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September Aviation Data : सितंबर 2026 में देश में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या में काफी गिरावट दर्ज की गई है. सितंबर के महीने में घरेलू एयरलाइनों ने लगभग 11.823 मिलियन (1.1823 करोड़) यात्रियों को यात्रा कराई, जबकि अगस्त में यह संख्या 12.643 मिलियन (1.2643 करोड़) थी यानी पिछले महीने के मुकाबले इसमें 6.49% की कमी आई है.
जनवरी से सितंबर 2026 के बीच घरेलू एयरलाइनों से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में भी पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 0.82% की गिरावट देखी गई है. ये आंकड़े बताते हैं कि सितंबर में घरेलू हवाई यात्रा की मांग पिछले महीने की तुलना में कम रही है.
घरेलू विमानन बाजार में इंडिगो की पकड़ सबसे मजबूत बनी हुई है. सितंबर 2026 में इसकी बाजार हिस्सेदारी 65.4% रही. वहीं, 26.8% बाजार हिस्सेदारी के साथ एयर इंडिया ग्रुप दूसरे स्थान पर रहा है. समय पर उड़ान भरने (ऑन-टाइम परफॉरमेंस) के मामले में भी इंडिगो का प्रदर्शन अच्छा रहा, जिसकी 91.1% उड़ानें तय समय पर संचालित हुईं हैं. 90.8% के साथ अकासा एयर दूसरे स्थान पर रही, जबकि एयर इंडिया ग्रुप की 81.7% उड़ानें समय पर रहीं हैं.
सितंबर के आंकड़ों में उड़ानें रद्द करने के मामले में स्पाइसजेट का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है. इसकी 20.29% उड़ानें रद्द कर दी गईं यानी हर 100 निर्धारित उड़ानों में से लगभग 20 उड़ानें रद्द हुईं. इंडिया वन एयर की उड़ानें रद्द होने की दर 15.56% रही है. सितंबर में सभी घरेलू एयरलाइनों की कुल निर्धारित उड़ानों में से 1.15% उड़ानें रद्द हुईं हैं. इस तरह स्पाइसजेट की उड़ानें रद्द होने की दर इंडस्ट्री के औसत से काफी अधिक रही.
स्पाइसजेट का प्रदर्शन न केवल उड़ानें रद्द करने के मामले में बल्कि उड़ानों में देरी के मामले में भी खराब रहा है. सितंबर में इसकी 39.36% उड़ानें दो घंटे से ज्यादा देरी से चलीं यानी हर 20 में से लगभग 4 उड़ानें दो घंटे से ज्यादा लेट थीं. सभी घरेलू एयरलाइनों की कुल उड़ानों में से 1.19% उड़ानें दो घंटे से अधिक देरी से चलीं.
सितंबर 2026 में, घरेलू एयरलाइनों के खिलाफ यात्रियों की कुल 2,448 शिकायतों का समाधान किया गया, जबकि 18 शिकायतें पेंडिंग (लंबित) रहीं हैं. सबसे अधिक शिकायतें 29.6% उड़ानों से जुड़ी समस्याओं के बारे में थीं. इसके बाद सामान (बैगेज) से जुड़ी शिकायतें (22.7%) और रिफंड से जुड़े मुद्दे (20.8%) रहे.
जब यात्रियों की संख्या के अनुपात में शिकायतों की संख्या देखी गई, तो एलायंस एयर इस लिस्ट में सबसे ऊपर रही हैं. सितंबर में, इसने प्रति 10,000 यात्रियों पर 75.1 शिकायतें दर्ज कीं, जबकि स्पाइसजेट के लिए ये आंकड़ा 14.3 था.
सितंबर के आंकड़ों के मुताबिक, समय पर उड़ान भरने के मामले में इंडिगो और अकासा एयर सबसे आगे रहीं, जबकि स्पाइसजेट के मामले में उड़ानें रद्द होने और लंबी देरी की दर काफी ज्यादा रही. हालांकि, सिर्फ एक महीने के आंकड़ों के आधार पर भविष्य की हर उड़ान के नतीजों का अनुमान नहीं लगाया जा सकता. अगर आप हवाई यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो टिकट बुक करते समय फ्लाइट के समय, एयरलाइन की ओर से दी गई ताजा जानकारी और यात्रा से पहले मिलने वाले किसी भी अपडेट पर पूरा ध्यान दें. इससे फ्लाइट में बदलाव या देरी होने की स्थिति में आपको अपनी योजनाओं को बेहतर ढंग से संभालने में मदद मिल सकती है.