.  
 

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About the Author

बवीता झा बिजनेस पत्रकार हैं, उन्हें डिजिटल और टीवी न्यूज़ मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News Hindi (Digital) में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. व्यापार जगत की जटिलताओं और आर्थिक आंकड़ों को आम पाठकों के लिए सरल भाषा में डिकोड करना उनका मजबूत पक्ष है.  • शेयर बाजार • बिजनेस एक्सप्लेनर • पर्सनल फाइनेंस और टैक्सेशन  • कमोडिटी, गोल्ड-सिल्वर ट्रेड• ग्लोबल ट्रेड • जियो इकोनॉमिकस डेवलपमेंट • कारोबार से जुड़ी सरकारी योजना और पॉलिटी • बिजनेस और मार्केट ट्रेंडZee News से पहले बवीता ने नवभारत टाइम्स (NBT) के बिजनेस सेक्शन और Oneindia जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल संस्थानों में इवनिंग शिफ्ट, होम पेज मैनेजमेंट और ट्रेडिंग न्यूज़ की अहम जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं. इसके अलावा महुआ न्यूज़, जनसंदेश और सहारा जैसे टीवी चैनलों में प्रोग्राम प्रोड्यूसर और रनडाउन मैनेजमेंट का उनके पास 4 वर्षों का ठोस अनुभव है.  दिल्ली से पत्रकारिता में स्नातक और गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाली बवीता, खबरों की सत्यता और वित्तीय मामलों की सटीक रिपोर्टिंग को प्राथमिकता देती हैं.  बवीता झा से आप bavita.jha@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स  पर https://x.com/youthreporter2 के जरिए सीधे जुड़ सकते हैं. सोशल मीडिया पर कनेक्ट होने के लिए फेसबुक पेज https://www.facebook.com/bavita.jha , इंस्टाग्राम instagram.com/bavita.jha पर जुड़ सकते हैं. बवीता झा की खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं.
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