4 साल बाद बढ़ा रेपो रेट, RBI के ऐलान से महंगा हुआ लोन, फिर कैसे संभला बाजार ?
Share Market : रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर दी गई, 4 साल बाद रिजर्व बैंक ने ब्याज दर बढ़ाने का फैसला किया, लेकिन इसके बावजूद शेयर बाजार में खरीदारी दिखी
Share Market: 7 अक्टूबर, बुधवार को शेयर बाजार फिर गिरा. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में बड़ी गिरावट देखने को मिली. सेसेंक्स और निफ्टी गिरावट के साथ खुले. विदेशों से मिल रहे संकेतों की वजह से भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली, लेकिन जैसे ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 4 साल बाद रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी का ऐलान किया, बाजार संभलता दिखा.
आरबीआई के फैसले से संभला शेयर बाजार
शेयर बाजार में बुधवार को बड़ी गिरावट के साथ खुला. सेंसेक्स 400 से ज्यादा अंकों की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था, लेकिन आरबीआई के ऐलान के बाद बाजार में शानदार रिकवरी दिखी. सेंसेक्स की गिरावट -199.60 अंक पर पहुंच गया. सेंसेक्स 72,868.21 अकं पर ट्रेड कर रहा है.
RBI के फैसले से क्यों संभला शेयर बाजार
RBI की रेपो रेट दर में बढ़ोतरी के ऐलान से ज्यादा आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा के आगे के बयान पर मिले संकेतों से बाजार का सेंटीमेंट पॉजिटिव बना. बाजार ब्याज दरों में बढ़ोतरी को पहले ही डिस्काउंट कर चुका था. आरबीआई गवर्नर की ओर से GDP ग्रोथ के अनुमान से बाजार के लिए बूस्टर डोज का काम किया. बैंक निफ्टी दिन के निचले स्तर से पूरी रिकवरी करता दिखा.
बाजार को मिला सपोर्ट
आरबीआई ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर महंगाई पर नियंत्रण के लिए कदम उठाया. आरबीआई के 25 बेसिस अंक की इस बढ़ोतरी को एक्सपर्ट नपा-तुला कदम मान रहे हैं. जिस तरह से कच्चे तेल की कीमत हाई पर बनी हुई है.आरबीआई की ओर से ये कदम उठाना जरूरी था. खुदरा महंगाई आरबीआई के 4 फीसदी लक्ष्य से ऊपर है, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड हाई पर है, ऐसे में अर्थव्यवस्था और नकदी फ्लो को नियंत्रित करना जरूरी है.
भारत की GDP ग्रोथ पर आरबीआई को भरोसा
आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी वृद्धि का अनुमान 6.7 फीसदी तय किया था, जिसे अब बढ़ाकर 7.1 फीसदी कर दिया है. महंगाई की चिंता के बावजूद आरबीआई ने भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार पर भरोसा बढ़ाया है, जिसने बाजार का सेंटीमेंट पॉजिटिव करने में मदद की.