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Bank strike: अगर चेक क्लियरेंस, पासबुक अपडेट, कैश विड्रॉल, लोन आदि से जुड़ा बैंक से जुड़ा कोई काम अटका हुआ है, तो उसे आज ही निपटा लें. रविवार की छुट्टी होने के बावजूद आज देशभर में सभी सरकारी बैंक खुले हुए हैं. 10 साल में ये पहली बार हुआ है, जब संडे को बैंकों की छुट्टी रद्द कर उसे आम लोगों के कामकाज के लिए खोला गया है. इससे पहले साल 2016 में नोटबंदी के दौरान हुआ था, जब रविवार को बैंकों को वर्किंग रखा गया था.
3 दिन लगातार बैंकों की हड़ताल
28 सितंबर, सोमवार से लेकर 30 सितंबर, बुधवार को देशभर में बैंकों की हड़ताल रहने वाली है. सभी सरकारी बैंकों के कर्मचारी तीन दिनों की हड़ताल पर जा रहे हैं, जिसकी वजह से बैंकिंग कामकाज प्रभावित रहने वाला है. आम ग्राहकों के लिए बैंकिंग सेवाएं अब सीधे गुरुवार , 1 अक्टूबर को शुरू होगी. लगातार तीन दिनों की हड़ताल की वजह से ग्राहकों को होने वाली असुविधा को कम किया जा सके, इसके लिए रविवार, 27 सितंबर को भी बैंक खोले गए.
बैंक हड़ताल में कौन-कौन सी सर्विस बंद रहेगी
बैंक यूनियन की हड़ताल 28 सितंबर से 30 सितंबर तक रहने वाली है. सरकार ने इस हड़ताल को टालने की कोशिश की, लेकिन यूनियन के साथ बातचीत नहीं बनने पर हड़ताल का फैसला जारी रहा. 28, 29 और 30 सितंबर को देशभर के सभी सरकार, राजकीय और सहकारी बैंकों में कामकाज प्रभावित रहेगा. बैंकों की हड़ताल के दौरान कई बैंकिंग सर्विसेस प्रभावित रहेंगी.
बैंक हड़ताल के दौरान भी जारी रहेगी बैंकों की ये सर्विस

ATM से कैश निकालने पर कोई चार्ज नहीं
बैंकिंग नियम के तहत तय सीमा के बाद बैंकों से कैश निकालने पर चार्ज लगता है, लेकिन हड़ताल को देखते हुए बैंकों ने इसे फ्री कर दिया है. यानी 28 से 30 सितंबर के बीच अगर आप एटीएम मशीन से कैश निकालते हैं, तो आपको कोई सर्विस चार्ज नहीं देना होगा. अगर आपकी मंथली फ्री लिमिट खत्म भी हो गई है, तब भी आपको इन तीन दिनों के दौरान एटीएम से कैश निकालने पर कोई चार्ज नहीं देना होगा. RBI के नियम के मुताबिक फ्री लिमिट के बाद ATM से कैश निकालने पर हर बार 23 रुपये + GST चार्ज लगता है.
किन-किन बैंकों ने ATM से कैश निकालना किया फ्री
क्यों हड़ताल कर रहे हैं बैंकों के कर्मचारी
बैंक कर्मचारी 5 जे वर्किंग की मांगों को लेकर तीन दिनों की हड़ताल पर जा रहे हैं. देशभर के 12 सरकारी बैंकों के 7.5 लाख कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे हैं. इस हड़ताल में देश की 7 बड़ी बैंक यूनियनें शामिल हैं, जिससे देश के 90% से ज्यादा बैंक कर्मचारी जुड़े हैं.